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नैक पीयर टीम के दौरे का अंतिम दिन आज
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रोहतक।
एमडीयू का स्टाफ टीम वर्क व लगन से काम करें तो आने वाले पांच साल में यह विवि दुनिया की टॉप 100 व देश की टॉप 10 सूची में होगा। यहां संसाधनों की कमी नहीं है। विवि का कैंपस ही आकर्षक नहीं है, यहां विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधा भी है। यह कहना है नैक टीम के अध्यक्ष प्रो. बीपी संजय का। वे वीरवार को एमडीयू में ग्रेडेशन के लिए अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद स्टाफ से बातचीत कर रहे थे। यहां अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने विवि की व्यवस्था को बेहतर बताया। हालांकि अपने आंकलन में कितने अंक दिए या रिपोर्ट में क्या लिखा, इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
नैक पीयर टीम के अध्यक्ष ने विवि को टॉप सूची में आने के लिए सुधार के कुछ बिंदू समझाते हुए कहा कि विवि के पास संसाधनों का पर्याप्त भंडार है। इसका खुल कर सदुपयोग किया जाए। प्रदेश ही नहीं दूसरे राज्यों में भी विवि अपनी पहचान बनाए। यहां के विद्यार्थियों के लिए भी अपने दरवाजे खोले। यहां के संसाधन सभी के हों। विद्यार्थियों को इनका ज्यादा से ज्यादा मिले। इसके लिए विवि को वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की जरूरी है। विवि में यह क्षमता भी है। विश्वविद्यालय प्रगति यात्रा को सही दिशा, क्षमता संवर्धन के साथ निरंतर जारी रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर विश्व-स्तरीय है। यहां का पाठ्यक्रम स्तरीय व गुणवत्तापरक है। प्रशासनिक व्यवस्था सुशासन का पर्याय है। विद्यार्थियों में सीखने की ललक है। विश्वविद्यालय के विभिन्न वर्गों में सामंजस्य है। विश्वविद्यालय परिवार में टीम वर्क साफ झलकता है। भविष्य में वैल्यू एडेड कोर्स प्रारंभ करने, अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के लिए एमडीयू की ओर से कौशल एवं शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ करने व एलुमनाई को विश्वविद्यालय प्रगति यात्रा में और अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने का सुझाव दिया। नैक पीयर टीम के समन्वयक प्रो. शीरोसीमोहन दान ने विश्वविद्यालय को बेहतरीन शैक्षणिक माहौल व भविष्योन्मुखी एप्रोच के लिए सराहा।
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एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि नैक पीयर टीम के सदस्यों से विश्वविद्यालय प्रशासन को बहुत कुछ सीखने को मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन नैक पीयर टीम के सुझावों को प्रभावी ढंग से क्रियांवित करने का हर संभव प्रयास करेगा। डीन एकेडमिक अफेयर्स व नैक प्रभारी प्रो. एके राजन ने कहा कि टीम ने मेहनत से एमडीयू के शैक्षणिक, सांस्कृतिक खेल, एक्सट्रा-करीकुलर एक्टीविटीज, प्रशासनिक प्रणाली संबंधित पहलुओं का निरीक्षण किया। इस एक्रीडेटेशन प्रोसेस में प्रभावी इनपुट्स दिए। उन्होंने नैक कार्य से जुड़े स्टीयरिंग कमेटी सदस्य, फैकल्टी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शाखा अधिकारी, विवि कर्मियों का आभार जताया। एमडीयू के विद्यार्थियों, एलुमनाई व अभिभावकों का डीन प्रो. राजन ने विशेष आभार जताया। इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा, प्रॉक्टर प्रो. एससी मलिक, परीक्षा नियंत्रक डा. बीएस सिंधु, शोध निदेशक प्रो. रेणु चुघ, चीफ वार्डन बॉयज प्रो. जेपी यादव, विभिन्न संकायों के डीन, स्टीयरिंग कमेटी सदस्य व अधिकारी उपस्थित रहे।
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एमडीयू का स्टाफ टीम वर्क व लगन से काम करें तो आने वाले पांच साल में यह विवि दुनिया की टॉप 100 व देश की टॉप 10 सूची में होगा। यहां संसाधनों की कमी नहीं है। विवि का कैंपस ही आकर्षक नहीं है, यहां विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधा भी है। यह कहना है नैक टीम के अध्यक्ष प्रो. बीपी संजय का। वे वीरवार को एमडीयू में ग्रेडेशन के लिए अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद स्टाफ से बातचीत कर रहे थे। यहां अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने विवि की व्यवस्था को बेहतर बताया। हालांकि अपने आंकलन में कितने अंक दिए या रिपोर्ट में क्या लिखा, इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
नैक पीयर टीम के अध्यक्ष ने विवि को टॉप सूची में आने के लिए सुधार के कुछ बिंदू समझाते हुए कहा कि विवि के पास संसाधनों का पर्याप्त भंडार है। इसका खुल कर सदुपयोग किया जाए। प्रदेश ही नहीं दूसरे राज्यों में भी विवि अपनी पहचान बनाए। यहां के विद्यार्थियों के लिए भी अपने दरवाजे खोले। यहां के संसाधन सभी के हों। विद्यार्थियों को इनका ज्यादा से ज्यादा मिले। इसके लिए विवि को वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की जरूरी है। विवि में यह क्षमता भी है। विश्वविद्यालय प्रगति यात्रा को सही दिशा, क्षमता संवर्धन के साथ निरंतर जारी रखने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर विश्व-स्तरीय है। यहां का पाठ्यक्रम स्तरीय व गुणवत्तापरक है। प्रशासनिक व्यवस्था सुशासन का पर्याय है। विद्यार्थियों में सीखने की ललक है। विश्वविद्यालय के विभिन्न वर्गों में सामंजस्य है। विश्वविद्यालय परिवार में टीम वर्क साफ झलकता है। भविष्य में वैल्यू एडेड कोर्स प्रारंभ करने, अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के लिए एमडीयू की ओर से कौशल एवं शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ करने व एलुमनाई को विश्वविद्यालय प्रगति यात्रा में और अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने का सुझाव दिया। नैक पीयर टीम के समन्वयक प्रो. शीरोसीमोहन दान ने विश्वविद्यालय को बेहतरीन शैक्षणिक माहौल व भविष्योन्मुखी एप्रोच के लिए सराहा।
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एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि नैक पीयर टीम के सदस्यों से विश्वविद्यालय प्रशासन को बहुत कुछ सीखने को मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन नैक पीयर टीम के सुझावों को प्रभावी ढंग से क्रियांवित करने का हर संभव प्रयास करेगा। डीन एकेडमिक अफेयर्स व नैक प्रभारी प्रो. एके राजन ने कहा कि टीम ने मेहनत से एमडीयू के शैक्षणिक, सांस्कृतिक खेल, एक्सट्रा-करीकुलर एक्टीविटीज, प्रशासनिक प्रणाली संबंधित पहलुओं का निरीक्षण किया। इस एक्रीडेटेशन प्रोसेस में प्रभावी इनपुट्स दिए। उन्होंने नैक कार्य से जुड़े स्टीयरिंग कमेटी सदस्य, फैकल्टी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शाखा अधिकारी, विवि कर्मियों का आभार जताया। एमडीयू के विद्यार्थियों, एलुमनाई व अभिभावकों का डीन प्रो. राजन ने विशेष आभार जताया। इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा, प्रॉक्टर प्रो. एससी मलिक, परीक्षा नियंत्रक डा. बीएस सिंधु, शोध निदेशक प्रो. रेणु चुघ, चीफ वार्डन बॉयज प्रो. जेपी यादव, विभिन्न संकायों के डीन, स्टीयरिंग कमेटी सदस्य व अधिकारी उपस्थित रहे।