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Rohtak News: उपायुक्त कार्यालय परिसर में पेंशनरों ने शुरू किया 24 का महापड़ाव
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फोटो 09: सोनीपत लघु सचिवालय परिसर में 24 घंटे के महापड़ाव के दौरान धरने पर बैठे पेंशनरों को समर
सोनीपत। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा से जुड़े सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में 24 घंटे का महापड़ाव शुरू किया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर यह पड़ाव शुरू किया है।
पेंशनरों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, पेंशन विधेयक-2025 वापस लेने, महंगाई भत्ते (डीए) को वेतन व पेंशन में विलय करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा समेत लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। महापड़ाव की अध्यक्षता राम मेहर शर्मा ने की और संचालन जिला सचिव सुभाष चंद्र ने किया।
कर्मचारी नेता शीलकराम मलिक ने बताया कि पेंशन विधेयक-2025 वापस लेने, आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में पुनर्विचार को शामिल करने और डीए को वेतन व पेंशन में विलय करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इसके साथ पूर्ण पेंशन बहाल करने और अंतरिम राहत देने की मांग भी उठाई।
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पेंशनरों ने उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में बढ़ोतरी, एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने कम्यूटेशन की राशि की कटौती अवधि को 10 साल आठ महीने करने की मांग भी रखी।
महापड़ाव में जगदीश मोर, राजेंद्र मलिक, जयवीर सिंह राठी, ऋतुराज, महावीर मलिक, जितेंद्र, विकास, धर्मवीर, सूरत, संतलाल और श्रद्धानंद सोलंकी सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे। कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखबीर फरमाना ने भी महापड़ाव को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के महापड़ाव के माध्यम से पेंशनरों की मांगों और समस्याओं का संदेश सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
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पेंशनरों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, पेंशन विधेयक-2025 वापस लेने, महंगाई भत्ते (डीए) को वेतन व पेंशन में विलय करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा समेत लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। महापड़ाव की अध्यक्षता राम मेहर शर्मा ने की और संचालन जिला सचिव सुभाष चंद्र ने किया।
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कर्मचारी नेता शीलकराम मलिक ने बताया कि पेंशन विधेयक-2025 वापस लेने, आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में पुनर्विचार को शामिल करने और डीए को वेतन व पेंशन में विलय करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इसके साथ पूर्ण पेंशन बहाल करने और अंतरिम राहत देने की मांग भी उठाई।
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पेंशनरों ने उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में बढ़ोतरी, एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने कम्यूटेशन की राशि की कटौती अवधि को 10 साल आठ महीने करने की मांग भी रखी।
महापड़ाव में जगदीश मोर, राजेंद्र मलिक, जयवीर सिंह राठी, ऋतुराज, महावीर मलिक, जितेंद्र, विकास, धर्मवीर, सूरत, संतलाल और श्रद्धानंद सोलंकी सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे। कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखबीर फरमाना ने भी महापड़ाव को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के महापड़ाव के माध्यम से पेंशनरों की मांगों और समस्याओं का संदेश सरकार तक पहुंचाया जाएगा।