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माइनर से पानी उठाने पर दो गांवों में तकरार, किसानों ने एसडीओ व जेई को सुनाई खरी-खरी
Updated Thu, 10 May 2018 01:29 AM IST
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माइनर से पानी लेने पर दो गांवों में तकरार, किसानों ने एसडीओ व जेई को सुनाई खरी-खरी
ओढां।
नहरी बंदी ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद का कारण बनने लगी हैं। इसी को लेकर 2 गांवों के लोगों में तकरार का माहौल पैदा हो गया। नहरी विभाग के अधिकारी व थाना प्रभारी ने काफी समय तक ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। वहीं एक गांव के किसानों ने शर्त रख दी कि या तो नहरी विभाग के अधिकारी उन्हें लिखित रूप में दें या फिर दूसरे गांव के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाए।
दरअसल मामला ये था कि मंगलवार रात रोहिड़ांवाली के लोगों ने ओढां माइनर में ट्रैक्टर द्वारा पंखा लगाकर जल घर की डिग्गी में पानी भरा जा रहा था। जब माईनर में पानी कम हुआ तो सिंचाई कर रहे ओढां के कुछ किसान माईनर पर गए तो देखा कि ट्रैक्टर द्वारा मोटी पाईप लगाकर पानी उठाया जा रहा था। किसानों ने जब एतराज जताया तो जवाब मिला कि ये पानी सिंचाई के लिए नहीं अपितु जल घर के टैंक में डाला जा रहा है। बात उस समय बिगड़ गई जब एक व्यक्ति ने ये कहा कि पंखा तो चलेगा ही, अब नहीं तो सुबह। इसके बाद ओढां के काफी किसान मौके पर पहुंच गए। किसान पानी उठा रहे ट्रैक्टर को वहां से थाने में ले आए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। वहीं इस मामले में बुधवार सुबह ओढां की पंचायत व बड़ी संख्या में किसान थाने में पहुंच गए। किसानोें ने थाना प्रभारी से रोहिड़ांवाली के लोगों के खिलाफ अवैध रूप से पानी उठाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। वहीं कुछ देर बाद रोहिड़ांवाली की पंचायत व अन्य लोग भी अपनी सफाई में थाने में पहुंच गए। उधर मामले की सूचना के बाद नहरी एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ रायसिंह व जेई अजय ढाका भी थाने में पहुंचे।
एसडीओ ने ओढां के किसानों को समझाते हुए कहा कि लंबी नहरी बंदी के चलते विभागीय आदेशानुसार सभी जगहों पर जल घर में पेयजल प्रबंध किए जा रहे हैं। ट्रैक्टर द्वारा पानी उठाने के लिए उन्होंने ही रोहिड़ांवाली के लोगों को कहा था। पानी चाहे पाईप से उठाए या ट्रैक्टर से। जाना तो जल घर में ही था। लेकिन ओढां के किसानोें ने कहा कि पानी उनके रकबा क्षेत्र से क्यों उठाया जा रहा था और ट्रैक्टर द्वारा मोटी पाईप लगाकर पानी उठाना उचित नहीं है। किसानों ने एसडीओ व जेई को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि वे उन्हें लिखित में दे दें कि ट्रैक्टर से पानी उठाना उचित है। इस बात पर एसडीओ ने कहा कि उन्हें उच्चाधिकारियों से बैठक में मौखिक आदेश मिले हैं। सभी चीजें लिखित में ही नहीं होती। वहीं थाना प्रभारी ने भी किसानों को समझाने के लिए काफी देर तक जद्दोजहद की लेकिन किसान दो टूक पर उतर आए कि या तो विभाग के एसडीओ उन्हें लिखित में दें या फिर पुलिस मुकदमा दर्ज करे।
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हम भी ट्रैक्टर से उठा लेंगे पानी
ओढां के किसानों ने कहा कि क्षेत्र में रामनगर सहित अधिकांश लोग ढाणियों में रहते हैं। अगर इसी तरह से ट्रैक्टर द्वारा मोटी पाईप लगाकर पानी उठाया जाता है तो उनकी ढाणियों में पेयजल कैसे पहुंचेगा। किसानों ने कहा कि उनका हक मारकर दूसरोें को पानी दिया जा रहा है। एसडीओ ने कहा कि उन्होेंने जल घर के सरकारी मोघे से पानी उठाया न कि किसानों के मोघे से। किसानों का आरोप था कि ट्रैक्टर द्वारा मोटी 2 पाइपें लगाकर पानी उठाया जा रहा था। लंबे समय तक चली बहसबाजी के बाद ओढां के किसानों ने कहा कि अगर मनाही नहीं है तो वे भी ट्रैक्टर लगाकर पानी उठा लेंगे। इस मामले में थाना प्रभारी ने दोनों गांवों के लोगों को पुन: थाने में बुलाया।
हम सिंचाई के लिए नहीं अपितु जल घर के टैंक भरने के लिए पानी उठा रहे थे। जल घर की जो पाईप लाईन है उसमें पानी कम चलने के कारण हमने एसडीओ से पूछा था। हम अनुमति के बाद ही ट्रैक्टर द्वारा पानी उठा रहे थे। ओढां के किसान जबरन उनका ट्रैक्टर थाने में ले गए।
महेन्द्र कालवा, सरपंच रोहिड़ांवाली
नहरों की लंबी बंदी के चलते हमें विभागीय आदेश हैं कि जल घरों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था की जाए। उसी के मुताबिक हमने पानी उठाने के लिए क हा था। हम अपने सरकारी मोघे से पानी उठा रहे थे न कि किसानों से निजी मोघे से। सारी बातें लिखित में ही नहीं होती। जल घर में पानी पहुंचना जरूरी है चाहे वो किसी तरह से पहुंचे। हमने विभागीय आदेशों की पालना की है।
रायसिंह, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग
माईनर में पानी वैसे भी कम था और ऊपर से ट्रैक्टर के पंखे द्वारा पानी उठाया जा रहा था। मैंने जब रोहिड़ांवाली के सरपंच से पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास विभागीय अनुमति हैै। लेकिन विभाग ने पंखा लगाने के लिए नहीं पाईप लगाने के लिए अनुमति दी हुई है। हम ये नहीं चाहते कि रोहिड़ांवाली के लोगों को पानी न मिले लेकिन वे नियमों के विपरीत ओढां रकबा क्षेत्र से पानी उठा रहे थे। उनका 20 नंबर मोघा पीछे है। अगर रोहिड़ांवाली के लोगों के पास इसकी अनुमति है तो वो दिखाएं। हम इस मामले को मिल बैठकर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आपसी भाईचारा खराब न हो।
लखवीर कौर बैरवाल, सरपंच ओढां
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ओढां।
नहरी बंदी ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद का कारण बनने लगी हैं। इसी को लेकर 2 गांवों के लोगों में तकरार का माहौल पैदा हो गया। नहरी विभाग के अधिकारी व थाना प्रभारी ने काफी समय तक ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। वहीं एक गांव के किसानों ने शर्त रख दी कि या तो नहरी विभाग के अधिकारी उन्हें लिखित रूप में दें या फिर दूसरे गांव के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाए।
दरअसल मामला ये था कि मंगलवार रात रोहिड़ांवाली के लोगों ने ओढां माइनर में ट्रैक्टर द्वारा पंखा लगाकर जल घर की डिग्गी में पानी भरा जा रहा था। जब माईनर में पानी कम हुआ तो सिंचाई कर रहे ओढां के कुछ किसान माईनर पर गए तो देखा कि ट्रैक्टर द्वारा मोटी पाईप लगाकर पानी उठाया जा रहा था। किसानों ने जब एतराज जताया तो जवाब मिला कि ये पानी सिंचाई के लिए नहीं अपितु जल घर के टैंक में डाला जा रहा है। बात उस समय बिगड़ गई जब एक व्यक्ति ने ये कहा कि पंखा तो चलेगा ही, अब नहीं तो सुबह। इसके बाद ओढां के काफी किसान मौके पर पहुंच गए। किसान पानी उठा रहे ट्रैक्टर को वहां से थाने में ले आए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। वहीं इस मामले में बुधवार सुबह ओढां की पंचायत व बड़ी संख्या में किसान थाने में पहुंच गए। किसानोें ने थाना प्रभारी से रोहिड़ांवाली के लोगों के खिलाफ अवैध रूप से पानी उठाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। वहीं कुछ देर बाद रोहिड़ांवाली की पंचायत व अन्य लोग भी अपनी सफाई में थाने में पहुंच गए। उधर मामले की सूचना के बाद नहरी एवं सिंचाई विभाग के एसडीओ रायसिंह व जेई अजय ढाका भी थाने में पहुंचे।
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एसडीओ ने ओढां के किसानों को समझाते हुए कहा कि लंबी नहरी बंदी के चलते विभागीय आदेशानुसार सभी जगहों पर जल घर में पेयजल प्रबंध किए जा रहे हैं। ट्रैक्टर द्वारा पानी उठाने के लिए उन्होंने ही रोहिड़ांवाली के लोगों को कहा था। पानी चाहे पाईप से उठाए या ट्रैक्टर से। जाना तो जल घर में ही था। लेकिन ओढां के किसानोें ने कहा कि पानी उनके रकबा क्षेत्र से क्यों उठाया जा रहा था और ट्रैक्टर द्वारा मोटी पाईप लगाकर पानी उठाना उचित नहीं है। किसानों ने एसडीओ व जेई को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि वे उन्हें लिखित में दे दें कि ट्रैक्टर से पानी उठाना उचित है। इस बात पर एसडीओ ने कहा कि उन्हें उच्चाधिकारियों से बैठक में मौखिक आदेश मिले हैं। सभी चीजें लिखित में ही नहीं होती। वहीं थाना प्रभारी ने भी किसानों को समझाने के लिए काफी देर तक जद्दोजहद की लेकिन किसान दो टूक पर उतर आए कि या तो विभाग के एसडीओ उन्हें लिखित में दें या फिर पुलिस मुकदमा दर्ज करे।
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हम भी ट्रैक्टर से उठा लेंगे पानी
ओढां के किसानों ने कहा कि क्षेत्र में रामनगर सहित अधिकांश लोग ढाणियों में रहते हैं। अगर इसी तरह से ट्रैक्टर द्वारा मोटी पाईप लगाकर पानी उठाया जाता है तो उनकी ढाणियों में पेयजल कैसे पहुंचेगा। किसानों ने कहा कि उनका हक मारकर दूसरोें को पानी दिया जा रहा है। एसडीओ ने कहा कि उन्होेंने जल घर के सरकारी मोघे से पानी उठाया न कि किसानों के मोघे से। किसानों का आरोप था कि ट्रैक्टर द्वारा मोटी 2 पाइपें लगाकर पानी उठाया जा रहा था। लंबे समय तक चली बहसबाजी के बाद ओढां के किसानों ने कहा कि अगर मनाही नहीं है तो वे भी ट्रैक्टर लगाकर पानी उठा लेंगे। इस मामले में थाना प्रभारी ने दोनों गांवों के लोगों को पुन: थाने में बुलाया।
हम सिंचाई के लिए नहीं अपितु जल घर के टैंक भरने के लिए पानी उठा रहे थे। जल घर की जो पाईप लाईन है उसमें पानी कम चलने के कारण हमने एसडीओ से पूछा था। हम अनुमति के बाद ही ट्रैक्टर द्वारा पानी उठा रहे थे। ओढां के किसान जबरन उनका ट्रैक्टर थाने में ले गए।
महेन्द्र कालवा, सरपंच रोहिड़ांवाली
नहरों की लंबी बंदी के चलते हमें विभागीय आदेश हैं कि जल घरों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था की जाए। उसी के मुताबिक हमने पानी उठाने के लिए क हा था। हम अपने सरकारी मोघे से पानी उठा रहे थे न कि किसानों से निजी मोघे से। सारी बातें लिखित में ही नहीं होती। जल घर में पानी पहुंचना जरूरी है चाहे वो किसी तरह से पहुंचे। हमने विभागीय आदेशों की पालना की है।
रायसिंह, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग
माईनर में पानी वैसे भी कम था और ऊपर से ट्रैक्टर के पंखे द्वारा पानी उठाया जा रहा था। मैंने जब रोहिड़ांवाली के सरपंच से पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास विभागीय अनुमति हैै। लेकिन विभाग ने पंखा लगाने के लिए नहीं पाईप लगाने के लिए अनुमति दी हुई है। हम ये नहीं चाहते कि रोहिड़ांवाली के लोगों को पानी न मिले लेकिन वे नियमों के विपरीत ओढां रकबा क्षेत्र से पानी उठा रहे थे। उनका 20 नंबर मोघा पीछे है। अगर रोहिड़ांवाली के लोगों के पास इसकी अनुमति है तो वो दिखाएं। हम इस मामले को मिल बैठकर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आपसी भाईचारा खराब न हो।
लखवीर कौर बैरवाल, सरपंच ओढां