{"_id":"5ac2a3ae4f1c1ba8618b5108","slug":"71522705326-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदर के बच्चे की मौत के बाद उत्पात, लोग घरों में हुए कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदर के बच्चे की मौत के बाद उत्पात, लोग घरों में हुए कैद
Updated Tue, 03 Apr 2018 03:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो परिचय
एमए-8 से लेकर 13 तक
बंदर के बच्चे की मौत के बाद पटेलनगर में बंदरों का उत्पात, लोग घरों मेंकैद
- लोगों ने आए दिन बंदरों द्वारा हमला करने का लगाया आरोप
बाद में मोहल्ले के लोगों ने किसी तरह बंदर के बच्चे केशव को उठवाकर दफनाया
लोगों का आरोप-सूचना देने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंची नगर निगम की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के पटेलनगर में सोमवार की सुबह बंदर के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद बंदरों ने कॉलोनी के लोगों को दौड़ा लिया। बंदरों के झुंड ने चार घंटे तक कॉलोनी में उत्पात मचाया। बंदरों के डर से लोग घरों में कैद होकर रह गए। बाद में कॉलोनी के लोगों ने किसी तरह बंदर के बच्चे के शव को दफनाया। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद भी नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
सोमवार की सुबह पटेलनगर में बंदर के बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद काफी संख्या में बंदर मौके पर इकट्ठा हो गए और कॉलोनी से गुजर रहे लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। बंदरों के हमले के कारण करीब चार घंटे तक कॉलोनी में हंगामा चलता रहा। बंदरों के झुंड ने यहां से गुजरने वाली महिलाओं को भी काटने का प्रयास किया। किसी तरह महिलाओं ने जान बचाई। रोहतक बजरंग दल के सुरक्षा संयोजक हनी कुमार ने बताया कि बंदरों को पकड़वाने के संबंध में कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई मगर कोई भी अधिकारी या फिर कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में खुद ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और कॉलोनी के लोगों ने किसी तरह बंदर के बच्ची के शव को दफनाया। मामले की शिकायत डीसी से करने की बात लोगों ने कही है।
---
बंदरों को पकड़वाने का ठेका ठेकेदार को दिया गया है। जल्द ही अधिकारियों से बात कर बंदरों को पकड़वाने के संबंध में अभियान चलाया जाएगा।- सुंदर सिंह, एसआई, नगर निगम।
विज्ञापन
बंदरों के उत्पात के कारण प्रतिदिन कॉलोनी के लोग घरों में कैद होकर रह जाते हैं। मगर विभागीय अधिकारी बार बार मांग करने के बाद भी बंदरों को पकड़वाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-हनी सिंह, बजरंग दल के सुरक्षा संयोजक, रोहतक।
खाना बनाने के दौरान आए दिन बंदर लोगों पर हमला करते हैं। कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। मगर बंदरों को नहीं पकड़वाया जा रहा है।
- राजरानी गृहणी।
अब तो बंदरों से निपटने के लिए लाठी डंडों से लैस होकर परिवार के लोग पहरा दे रहे हैं। बंदर पकड़वाने की मांग को लेकर डीसी से मिला जाएगा।
- चरणजीत सिंह।
कई बार तो बंदरों के हमले के कारण स्कूल में भी नहीं जा पाते हैं। बंदर आए दिन लोगों को दौड़ाते हैं। मगर विभागीय अधिकारी बंदरों को पकड़वाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-मीत, पटेलनगर कॉलोनी निवासी।
विज्ञापन
एमए-8 से लेकर 13 तक
बंदर के बच्चे की मौत के बाद पटेलनगर में बंदरों का उत्पात, लोग घरों मेंकैद
- लोगों ने आए दिन बंदरों द्वारा हमला करने का लगाया आरोप
बाद में मोहल्ले के लोगों ने किसी तरह बंदर के बच्चे केशव को उठवाकर दफनाया
लोगों का आरोप-सूचना देने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंची नगर निगम की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के पटेलनगर में सोमवार की सुबह बंदर के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद बंदरों ने कॉलोनी के लोगों को दौड़ा लिया। बंदरों के झुंड ने चार घंटे तक कॉलोनी में उत्पात मचाया। बंदरों के डर से लोग घरों में कैद होकर रह गए। बाद में कॉलोनी के लोगों ने किसी तरह बंदर के बच्चे के शव को दफनाया। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद भी नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
सोमवार की सुबह पटेलनगर में बंदर के बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद काफी संख्या में बंदर मौके पर इकट्ठा हो गए और कॉलोनी से गुजर रहे लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। बंदरों के हमले के कारण करीब चार घंटे तक कॉलोनी में हंगामा चलता रहा। बंदरों के झुंड ने यहां से गुजरने वाली महिलाओं को भी काटने का प्रयास किया। किसी तरह महिलाओं ने जान बचाई। रोहतक बजरंग दल के सुरक्षा संयोजक हनी कुमार ने बताया कि बंदरों को पकड़वाने के संबंध में कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई मगर कोई भी अधिकारी या फिर कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में खुद ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और कॉलोनी के लोगों ने किसी तरह बंदर के बच्ची के शव को दफनाया। मामले की शिकायत डीसी से करने की बात लोगों ने कही है।
विज्ञापन
---
बंदरों को पकड़वाने का ठेका ठेकेदार को दिया गया है। जल्द ही अधिकारियों से बात कर बंदरों को पकड़वाने के संबंध में अभियान चलाया जाएगा।- सुंदर सिंह, एसआई, नगर निगम।
विज्ञापन
बंदरों के उत्पात के कारण प्रतिदिन कॉलोनी के लोग घरों में कैद होकर रह जाते हैं। मगर विभागीय अधिकारी बार बार मांग करने के बाद भी बंदरों को पकड़वाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-हनी सिंह, बजरंग दल के सुरक्षा संयोजक, रोहतक।
खाना बनाने के दौरान आए दिन बंदर लोगों पर हमला करते हैं। कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। मगर बंदरों को नहीं पकड़वाया जा रहा है।
- राजरानी गृहणी।
अब तो बंदरों से निपटने के लिए लाठी डंडों से लैस होकर परिवार के लोग पहरा दे रहे हैं। बंदर पकड़वाने की मांग को लेकर डीसी से मिला जाएगा।
- चरणजीत सिंह।
कई बार तो बंदरों के हमले के कारण स्कूल में भी नहीं जा पाते हैं। बंदर आए दिन लोगों को दौड़ाते हैं। मगर विभागीय अधिकारी बंदरों को पकड़वाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-मीत, पटेलनगर कॉलोनी निवासी।