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1015 डिफाल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन कटेंगे

Wed, 05 Jul 2017 01:11 AM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:11 AM IST
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1015 डिफाल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन कटेंगे
1015 डिफाल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन कटेंगे
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चरखी दादरी।
बिजली निगम ने 1015 डिफाल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है। इनके कनेक्शन काटने की मंजूरी भी विभाग को उच्चाधिकारियों से मिल चुकी है। निगम की टीमें शहर के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करने पहुंच रही हैं। इतना ही नहीं कनेक्शन काटने के बाद ये उपभोक्ता बिजली चोरी न कर सकें इसके लिए एक स्पेशल टीम इनकी प्रतिदिन मॉनीटरिंग भी करेगी। इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं की सूची कैटेगरी वाइज तैयार की गई है और जेई से लेकर खुद एक्सईएन तक इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। इससे पहले निगम की ओर से कनेक्शन काटने के बाद ध्यान न देने पर डिफाल्टर उपभोक्ता बाद में भी सीधी कुंडी लगाकर दबकर बिजली चोरी करते थे। अब अगर कनेक्शन कटने के बाद कोई उपभोक्ता बिल की अदायगी करता है तो उसे आरसीओ (रिक्नेक्शन ऑर्डर) फीस का भी भुगतान करना होगा।
जानकारी के अनुसार बिजली निगम ने जनवरी माह में भी डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर करीब 430 बिजली कनेक्शन जिलेभर में काटे थे। निगम का सबसे अधिक फोकस ट्यूबवेल कनेक्शनों पर अधिक था। इस सूची में निगम ने 20 हजार से ज्यादा बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया था। निगम के कनेक्शन काटो अभियान के खौफ से जनवरी से मार्च माह तक 760 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने डेढ़ करोड़ की राशि निगम के खजाने में जमा करवाई थी। इसके बाद अप्रैल माह में 117 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने महज 19 लाख रुपये ही बकाया बिल की एवज में जमा करवाए। हाल ही में उच्चाधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को पहले की तर्ज पर डिफाल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। इस बार सूची में 20 हजार की बजाय पांच हजार से अधिक बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया गया। निगम अधिकारियों ने अब जो सूची तैयार की है उसमें 1015 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका बकाया बिल पांच हजार से लेकर एक लाख से भी अधिक है। इनमें डोमेस्टिक व नॉन डोमेस्टिक दोनों ही उपभोक्ता शामिल है। इन उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की प्लानिंग को सिरे चढ़ाने के लिए हाल ही में टीमों का गठन भी हुआ हैं। इन टीमों की अगुवाई जेई, एसडीओ व एक्सईएन कर रहे हैं।
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साढ़े सात करोड़ रुपये पड़े हैं बकाया
निगम अधिकारियों ने बताया कि पांच से 20 हजार रुपये तक का 664 उपभोक्ताओं का बिजली बकाया है। इनमें डीएस कैटेगरी के 436 उपभोक्ताओं पर 44 लाख 24 हजार रुपये व एनडीएस कैटेगरी के 198 उपभोक्ताओं पर 19 लाख 22 हजार बकाया हैं। इनके अलावा 225 उपभोक्ताओं का बिल 20 से 50 हजार तक बकाया है। इनमें डीएस कैटेगरी के 150 उपभोक्ताओं पर 46 लाख 26 हजार व एनडीएस कैटेगरी के 67 उपभोक्ताओं पर 20 लाख 44 हजार रुपये बिल की एवज में पेंडिंग हैं। वहीं, 56 उपभोक्ताओं पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक का निगम का बिल बकाया है। इनमें डीएस कैटेगरी के 32 उपभोक्ताओं पर 21 लाख 60 हजार व एनडीएस कैटेगरी के 21 उपभोक्ताओं पर 15 लाख 22 हजार रुपये का बिल बकाया है। 70 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके बकाया बिल की राशि एक लाख से अधिक है और इन पर 57 लाख 68 हजार रुपये निगम का बकाया है। निगम की सूची के अनुसार 1015 उपभोक्ताओं की तरफन निगम के 75285183 रुपये बकाया है।
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काटे गए कनेक्शनों की प्रतिदिन होगी मॉनीटरिंग
निगम अधिकारियों ने एक नई योजना भी तैयार की है। इसके तहत अब जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन निगम की टीमें काटेंगी, उनकी प्रतिदिन मॉनीटरिंग भी की जाएगी। जेई जतिन की अगुवाई में एक सात सदस्यीय टीम को एक्सईएन भागीरथ ने यह जिम्मेवारी सौंपी है। निगम की टीमें जो भी कनेक्शन काटेंगी उसकी सूची इस टीम को सौंपी जाएगी। इसके बाद ये टीम मौके पर जाकर जांच करेगी की कहीं कनेक्शन काटने के बाद उपभोक्ता सीधी कुंडी लगाकर बिजली चोरी तो नहीं कर रहा। इतना ही नहीं अगर उपभोक्ता कनेक्शन कटने के बाद बिजली चोरी करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ रेवाड़ी में एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।
छह माह में 2.51 करोड़ की हुई रिकवरी
पिछले छह माह में 1379 उपभोक्ताओं से 2.51 करोड़ की रिकवरी हुई है। निगम अधिकारियों ने बताया कि जनवरी माह में 406 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने 52 लाख, फरवरी माह में 124 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने 29 लाख, मार्च माह में 230 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने 69 लाख, अप्रैल माह में 117 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने 19 लाख, मई माह में 453 डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने 66 लाख व जून माह में 49 डिफाल्टर उपभोक्ताओं से 16 लाख रुपये की राशि रिकवर हुई है।
एक माह की मिली निगम अधिकारियों को मोहलत
बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने अधिकारियों को तैयार की गई नई सूची पर कार्रवाई करने के लिए एक माह का समय दिया है। इस समयावधि में ही सभी 1015 उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगम टीम को काटने होंगे। एक्सईएन की मार्फत प्रतिदिन काटे गए कनेक्शनों की सूची उच्चाधिकारियों के पास पहुंचेगी। सूत्रों की मानें तो उच्चाधिकारियों एक माह के अंदर डिफाल्टर उपभोक्ताओं की बिजली बिल भरने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर आनाकानी करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के निर्देश हैं।

वर्जन:
हमने 1015 डिफाल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार की हैं। इसमें एक लाख से अधिक बकाया बिल वाले 70 डिफाल्टर उपभोक्ताओं की मॉनीटरिंग स्वयं एक्सईएन करेंगे जबकि बीस से 50 हजार तक बकाया बिल वाले डिफाल्टर उपभोक्ताओं की मॉनीटरिंग एसडीओ व पांच से 20 हजार बकाया बिल वाले उपभोक्ताआें की मॉनीटरिंग जेई करेंगे। इन उपभोक्ताओं की कनेक्शन कटने के बाद प्रतिदिन हमारी एक स्पेशल टीम मॉनीटरिंग भी करेगी। हमें एक माह के अंदर ही इस प्लानिंग को सिरे चढ़ाना है।
विक्रम सिंह परमार, एसडीओ बिजली निगम
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