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एंबुलेंस चालक ने बचाई अलीगढ़ की गर्भवती की जान
Updated Mon, 08 Oct 2018 03:00 AM IST
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रोहतक। सांपला के दिल्ली में नौकरी करने वाले एंबुलेंस चालक ने दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती यूपी के अलीगढ़ जिले के अकराबाद की गर्भवती की खून देकर जान बचाई। हर किसी ने एंबुलेंस चालक की सराहना की है।
सर्वोदय फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र देशवाल ने बताया कि शनिवार को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में अलीगढ़ की गर्भवती प्रेमलता उर्फ खुशी भर्ती है। उसकी रक्त की कमी की वजह से जान जा सकती है। जिस पर अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र ने सांपला के दिल्ली में 102 एंबुलेंस पर तैनात चालक वीरेंद्र हुड्डा से बात की। वीरेंद्र हुड्डा गर्भवती की जान बचाने के लिए तुरंत रक्तदान के लिए तैयार हो गए। वीरेंद्र ने अस्पताल में जाकर महिला के लिए खून दिया। हर किसी ने चालक की सराहना की है।
एक कॉल पर खून देने के लिए दौड़ पड़ते हैं सर्वोदय फाउंडेशन के सदस्य
सर्वोदय फाउंडेशन ने व्हाट्सएप और फेसबुक पर ग्रुप बनाया हुआ है। ग्रुप पर सूचना पाते ही फाउंडेशन के सदस्य और पदाधिकारी खून देने के लिए तुरंत दौड़ पड़ते हैं। 200 से अधिक डोनर भी फाउंडेशन ने बनाए हैं। पूर्व में भी फाउंडेशन के सदस्य खून देकर लोगों की जान बचाई चुके हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. देवेंद्र देशवाल भी पूर्व में एक महिला की खून देकर जान बचा चुके है।
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नहीं भूल पाऊंगा अहसान
गर्भवती के पति दिनेश पेशे से किसान है। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र ने सही समय पर खून देकर उसकी पत्नी की जान बचाई है। वह वीरेंद्र का अहसान जिंदगीभर नहीं भूल सकेगा।
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सर्वोदय फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र देशवाल ने बताया कि शनिवार को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में अलीगढ़ की गर्भवती प्रेमलता उर्फ खुशी भर्ती है। उसकी रक्त की कमी की वजह से जान जा सकती है। जिस पर अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र ने सांपला के दिल्ली में 102 एंबुलेंस पर तैनात चालक वीरेंद्र हुड्डा से बात की। वीरेंद्र हुड्डा गर्भवती की जान बचाने के लिए तुरंत रक्तदान के लिए तैयार हो गए। वीरेंद्र ने अस्पताल में जाकर महिला के लिए खून दिया। हर किसी ने चालक की सराहना की है।
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एक कॉल पर खून देने के लिए दौड़ पड़ते हैं सर्वोदय फाउंडेशन के सदस्य
सर्वोदय फाउंडेशन ने व्हाट्सएप और फेसबुक पर ग्रुप बनाया हुआ है। ग्रुप पर सूचना पाते ही फाउंडेशन के सदस्य और पदाधिकारी खून देने के लिए तुरंत दौड़ पड़ते हैं। 200 से अधिक डोनर भी फाउंडेशन ने बनाए हैं। पूर्व में भी फाउंडेशन के सदस्य खून देकर लोगों की जान बचाई चुके हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. देवेंद्र देशवाल भी पूर्व में एक महिला की खून देकर जान बचा चुके है।
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नहीं भूल पाऊंगा अहसान
गर्भवती के पति दिनेश पेशे से किसान है। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र ने सही समय पर खून देकर उसकी पत्नी की जान बचाई है। वह वीरेंद्र का अहसान जिंदगीभर नहीं भूल सकेगा।