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पुराने शहर में झमाझम तो नये में रिमझिम-रिमझिम
Updated Wed, 18 Jul 2018 02:48 AM IST
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पुराने शहर में झमाझम तो नये में रिमझिम-रिमझिम
फोटो सहित एसएनजे छह
किलारोड पर बरसात का जमा पानी।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहरवासियों को इन दिनों कुदरत का अनोखा करिश्मा देखने को मिल रहा है। कहीं बरसात के चलते सड़कें तरणताल बन जाती हैं तो कहीं एक बूंद पानी भी नहीं बरसता। ऐसा ही कुछ मंगलवार को शहर में देखने को मिला। पुराने शहर में झमाझम बरसात हो गई तो नये शहर में रिमझिम-रिमझिम बरसात ही रही। जबकि दिल्ली बाईपास से आगे बूंदाबांदी भी नहीं हुई। मौसम की इस तब्दीली पर विभाग भी सही आंकलन नहीं लगा पा रहा है कि कितनी बरसात हुई है। मॉडल टाउन में बताया जा रहा है कि महज 9.3 एमएम ही बरसात हुई है। जबकि किलारोड, जींद चौक के एरिया में बरसाती पानी घुटनों तक पहुंच गया। किला रोड पर निकासी न होने के चलते लोगों को पानी में ही खरीदारी करनी पड़ी। जबकि कुछ चौराहों पर पानी एकत्रित हो गया, हालांकि कुछ समय बाद पानी उतर गया और जन जीवन सामान्य हो गया।
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फोटो सहित एसएनजे छह
किलारोड पर बरसात का जमा पानी।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहरवासियों को इन दिनों कुदरत का अनोखा करिश्मा देखने को मिल रहा है। कहीं बरसात के चलते सड़कें तरणताल बन जाती हैं तो कहीं एक बूंद पानी भी नहीं बरसता। ऐसा ही कुछ मंगलवार को शहर में देखने को मिला। पुराने शहर में झमाझम बरसात हो गई तो नये शहर में रिमझिम-रिमझिम बरसात ही रही। जबकि दिल्ली बाईपास से आगे बूंदाबांदी भी नहीं हुई। मौसम की इस तब्दीली पर विभाग भी सही आंकलन नहीं लगा पा रहा है कि कितनी बरसात हुई है। मॉडल टाउन में बताया जा रहा है कि महज 9.3 एमएम ही बरसात हुई है। जबकि किलारोड, जींद चौक के एरिया में बरसाती पानी घुटनों तक पहुंच गया। किला रोड पर निकासी न होने के चलते लोगों को पानी में ही खरीदारी करनी पड़ी। जबकि कुछ चौराहों पर पानी एकत्रित हो गया, हालांकि कुछ समय बाद पानी उतर गया और जन जीवन सामान्य हो गया।