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‘फाल्ट ठीक करने में लग जाते हैं छह घंटे, एसई बोले-आफ छुपाते हैं फाल्ट’
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:15 AM IST
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‘फाल्ट ठीक करने में लग जाते हैं छह घंटे, एसई बोले-आफ छुपाते हैं फाल्ट’
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बिजली के जर्जर तार, शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता और फाल्ट ठीक करने में भी एक घंटे के परमिट में चार से छह घंटे लग जाते हैं। कुछ इस तरह की बिजली समस्याओं को औद्योगिक नगरी के उद्यमियों को गुजरना पड़ रहा है।
ये सब समस्याएं हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा उद्यमियों व बिजली निगम अधिकारियों को एक होटल में एक मंच पर आमने-सामने लेकर आने पर उभरकर आई। उद्यमियों ने फाल्ट ठीक करने को लेकर समय निर्धारित करने और मेंटेनेंस के लिए रविवार का दिन निर्धारित करने की मांग उठाई। बिजली निगम अधिकारियों ने भी उनको सुविधा देने का भरोसा दिया साथ ही फाल्ट आने पर उद्यमियों से भी सहयोग की मांग की। निगम के एसई ने साफ कहा कि उद्यमी अपनी फैक्ट्री में आए फाल्ट को छुपा लेते हैं और इसका परिणाम निगम व दूसरे उद्यमियों को भुगतना पड़ता है। वे सब एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और अपनी फैक्ट्री या नजदीक कहीं फाल्ट आते ही इसकी सूचना ग्रुप में दें। निगम इसका तुरंत समाधान कराएगा। कार्यक्रम का संचालन हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने किया और बिजली निगम की तरफ से एसई बीएस मान बैठक में शामिल हुए। एसई ने उद्यमियों को बिजली के क्षेत्र में बेहतर सुविधा देने का भरोसा दिया।
उद्यमियों व निगम अधिकारियों के इस तरह चले सवाल-जवाब
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने कहा किउद्यमी जितनी बिजली चलाते हैं। उनका उतना ही बिल आना चाहिए। कई बार गलत बिज आ जाते हैं। उसको ठीक कराने के लिए उनको निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह किसी एक उद्यमी की समस्या नहीं है, बल्कि अधिकतर उद्यमियों की शिकायत रहती है। बिजली निगम द्वार फॉल्ट ठीक करने का एक समय निर्धारित किया जाएं। कई बार उद्यमियों को छोटे से फाल्ट में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है।
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जवाब : बिजली निगम के एसई बीएस मान ने बताया कि बिजली की तारों में फाल्ट आना तकनीकी खामी है। इसका फाल्ट समय रहते ठीक होना जरूरी है। निगम ने इस दिशा में काम करते हुए कर्मचारियों की भर्ती कर ली है। अब फाल्ट ठीक करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
उद्यमी पंकज कपूर ने कहा कि बिल में निगम द्वारा एक जीरो ज्यादा लगा दी जाती है। इससे बिल का आकड़ा भी बढ़ जाता है और इसको ठीक कराने में समय भी ज्यादा लगता है। उद्यमी का एक चक्कर लगाना ही उस पर भारी पड़ता है। निगम अधिकारी बिल बनाते समय ध्यान रखें और फिर बिल ठीक करने के लिए भी एक समय व स्थान निर्धारित होना चाहिए।
जवाब : बिजली निगम के एसई बीएस मान ने बताया कि सब डिविजन में संबंधित एसडीओ हर रोज समस्या समाधान के लिए बैठते र्ह। वे कई बार लाइन पर जाने या किसी दूसरे काम के चलते कार्यालय में नहीं बैठ पाते हैं तो दूसरे अधिकारियों को इसकान अधिकार होता है।
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि निगम कभी भी मेंटेनेंस के नाम पर फीडर बंद कर देता है। कई बार तो दिए गए समय से अधिक मेंटेनेंस में लग जाता है। ऐसे में उद्यमी को फाल्ट ठीक होने तक अपनी फैक्ट्री बंद रखनी पड़ती है। बिजली निगम रविवार के दिन ही मेंटेनेंस करने का कदम उठाए तो उद्यमियों को काम करने में आसानी मिलेगी। सेक्टर-25 व 29 का मेंटेनेंस प्राइवेट कंपनी को भी दें तो वे इसके लिए तैयार हैं।
जवाब : बिजली निगम के एसई बीएस मान ने जवाब दिया कि निगम मेंटेनेंस रविवार के दिन ही करने का प्रयास रखते हैं, लेकिन कई बार मेंटेनेंस समय पर ही करने के चलते उसको तुरंत करना पड़ता है। वे आगे रविवार के दिन मेंटेनेंस करने का प्रयास करेंगे।
उद्यमी विनोद खंडेलवाल ने कहा कि सब डिविजन को छोड़कर फीडरों में किसी तरह की सुविधा नहीं है। वहां पर शिकायत लिखने को रजिस्टर तक नहीं मिल पाते। फीडरों पर सुबह दस बजे से पहले फोन अटेंड तक नहीं किए जा सकते। ऐसे में उद्यमियों को मौके पर जाकर शिकायत दर्ज करानी पड़ती है। निगम द्वारा रजिस्टर में शिकायत आने व समाधान का समय दर्ज होना चाहिए।
जवाब : एसई बीएस मान ने बताया कि निगम द्वारा फीडर स्तर पर भी शिकायत रजिस्टर लगाया गया है। अगर कहीं पर नहीं लगाया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को फोन रिसीव करने के बारे में भी सख्त हिदायत दी जाएगी।
उद्यमी सुरेश गुप्ता ने बताया कि संजय अस्पताल फीडर में पिछले आठ माह से केबल खराब है। उसका आज तक फाल्ट नहीं निकल पा सका है। एसडीओ फोन नहीं उठाता और जेई उठाता तो हर बार 15 दिन में फाल्ट ठीक होने का आश्वासन देता है। अधिकारी इतने समय में फाल्ट का पता नहीं लगा सके हैं।
जवाब : एसई बीएस मान ने बताया कि जीरो स्वीच का स्टॉक पिछले दिनों स्टोर में खत्म हो गया था। अब उसको मंगवा लिया गया है। फीडर में फाल्ट एक फैक्ट्री के फाल्ट की वजह से आता था। संबंधित फैक्ट्री मालिक को फाल्ट ठीक करने की हिदायत दे दी है।
ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया एसोसिएशन के प्रधान विनोद ग्रोवर ने बताया कि बिल व बिजली निगम की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं तो उनको एक समय में सभी अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिल पाते। उनको अधिकारियों के लिए कई-कई चक्कर काटने पड़ते हैं। वे फैक्ट्री में कम और अधिकारियों के चक्कर में ज्यादा रहते हैं।
जवाब : बिजली निगम एसई बीएस मान ने बताया कि उद्यमियों के लिए अधिकारी कार्यालय में तैनात हैं। एसडीओ के न मिलने पर जेई काम करवा सकता है। बाकी कर्मचारियों को भी इसकी हिदायत दी जाएगी।
उद्यमी पवन गर्ग ने बताया कि उद्यमी को अपना लोड बढ़वाने के लिए बिजली निगम के नए-नए नियमों को बता देते हैं। ऐसे में उद्यमी को परेशानी उठानी पड़ती है। दिल्ली में लोड बढ़वाने या घटवाने में 24 घंटे ही लग पाते हैं। जबकि यहां पर लोड बढ़वाने व घटवाने में ही कई-कई माह लग जाते हैं।
जवाब : बिजली निगम एसई बीएस मान ने बताया कि वे लोड बढ़वाने व घटवाने के नियमों पर भी काम कर रहे हैं। इनका भी जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बिजली के जर्जर तार, शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता और फाल्ट ठीक करने में भी एक घंटे के परमिट में चार से छह घंटे लग जाते हैं। कुछ इस तरह की बिजली समस्याओं को औद्योगिक नगरी के उद्यमियों को गुजरना पड़ रहा है।
ये सब समस्याएं हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा उद्यमियों व बिजली निगम अधिकारियों को एक होटल में एक मंच पर आमने-सामने लेकर आने पर उभरकर आई। उद्यमियों ने फाल्ट ठीक करने को लेकर समय निर्धारित करने और मेंटेनेंस के लिए रविवार का दिन निर्धारित करने की मांग उठाई। बिजली निगम अधिकारियों ने भी उनको सुविधा देने का भरोसा दिया साथ ही फाल्ट आने पर उद्यमियों से भी सहयोग की मांग की। निगम के एसई ने साफ कहा कि उद्यमी अपनी फैक्ट्री में आए फाल्ट को छुपा लेते हैं और इसका परिणाम निगम व दूसरे उद्यमियों को भुगतना पड़ता है। वे सब एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और अपनी फैक्ट्री या नजदीक कहीं फाल्ट आते ही इसकी सूचना ग्रुप में दें। निगम इसका तुरंत समाधान कराएगा। कार्यक्रम का संचालन हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने किया और बिजली निगम की तरफ से एसई बीएस मान बैठक में शामिल हुए। एसई ने उद्यमियों को बिजली के क्षेत्र में बेहतर सुविधा देने का भरोसा दिया।
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उद्यमियों व निगम अधिकारियों के इस तरह चले सवाल-जवाब
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने कहा किउद्यमी जितनी बिजली चलाते हैं। उनका उतना ही बिल आना चाहिए। कई बार गलत बिज आ जाते हैं। उसको ठीक कराने के लिए उनको निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह किसी एक उद्यमी की समस्या नहीं है, बल्कि अधिकतर उद्यमियों की शिकायत रहती है। बिजली निगम द्वार फॉल्ट ठीक करने का एक समय निर्धारित किया जाएं। कई बार उद्यमियों को छोटे से फाल्ट में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है।
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जवाब : बिजली निगम के एसई बीएस मान ने बताया कि बिजली की तारों में फाल्ट आना तकनीकी खामी है। इसका फाल्ट समय रहते ठीक होना जरूरी है। निगम ने इस दिशा में काम करते हुए कर्मचारियों की भर्ती कर ली है। अब फाल्ट ठीक करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
उद्यमी पंकज कपूर ने कहा कि बिल में निगम द्वारा एक जीरो ज्यादा लगा दी जाती है। इससे बिल का आकड़ा भी बढ़ जाता है और इसको ठीक कराने में समय भी ज्यादा लगता है। उद्यमी का एक चक्कर लगाना ही उस पर भारी पड़ता है। निगम अधिकारी बिल बनाते समय ध्यान रखें और फिर बिल ठीक करने के लिए भी एक समय व स्थान निर्धारित होना चाहिए।
जवाब : बिजली निगम के एसई बीएस मान ने बताया कि सब डिविजन में संबंधित एसडीओ हर रोज समस्या समाधान के लिए बैठते र्ह। वे कई बार लाइन पर जाने या किसी दूसरे काम के चलते कार्यालय में नहीं बैठ पाते हैं तो दूसरे अधिकारियों को इसकान अधिकार होता है।
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि निगम कभी भी मेंटेनेंस के नाम पर फीडर बंद कर देता है। कई बार तो दिए गए समय से अधिक मेंटेनेंस में लग जाता है। ऐसे में उद्यमी को फाल्ट ठीक होने तक अपनी फैक्ट्री बंद रखनी पड़ती है। बिजली निगम रविवार के दिन ही मेंटेनेंस करने का कदम उठाए तो उद्यमियों को काम करने में आसानी मिलेगी। सेक्टर-25 व 29 का मेंटेनेंस प्राइवेट कंपनी को भी दें तो वे इसके लिए तैयार हैं।
जवाब : बिजली निगम के एसई बीएस मान ने जवाब दिया कि निगम मेंटेनेंस रविवार के दिन ही करने का प्रयास रखते हैं, लेकिन कई बार मेंटेनेंस समय पर ही करने के चलते उसको तुरंत करना पड़ता है। वे आगे रविवार के दिन मेंटेनेंस करने का प्रयास करेंगे।
उद्यमी विनोद खंडेलवाल ने कहा कि सब डिविजन को छोड़कर फीडरों में किसी तरह की सुविधा नहीं है। वहां पर शिकायत लिखने को रजिस्टर तक नहीं मिल पाते। फीडरों पर सुबह दस बजे से पहले फोन अटेंड तक नहीं किए जा सकते। ऐसे में उद्यमियों को मौके पर जाकर शिकायत दर्ज करानी पड़ती है। निगम द्वारा रजिस्टर में शिकायत आने व समाधान का समय दर्ज होना चाहिए।
जवाब : एसई बीएस मान ने बताया कि निगम द्वारा फीडर स्तर पर भी शिकायत रजिस्टर लगाया गया है। अगर कहीं पर नहीं लगाया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को फोन रिसीव करने के बारे में भी सख्त हिदायत दी जाएगी।
उद्यमी सुरेश गुप्ता ने बताया कि संजय अस्पताल फीडर में पिछले आठ माह से केबल खराब है। उसका आज तक फाल्ट नहीं निकल पा सका है। एसडीओ फोन नहीं उठाता और जेई उठाता तो हर बार 15 दिन में फाल्ट ठीक होने का आश्वासन देता है। अधिकारी इतने समय में फाल्ट का पता नहीं लगा सके हैं।
जवाब : एसई बीएस मान ने बताया कि जीरो स्वीच का स्टॉक पिछले दिनों स्टोर में खत्म हो गया था। अब उसको मंगवा लिया गया है। फीडर में फाल्ट एक फैक्ट्री के फाल्ट की वजह से आता था। संबंधित फैक्ट्री मालिक को फाल्ट ठीक करने की हिदायत दे दी है।
ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया एसोसिएशन के प्रधान विनोद ग्रोवर ने बताया कि बिल व बिजली निगम की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं तो उनको एक समय में सभी अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिल पाते। उनको अधिकारियों के लिए कई-कई चक्कर काटने पड़ते हैं। वे फैक्ट्री में कम और अधिकारियों के चक्कर में ज्यादा रहते हैं।
जवाब : बिजली निगम एसई बीएस मान ने बताया कि उद्यमियों के लिए अधिकारी कार्यालय में तैनात हैं। एसडीओ के न मिलने पर जेई काम करवा सकता है। बाकी कर्मचारियों को भी इसकी हिदायत दी जाएगी।
उद्यमी पवन गर्ग ने बताया कि उद्यमी को अपना लोड बढ़वाने के लिए बिजली निगम के नए-नए नियमों को बता देते हैं। ऐसे में उद्यमी को परेशानी उठानी पड़ती है। दिल्ली में लोड बढ़वाने या घटवाने में 24 घंटे ही लग पाते हैं। जबकि यहां पर लोड बढ़वाने व घटवाने में ही कई-कई माह लग जाते हैं।
जवाब : बिजली निगम एसई बीएस मान ने बताया कि वे लोड बढ़वाने व घटवाने के नियमों पर भी काम कर रहे हैं। इनका भी जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।