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छह लाख आबादी को 13 से एक वक्त मिलेगी पेयजल आपूर्ति
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झज्जर रोड स्थित जल घर तीन। अमर उजाला
रोहतक। बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर से पर्याप्त क्षमता में पानी नहीं मिलने के कारण पब्लिक हेल्थ विभाग 13 फरवरी से पेयजल आपूर्ति में कटौती करेगा। इसके तहत छह लाख शहरवासियों को 24 घंटे में एक बार पेयजल आपूर्ति होगी। अधिकारियों का तर्क है कि जलघरों के जलाशयों की क्षमता ज्यादा न होने की वजह से कटौती करनी पड़ेगी। ऐसा नहीं करने पर जब तक जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर में पानी आएगा तब तक पेयजल आपूर्ति ठप हो जाएगी।
पब्लिक हेल्थ के अनुसार जेएलएन में पांच जनवरी से पानी आना बंद हो गया है और एक मार्च को आएगा। वहीं छह जनवरी से बीएसबी में पानी आना शुरू हुआ है, जो बेहद कम क्षमता से आ रहा है। पंप व मोटरें लगाकर नहर से पानी लिफ्ट किया जा रहा है फिर भी मांग के अनुसार पानी नहीं मिल रहा। इससे जलाशयों में भरे पानी को शोधित करके आपूर्ति की जा रही है। बीएसबी में 13 फरवरी से पानी आना बंद हो जाएगा। ऐसे में पब्लिक हेल्थ विभाग के सामने 28 फरवरी तक मांग के अनुसार पेयजल आपूर्ति का संकट पैदा होगा। मांग के अनुसार पब्लिक हेल्थ विभाग आपूर्ति करेगा तो जलाशय 10 से 11 दिन में खाली हो जाएंगे। इन गंभीर हालातों को देखते हुए पब्लिक हेल्थ ने पेयजल आपूर्ति में 13 फरवरी से कटौती का फैसला लिया है। जिसके तहत दो वक्त की जगह एक बार पानी की आपूर्ति होगी, वह भी 50 से 60 मिनट।
जलाशयों की अधिकतम क्षमता 90.88 करोड़ लीटर
शहर की जलापूर्ति बीएसबी व जेएलएन नहर के पानी पर आधारित है। नहरों में रोस्टर से पानी आता है। इसकी वजह से पब्लिक हेल्थ विभाग के मानसरोवर पार्क जलघर, सोनीपत रोड (बोहर नाका) जलघर, देव कॉलोनी जलघर और झज्जर रोड जलघर में जलाशय बने हैं, जहां पानी का भंडारण होता है। नहरों में पानी नहीं आता है, तब जलाशयों के पानी से आपूर्ति होती है। चारों जलघरों की अधिकतम भंडारण क्षमता 90.88 करोड़ लीटर है। बोहर जलघर में 12 दिन, मानसरोवर पार्क जलघर में 10 दिन व झज्जर रोड जलघर से 12 दिन आपूर्ति हो सकती है।
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8.70 करोड़ लीटर पेयजल आपूर्ति रोजाना चाहिए
जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मानसरोवर पार्क, झज्जर रोड, देव कॉलोनी व सोनीपत रोड जलघरों से मांग के अनुसार रोजाना शोधित 8.70 करोड़ लीटर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाती है। एक व्यक्ति को 145 लीटर पानी हर रोज आपूर्ति चाहिए।
योजना के तहत 180 करोड़ होगी भंडारण क्षमता
नहरों का रोस्टर गड़बड़ाते ही करीब छह लाख शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। जैसे-जैसे नहरों में देरी से पानी आता है, वैसे-वैसे पानी का संकट गहराता जाता है। जब तक जलघरों की रॉ वाटर स्टोरेज क्षमता नहीं बढ़ेगी तब तक पेयजल संकट का निदान संभव नहीं है। योजना के तहत जलाशयों में भंडारण की क्षमता 180 करोड़ लीटर की जानी है।
वर्जन
बीएसबी नहर में काफी कम क्षमता में पानी आ रहा है। पंप व मोटरों से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। प्रयास चल रहे हैं कि क्षमता से बीएसबी में पानी छोड़ा जाए। ऐसे ही हालात रहे तो 13-14 फरवरी से कटौती करके एक वक्त ही पेयजल आपूर्ति करनी पड़ेगी।
- अनिल रोहिल्ला, एसडीओ पब्लिक हेल्थ
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पब्लिक हेल्थ के अनुसार जेएलएन में पांच जनवरी से पानी आना बंद हो गया है और एक मार्च को आएगा। वहीं छह जनवरी से बीएसबी में पानी आना शुरू हुआ है, जो बेहद कम क्षमता से आ रहा है। पंप व मोटरें लगाकर नहर से पानी लिफ्ट किया जा रहा है फिर भी मांग के अनुसार पानी नहीं मिल रहा। इससे जलाशयों में भरे पानी को शोधित करके आपूर्ति की जा रही है। बीएसबी में 13 फरवरी से पानी आना बंद हो जाएगा। ऐसे में पब्लिक हेल्थ विभाग के सामने 28 फरवरी तक मांग के अनुसार पेयजल आपूर्ति का संकट पैदा होगा। मांग के अनुसार पब्लिक हेल्थ विभाग आपूर्ति करेगा तो जलाशय 10 से 11 दिन में खाली हो जाएंगे। इन गंभीर हालातों को देखते हुए पब्लिक हेल्थ ने पेयजल आपूर्ति में 13 फरवरी से कटौती का फैसला लिया है। जिसके तहत दो वक्त की जगह एक बार पानी की आपूर्ति होगी, वह भी 50 से 60 मिनट।
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जलाशयों की अधिकतम क्षमता 90.88 करोड़ लीटर
शहर की जलापूर्ति बीएसबी व जेएलएन नहर के पानी पर आधारित है। नहरों में रोस्टर से पानी आता है। इसकी वजह से पब्लिक हेल्थ विभाग के मानसरोवर पार्क जलघर, सोनीपत रोड (बोहर नाका) जलघर, देव कॉलोनी जलघर और झज्जर रोड जलघर में जलाशय बने हैं, जहां पानी का भंडारण होता है। नहरों में पानी नहीं आता है, तब जलाशयों के पानी से आपूर्ति होती है। चारों जलघरों की अधिकतम भंडारण क्षमता 90.88 करोड़ लीटर है। बोहर जलघर में 12 दिन, मानसरोवर पार्क जलघर में 10 दिन व झज्जर रोड जलघर से 12 दिन आपूर्ति हो सकती है।
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8.70 करोड़ लीटर पेयजल आपूर्ति रोजाना चाहिए
जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मानसरोवर पार्क, झज्जर रोड, देव कॉलोनी व सोनीपत रोड जलघरों से मांग के अनुसार रोजाना शोधित 8.70 करोड़ लीटर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाती है। एक व्यक्ति को 145 लीटर पानी हर रोज आपूर्ति चाहिए।
योजना के तहत 180 करोड़ होगी भंडारण क्षमता
नहरों का रोस्टर गड़बड़ाते ही करीब छह लाख शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। जैसे-जैसे नहरों में देरी से पानी आता है, वैसे-वैसे पानी का संकट गहराता जाता है। जब तक जलघरों की रॉ वाटर स्टोरेज क्षमता नहीं बढ़ेगी तब तक पेयजल संकट का निदान संभव नहीं है। योजना के तहत जलाशयों में भंडारण की क्षमता 180 करोड़ लीटर की जानी है।
वर्जन
बीएसबी नहर में काफी कम क्षमता में पानी आ रहा है। पंप व मोटरों से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। प्रयास चल रहे हैं कि क्षमता से बीएसबी में पानी छोड़ा जाए। ऐसे ही हालात रहे तो 13-14 फरवरी से कटौती करके एक वक्त ही पेयजल आपूर्ति करनी पड़ेगी।
- अनिल रोहिल्ला, एसडीओ पब्लिक हेल्थ