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मस्तनाथ संशोधित

Sat, 30 Mar 2019 02:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 30 Mar 2019 02:58 AM IST
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मस्तनाथ संशोधित
रोहतक। बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बाबा बालकनाथ ने अपने गुरु की राजनीतिक विरासत भी संभाल ली है। भाजपा के टिकट पर बाबा बालकनाथ राजस्थान की अलवर सीट से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। साथ ही रोहतक के लोकसभा पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार करेेंगे। चुनावी अखाड़े में उतरने वाले मठ के बाबा बालक नाथ तीसरे महंत हैं। बाबा श्रयोनाथ किलोई विधानसभा सीट से दो बार हुड्डा परिवार को हरा चुके हैं, जबकि बाबा चांदनाथ अलवर से सांसद व बरहोड़ से विधायक रह चुके हैं।
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बोहर मठ का पुराना इतिहास है। इसे महासिद्ध चौरंगीनाथ की तपस्थली भी कहा जाता है। इस स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की। बाबा मस्तनाथ की कठोर तपस्या और सिद्धियों के कारण उन्हें ‘गोरखनाथ’ के अवतार की संज्ञा दी गई। उनकी शिष्य परंपरा पूरे देश में फैली है, लेकिन इस परंपरागत मूल गद्दी का महंत होना इस परंपरा में गौरव का स्थान है। इस गद्दी के महंत श्रेयोनाथ अपने समय के जाने-माने वैद्य थे।
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किलोई हलके से हराया पूर्व सीएम हुड्डा के पिता एवं भाई को
मठ के महंत पूर्ण नाथ अपने समय के स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं, हालांकि सक्रिय राजनीति में श्रेयोनाथ ने भाग लिया। 1966 में पंडित भगवत दयाल शर्मा सीएम बने। 1967 में हरियाणा विधानसभा का पहला चुनाव हुआ। किलोई हलके से महंत श्रेयोनाथ ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर हुड्डा को किलोई से हराया। हालांकि बाद में विधानसभा कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग हो गई। 1972 में उन्होंने पूर्व सीएम हुड्डा के बड़े भाई कैप्टन प्रताप सिंह को हराया।
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2014 में अलवर से सांसद बने महंत चांदनाथ
1985 में महंत चांदनाथ गद्दीनशीन हुए। 2004 में उन्हाेंने राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन 7200 वोटों से हार गए। इसके बाद बहरोड़ विधानसभा का उप चुनाव हुआ, जिसमें वे विजयी रहे। 2014 में महंत चांदनाथ अलवर लोकसभा से जीत हासिल करने में कामयाब रहे। सितंबर 2017 में कैंसर के चलते उनका देहांत हो गया। वह 2016 में ही अपने शिष्य बालकनाथ को उत्तराधिकारी घोषित कर गए थे।

महंत बालकनाथ का पहला चुनाव
योगी बालक नाथ राजस्थान में अलवर जिले के गांव कोहराणा के रहने वाले हैं। मात्र 12 वर्ष की आयु में पारिवारिक सदस्य बाबा मस्तनाथ की मन्नत स्वरूप इन्हें नाथ संप्रदाय में दीक्षित करने के लिए समर्पित कर गए थे और तभी से वर्तमान महंत चांदनाथ के शिष्य रूप में योगी बालक नाथ सेवारत रहे। बाबा बालकनाथ ने अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ स्कूल में ही शिक्षा ग्रहण की। 2017 में वे मस्तनाथ मठ के महंत बने। अब वह अपने गुरु की सियासी नगरी अलवर से पहला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।


पार्टी ने मुझे अलवर से लोकसभा चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दी है। पार्टी जब भी रोहतक लोकसभा सीट के प्रत्याशी के प्रचार की जिम्मेदारी लगाएगी, तब आकर प्रचार करूंगा।
- बालकनाथ, महंत मस्तनाथ मठ
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