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अब एक भुगतान की तारीख के मिलेंगे बिजली बिल
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:13 PM IST
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बिजली विभाग 500 उपभोक्ताओं का बनाएगा समूह, समूहवार ही बिल जमा करायेंगे लोग
फीडिंग पूरी होते ही कंप्यूटर से सीधे उपभोक्ता के मोबाइल पर पहुंचेगा बिल का मैसेज
कैश काउंटरों के कभी खाली तो कभी भीड़ के उमड़ने की वजह से लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिजली विभाग शहर के 1.20 लाख उपभोक्ताओं के समूह बना रहा है, जिसमें 500-500 उपभोक्ता होंगे। प्रत्येक ग्रुप का सीक्रेट कोड होगा, जिसके बिल भुगतान की एक ही तारीख होगी। ग्रुप को एक सप्ताह पहले बिल दिए जायेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि विभाग के कैश काउंटर पर भीड़ उमड़ने से उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं हो।
अधिकारी बताते हैं कि शहर में बिजली बिल बांटने की व्यवस्था की खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी वजह से उपभोक्ता देय तिथि के बाद बिजली बिल मिलने की शिकायत करते हैं। यही नहीं, बिल की देय तिथि भी व्यवस्थित रूप से नहीं मिल पाती है। जिसकी वजह से कभी विभाग के कैश काउंटर खाली पड़ रहते हैं तो कभी इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसी समस्या हर माह ही विभाग के सामने आती है। इस पर विराम लगाने के लिए विभाग शहर के 500-500 उपभोक्ताओं के ग्रुप बना रहा है जिन्हें विभाग अपने कंप्यूटर के अंदर सीक्रेट कोड देगा। इन ग्रुपों की बिजली बिल भुगतान की तिथि कंप्यूटर प्रोग्राम के अनुसार तभी तय करेगा जब सभी उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग फीड हो जाएगी। अधिकारी बताते हैं जैसे ही ग्रुप के सभी उपभोक्ताओं की रीडिंग ओके होगी, तुरंत ही ऑटो जेनरेट मैसेज उपभोक्ता के मोबाइल पर पहुंच जाएगा। उपभोक्ताओं को मैसेज के माध्यम से बताया जाएगा कि बिजली का बिल कितना है और कब छूट का लाभ लेने के लिए बिल जमा करना है।
मोबाइल फोन पर मैसेज के बाद 24 घंटे के अंदर घर पहुंचेगा बिल
मोबाइल से मैसेज मिलने के 24 घंटे के अंदर उपभोक्ता के घर बिल भी पहुंच जाएगा। ऐसा विभाग इसलिए कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को कैश काउंटर पर बिल जमा करने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़े। अधिकारी बताते हैं कि देय तिथि अलग-अलग होने की वजह से कभी कैश काउंटर पर भीड़ नहीं होती और कभी इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि उसको संभालपाना मुश्किल हो जाता है।
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एसई एसके बंसल का कहना है कि फिलहाल शहर के 500-500 उपभोक्ताओं के समूह बनाए जा रहे हैं। विभाग की टीमें प्रत्येक दिन तय समूहों में जाकर मीटर की रीडिंग लेंगी, जो हैंड मशीन के माध्यम से सीधे ऑनलाइन फीड होंगी। जैसे ही समूह की रीडिंग पूरी होगी वैसे ही ऑटो जनरेट मैसेज उपभोक्ता को मय देय तिथि के साथ पहुंच जाएगा। इसके 24 घंटे के अंदर उपभोक्ता के घर पर भी बिल पहुंचेगा।
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फीडिंग पूरी होते ही कंप्यूटर से सीधे उपभोक्ता के मोबाइल पर पहुंचेगा बिल का मैसेज
कैश काउंटरों के कभी खाली तो कभी भीड़ के उमड़ने की वजह से लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिजली विभाग शहर के 1.20 लाख उपभोक्ताओं के समूह बना रहा है, जिसमें 500-500 उपभोक्ता होंगे। प्रत्येक ग्रुप का सीक्रेट कोड होगा, जिसके बिल भुगतान की एक ही तारीख होगी। ग्रुप को एक सप्ताह पहले बिल दिए जायेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि विभाग के कैश काउंटर पर भीड़ उमड़ने से उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं हो।
अधिकारी बताते हैं कि शहर में बिजली बिल बांटने की व्यवस्था की खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी वजह से उपभोक्ता देय तिथि के बाद बिजली बिल मिलने की शिकायत करते हैं। यही नहीं, बिल की देय तिथि भी व्यवस्थित रूप से नहीं मिल पाती है। जिसकी वजह से कभी विभाग के कैश काउंटर खाली पड़ रहते हैं तो कभी इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसी समस्या हर माह ही विभाग के सामने आती है। इस पर विराम लगाने के लिए विभाग शहर के 500-500 उपभोक्ताओं के ग्रुप बना रहा है जिन्हें विभाग अपने कंप्यूटर के अंदर सीक्रेट कोड देगा। इन ग्रुपों की बिजली बिल भुगतान की तिथि कंप्यूटर प्रोग्राम के अनुसार तभी तय करेगा जब सभी उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग फीड हो जाएगी। अधिकारी बताते हैं जैसे ही ग्रुप के सभी उपभोक्ताओं की रीडिंग ओके होगी, तुरंत ही ऑटो जेनरेट मैसेज उपभोक्ता के मोबाइल पर पहुंच जाएगा। उपभोक्ताओं को मैसेज के माध्यम से बताया जाएगा कि बिजली का बिल कितना है और कब छूट का लाभ लेने के लिए बिल जमा करना है।
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मोबाइल फोन पर मैसेज के बाद 24 घंटे के अंदर घर पहुंचेगा बिल
मोबाइल से मैसेज मिलने के 24 घंटे के अंदर उपभोक्ता के घर बिल भी पहुंच जाएगा। ऐसा विभाग इसलिए कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को कैश काउंटर पर बिल जमा करने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़े। अधिकारी बताते हैं कि देय तिथि अलग-अलग होने की वजह से कभी कैश काउंटर पर भीड़ नहीं होती और कभी इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि उसको संभालपाना मुश्किल हो जाता है।
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एसई एसके बंसल का कहना है कि फिलहाल शहर के 500-500 उपभोक्ताओं के समूह बनाए जा रहे हैं। विभाग की टीमें प्रत्येक दिन तय समूहों में जाकर मीटर की रीडिंग लेंगी, जो हैंड मशीन के माध्यम से सीधे ऑनलाइन फीड होंगी। जैसे ही समूह की रीडिंग पूरी होगी वैसे ही ऑटो जनरेट मैसेज उपभोक्ता को मय देय तिथि के साथ पहुंच जाएगा। इसके 24 घंटे के अंदर उपभोक्ता के घर पर भी बिल पहुंचेगा।