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जीएसटी के विरोध में आज बंद रहेंगी दुकानें
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:20 AM IST
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जीएसटी के विरोध में आज बंद रहेंगी दुकानें
चरखी दादरी।
जीएसटी में कपड़े पर टैक्स लगाए जाने के विरोध में दादरी के व्यापारियों में रोष है। इसके विरोध में वीरवार को दादरी कपड़ा यूनियन की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता यूनियन पदाधिकारी संजय वशिष्ट ने की। दुकानदारों ने कपड़ा को जीएसटी के दायरे से बाहर करने की मांग की है। बैठक में कपड़ा यूनियन के दुकानदारों ने 30 जून को जीएसटी के विरोध में अपने प्रतिष्ठान एवं दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है।
संजय वशिष्ट ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी लागू किए जाने के बाद छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों को बेहद आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। लेकिन सरकार अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रही है। जिसके चलते यूनियन सदस्यों ने 30 जून को अपनी दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में कपड़ा पर टैक्स लगाकर सरकार ने अनुचित किया है इससे ग्राहकों व दुकानदारों दोनो को ही नुकसान होगा। कपड़ा महंगा भी हो जाएगा। सरकार को कपड़ा को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहिए। आज तक कपड़ा पर कर नहीं लगा है। जीएसटी से व्यापारियों पर अनावश्यक काम का बोझ भी बढ़ जाएगा। इस अवसर पर मनफूल रावलधिया, सतपाल जुनेजा, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश, राजेश, विकास, सुनील आदि उपस्थित थे।
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चरखी दादरी।
जीएसटी में कपड़े पर टैक्स लगाए जाने के विरोध में दादरी के व्यापारियों में रोष है। इसके विरोध में वीरवार को दादरी कपड़ा यूनियन की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता यूनियन पदाधिकारी संजय वशिष्ट ने की। दुकानदारों ने कपड़ा को जीएसटी के दायरे से बाहर करने की मांग की है। बैठक में कपड़ा यूनियन के दुकानदारों ने 30 जून को जीएसटी के विरोध में अपने प्रतिष्ठान एवं दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है।
संजय वशिष्ट ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी लागू किए जाने के बाद छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों को बेहद आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। लेकिन सरकार अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रही है। जिसके चलते यूनियन सदस्यों ने 30 जून को अपनी दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में कपड़ा पर टैक्स लगाकर सरकार ने अनुचित किया है इससे ग्राहकों व दुकानदारों दोनो को ही नुकसान होगा। कपड़ा महंगा भी हो जाएगा। सरकार को कपड़ा को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहिए। आज तक कपड़ा पर कर नहीं लगा है। जीएसटी से व्यापारियों पर अनावश्यक काम का बोझ भी बढ़ जाएगा। इस अवसर पर मनफूल रावलधिया, सतपाल जुनेजा, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश, राजेश, विकास, सुनील आदि उपस्थित थे।
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