{"_id":"68d99275d59d45d23e0127e9","slug":"400-quintals-of-pr-paddy-arrived-in-the-market-procurement-has-not-started-so-far-2400-quintals-have-arrived-rohtak-news-c-17-roh1020-735664-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: मंडी में 400 क्विंटल पीआर धान पहुंचा, शरीद शुरू नहीं, अब तक 2400 क्विंटल की हुई आवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: मंडी में 400 क्विंटल पीआर धान पहुंचा, शरीद शुरू नहीं, अब तक 2400 क्विंटल की हुई आवक
विज्ञापन
18 अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद
रोहतक। मंडी मेें रविवार को धान की आवक में तेजी आई। मंडी में करीब 400 क्विंटल पीआर धान पहुंचा। इसके साथ ही मंडी में अब तक कुल 2400 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। मंडी में इस दिन बाजरे की आवक शून्य रही। अब तक मंडी में कुल 1653 क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है। राहत की बात रही फसल में नमी मानक के हिसाब से सही मिली।
फिलहाल, पोर्टल में दिक्कत के कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। किसानों ने तेजी से मंडी में फसल लेकर आना शुरू कर दिया है। मंगलवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। रविवार को जांच के दौरान धान में नमी की मात्रा ठीक मिली। कई दिनों से फसल में नमी की मात्रा अधिक मिल रही थी। मानक के हिसाब से मंडी में अधिकतर 17 प्रतिशत तक नमी वाला धान बिक सकता है।
अधिकारियों ने भी किसानों से घर पर ही धान सुखाकर लाने की अपील की है। चमारिया गांव से आए किसान गौतम ने बताया कि फिलहाल मंडी में धान की आवक ज्यादा नहीं है तो किसानों को परेशानी नहीं हो रही है। सरकारी खरीद होने के बाद ही व्यवस्थाओं सही आकलन किया जा सकता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फिलहाल, पोर्टल में दिक्कत के कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। किसानों ने तेजी से मंडी में फसल लेकर आना शुरू कर दिया है। मंगलवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। रविवार को जांच के दौरान धान में नमी की मात्रा ठीक मिली। कई दिनों से फसल में नमी की मात्रा अधिक मिल रही थी। मानक के हिसाब से मंडी में अधिकतर 17 प्रतिशत तक नमी वाला धान बिक सकता है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने भी किसानों से घर पर ही धान सुखाकर लाने की अपील की है। चमारिया गांव से आए किसान गौतम ने बताया कि फिलहाल मंडी में धान की आवक ज्यादा नहीं है तो किसानों को परेशानी नहीं हो रही है। सरकारी खरीद होने के बाद ही व्यवस्थाओं सही आकलन किया जा सकता है। संवाद
विज्ञापन