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सोता रहा जेल प्रशासन, सजायाफ्ता कैद से फरार

Tue, 15 Aug 2017 12:19 AM IST
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:19 AM IST
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सोता रहा जेल प्रशासन, सजायाफ्ता कैद से फरार
सोता रहा जेल प्रशासन, सजायाफ्ता कैद से फरार
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिला जेल प्रशासन सोता रहा और सजायाफ्ता कैदी जेल से फरार हो गया। रविवार रात में गिनती में कैदियों की संख्या कम मिली तो नींद टूटी। आनन-फानन में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो घटना की जानकारी हुई। इसे मोबाइल झपटने के दोष में छह जुलाई को जिला न्यायालय से पांच साल की सजा सुनाई गई थी। कैदी के भागने की सूचना पर हड़कंप मच गया। इस मामले में सोमवार को डीजीपी जेल केपी सिंह, आईजी हरीश कुमार और जगजीत सिंह ने जेल का मुआयना किया। इधर, शहर जगाधरी पुलिस ने जिला जेल सुपरिटेंडेंट आत्मा राम बिश्नोई की शिकायत पर कैदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
28 जुलाई 2016 को जीआरपी जगाधरी ने रेलवे के ओवरब्रिज के पास से अंबाला कैंट की गुजराती कॉलोनी निवासी केकी को मोबाइल समेत गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि उसने यह मोबाइल एक व्यक्ति से छीना है। करीब एक साल बाद झपटमार केकी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर की कोर्ट ने छह जुलाई को पांच साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से केकी जिला जेल में बंद था। जिला जेल प्रशासन की ओर से केकी को रसोई में खाना बनाने और कैदियों को खाना बरताने में सहयोग करने के लिए तैनात किया गया था। रविवार रात को सभी कैदी खाना खाने के बाद अपने बैरक में चले गए थे। इस दरम्यान जब जेल का स्टाफ कैदियों की गिनती कर रहा था तो उन्हें एक कैदी कम मिला। जांच करने पर पता चला कि केकी जेल से फरार हो गया। जेल सुपरिटेंडेंट आत्मा राम बिश्नोई व अन्य स्टाफ के साथ मिलकर कैदी केकी की काफी तलाश की। लेकिन उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चला। इसकी सूचना जेल आईजी कार्यालय में दी गई। वहीं मामले की शिकायत थाना शहर जगाधरी पुलिस को दी गई। पुलिस ने कैदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जेल प्रशासन और कर्मियों पर भी उठ रहे सवाल
जेल प्रशासन जेल में कड़ी सुरक्षा व 24 घंटें पुलिस तैनाती होने का दावा करता है। लेकिन रविवार रात को भागे कैदी की घटना के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली है। हालांकि जेल से कैदी के भागने का यह पहला मामला है। लेकिन जेल में कैदियों से मोबाइल व नशीले पदार्थ मिलने के बहुत से मामले सामने आ चुके है। जो जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं। वहीं जिला जेल से एक कैदी के भाग जाने और काफी वक्त तक उसकी भनक तक न लगने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा इसमें कर्मचारियों-अफसरों की भूमिकाओं पर भी संदेह जताया जा रहा है।
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खुद भागा या किसी ने भगाया, जांच कर रहे
कैदी केकी के जेल से भागने की शिकायत उनके पास आ गई है। जेल सुपरिटेंडेंट आत्मा राम बिश्नोई की शिकायत पर कैदी केकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर ली गई है। वह खुद भागा है या किसी ने उसके भागने में मदद की है इसका पता कर रहे हैं। यदि किसी ने जेल के अंदर से उसकी मदद की है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। कैदी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जसवंत सिंह, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।
रसाई की पाइप के जरिये छत पर चढ़ा और कूद गया छत पार
बताया जा रहा है कि जिला जेल में लगे सीसीटीवी में कैदी के भागने की फुटेज आई है। जिसमें कैदी जेल की रसोई से टोंटी का पाइप लिए हुए है। जिसके माध्यम से वह जेल की छत पर जाता है। छत से होता हुआ दीवार से जेल के पीछे कूद कर फरार हो जाता है।
ऐसे पकड़ा गया था झपटमार
थाना जीआरपी के एएसआई राजकुमार, एएसआई धर्मपाल, एएसआई कुलदीप सिंह और हेड कांस्टेबल शहजाद खान 28 जुलाई 2016 को रेलवे ओवरब्रिज की तरफ गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें देखकर एक युवक वहां से जाने लगा। आरोपी के हाथ में एप्पल का आईफोन था। शक के आधार पर कर्मचारियों ने उसे रोक लिया, तलाशी लेने पर उसके पास से एप्पल का फोन बरामद हुआ जिसकी कीमत 45 हजार रुपये थी। पुलिस ने केकी से पूछा कि इतना महंगा मोबाइल किसका है। पहले तो केकी ने उस मोबाइल को अपना बताया। लेकिन वह मोबाइल का कोई बिल या कोई अन्य सबूत नहीं दिखा सका। इसलिए पुलिस ने उसपर रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच करने पर पता चला कि मोबाइल अमृतसर निवासी एक युवक का है। मोबाइल मालिक के मिलने पर पता चला कि केकी उसका मोबाइल छीन कर भागा था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। करीब एक साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे बीती छह जुलाई को पांच साल की सजा सुनाई थी।
एक घंटे तक जेल के भीतर रहे डीजीपी और आईजी
जेल से कैदी के फरार होने की सूचना पर सोमवार को डीजीपी जेल केपी सिंह, आईजी हरीश कुमार और जगजीत सिंह जेल में पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे तक जेल का मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल की रसोई और भागे कैदी केकी के बैरक की गहनता से जांच की। तीनों अधिकारियों ने जेल में लगे सभी सीसीटीवी की फुटेज की जांच की। हालांकि इस दौरान किसी भी मीडियाकर्मी व अन्य व्यक्ति को जेल के अंदर जाने नहीं दिया गया।

जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी पर भी होगी कार्रवाई
जेल में कैदी केकी के भागने के मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। कैदी की तलाश की जा रही है। जल्द ही कैदी की तलाश कर उसे जेल में बंद किया जाएगा।
- आत्मा राम बिश्नोई, सुपरिटेंडेंट, जिला जेल यमुनानगर।
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