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खेत की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने में केंचुआ खाद वरदान : कपूर
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय केंचुआ खाद बनाने जागरूक करने बारे प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के समापन अवसर पर शनिवार को केंद्र प्रमुख डॉ. कपूर सिंह ने बताया कि केंचुआ खाद का प्रयोग नियमित रूप से करने पर खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। मृदा विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि धीरे-धीरे खेतों की उपजाऊ क्षमता कम होती जा रही है। ऐसे में केंचुआ खाद जमीन के लिए वरदान हो सकती है। उन्होंने बताया कि केंचुआ प्रजातियों में आइसीनिया पीटिडा प्रजाति सर्वोत्तम है। उन्होंने कहा कि यह खाद 45-60 दिन में तैयार हो जाती है।
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रेवाड़ी।
कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय केंचुआ खाद बनाने जागरूक करने बारे प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के समापन अवसर पर शनिवार को केंद्र प्रमुख डॉ. कपूर सिंह ने बताया कि केंचुआ खाद का प्रयोग नियमित रूप से करने पर खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। मृदा विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि धीरे-धीरे खेतों की उपजाऊ क्षमता कम होती जा रही है। ऐसे में केंचुआ खाद जमीन के लिए वरदान हो सकती है। उन्होंने बताया कि केंचुआ प्रजातियों में आइसीनिया पीटिडा प्रजाति सर्वोत्तम है। उन्होंने कहा कि यह खाद 45-60 दिन में तैयार हो जाती है।