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राजीव गांधी विद्युत सदन की जमीन में दुकान खोलने पर सीएमडी ने भी जताई आपति

Sat, 23 Feb 2019 02:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 Feb 2019 02:39 AM IST
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राजीव गांधी विद्युत सदन की जमीन में दुकान खोलने पर सीएमडी ने भी जताई आपति
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। राजीव गांधी विद्युत सदन की जमीन पर गांधी कैंप के 57 दुकानदारों को विस्थापित करने के फैसले पर बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह फैसला उचित नहीं है, जिससे 33केवी सब स्टेशन के आपातकालीन काम भी प्रभावित होंगे। बिजली निगम ने ओल्ड पावर हाउस कॉलोनी में दुकानों के लिए जमीन देने का प्रस्ताव रखा है। सीएमडी शत्रुजीत कपूर व डायरेक्टर ओके शर्मा ने पत्र एसीएस (एडिशनल चीफ सेक्रेटरी) पावर को भेजा। एसीएस पावर ने शासन को भविष्य के मद्देनजर बिजली निगम के प्रस्ताव पर सहमति पूर्वक विचार करने की बात कही है।
रोहतक के एसई आपरेशन सर्किल सुरेश कुमार बंसल, एक्सईएन सिविल निर्माण डिवीजन विजयवर्गीय और एक्सईएन आपरेशन सिटी डिवीजन जेएस नारा ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि एलिवेटेड रेलवे ट्रैक की चपेट में आ रहे गांधी कैंप के 57 दुकानदारों को नगर निगम ने राजीव गांधी विद्युत सदन की जमीन पर विस्थापित करने का फैसला लिया। यह मामला आठ फरवरी को डिप्टी कमिश्नर के साथ एसई आपरेशन एसके बंसल की हुई बैठक में सामने आया। बताया गया कि राजीव गांधी विद्युत सदन के 420 फुट लंबे और 18 फुट चौड़े फ्रंट को कवर करके दुकानदारों को विस्थापित करना है। इस पर बिजली निगम अधिकारियों ने 10 फरवरी को जिला प्रशासन के शिफ्टिंग प्रपोजल पर कहा गया दिल्ली नेशनल हाइवे स्थित विद्युत सदन में गांधी कैंप के 57 दुकानदारों को विस्थापित करने का प्रस्ताव उचित नहीं है। यह न सिर्फ मुश्किल है बल्कि बिल्डिंग अधिनियम के खिलाफ है। हाइवे पर दिन पर दिन वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। दुकानें बनने के बाद हाइवे पर वाहनों की पार्किंग को लेकर समस्या पैदा होगी। इनके बनने से विद्युत विभाग को काम करने में दिक्कत होगी।
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33 केवी सब स्टेशन भी परिसर में है जिसकी हैवी करेंट की लाइनें भी गुजर रही है। कभी-कभी सब स्टेशन पर आपातकालीन काम करने पड़ते हैं। यदि दुकानें बनेगी तो आपातकालीन कामों को करने में बाधा पैदा होगी। दुकानें बनने से परिसर में भीड़ उमड़ेगी जिससे राजीव गांधी विद्युत सदन के ईको-फ्रैंडली वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। अधिकारियों ने पत्र में कहा कि राजीव गांधी विद्युत सदन की बजाय दूसरे स्थान पर दुकानें बनाई जा सकती हैं, जिसके लिए बिजली निगम के पास जमीन है। ओपीएच कॉलोनी में आफिसर्स रेस्ट हाउस के नजदीक जमीन है। जिला प्रशासन को 7560 वर्ग फुट जमीन की जरूरत है, इतनी जमीन वहां पर्याप्त है।
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आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बिजली निगम अधिकारियों के पत्र को चीफ इंजीनियर वीएस मान डायरेक्टर ओके शर्मा के पास भेज दिया। डायरेक्टर ने मामला सीएमडी शत्रुजीत कपूर के पास भेज दिया। 11 फरवरी को सीएमडी ने एसीएस पावर टीसी गुप्ता को पत्र भेजा। जिस पर एसीएस पावर ने शासन को पत्र लिखकर रहा कि बिजली विभाग दूसरे स्थान पर जमीन देने के लिए तैयार है। उनके प्रोपजल पर विचार किया जाए ताकि समस्या का निदान हो सके।
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