{"_id":"5aef6b834f1c1b76098b86f9","slug":"201525640067-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"60 पीजी की सूची भेजी पुलिस अधीक्षक को, कार्रवाई की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
60 पीजी की सूची भेजी पुलिस अधीक्षक को, कार्रवाई की मांग
Updated Mon, 07 May 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फ्लैग : नियम तोड़ने वाले पीजी के खिलाफ सख्ती की तैयारी में निगम
हेडिंग : 60 पीजी की सूची भेजी पुलिस अधीक्षक को, कार्रवाई की मांग
निगम हाउस में मेयर ने उठाया था अवैध पीजी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम ने नियम तोड़कर घरों में पेइंग गेस्ट रखने वालों के साथ सख्ती बरतने का फैसला किया। इसके लिए 60 पीजी संचालकों की एक सूची तैयार करके पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भेजी गई है, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। हालांकि जसबीर कॉलोनी में चल रहे चार पीजी नोटिस के बाद ही बंद हो गए हैं।
शहर के मेडिकल मोड़ से लेकर दिल्ली बाईपास तक कई शिक्षण संस्थाएं हैं। एमडीयू, मेडिकल कॉलेज, जाट संस्थाओं सहित दूसरे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र व छात्राएं हॉस्टल में कमरे न मिलने पर निजी घरों में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहते हैं। इसके चलते आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने घरों के कमरे पर देकर रजिडेंशियल एरिया में कामर्शियल गतिविधियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए किसी तरह का लाइसेंस नहीं लिया गया है। निगम की तरफ से आठ साल पहले किए गए सर्वे के तहत 60 पीजी शहर में चल रहे हैं, लेकिन अब उनकी संख्या एक अनुमान के मुताबिक 150 के करीब पहुंची है। फीस जमा न होने पर एक तरफ जहां निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है, दूसरी तरफ उन एरिया के आम लोग बेहद परेशान हैं, जहां पीजी चल रहे हैं। निगम के पूर्व पार्षद बलराज उर्फ बल्लू ने कई बार हाउस में मामले को उठाया। मेयर ने भी उनका साथ दिया, इसके बावजूद निगम अभी तक अवैध पीजी संचालकों के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई नहीं कर सका है।
बाक्स
निगम की तरफ से अवैध पीजी संचालकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाने का फैसला किया है। क्योंकि बार-बार नोटिस के बावजूद नियमों के तहत लाइसेंस नहीं लिए जा रहे हैं। इसकी एक सूची पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजी गई है। अब पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी है।
विज्ञापन
-जगदीश चंद्र, जोन टैक्स आफिसर, नगर निगम।
बाक्स
220 मोबाइल टॉवर संचालक व 50 बिल्डिंग मालिकों को भी नोटिस
निगम की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में टॉवर संचालकों को 15 दिन का समय दिया गया है। जबकि माडल टाउन एरिया में 50 बिल्डिंग मालिकों को कामर्शियल गतिविधि के बावजूद ट्रेड लाइसेंस न देने पर नोटिस दिया गया है।
विज्ञापन
हेडिंग : 60 पीजी की सूची भेजी पुलिस अधीक्षक को, कार्रवाई की मांग
निगम हाउस में मेयर ने उठाया था अवैध पीजी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम ने नियम तोड़कर घरों में पेइंग गेस्ट रखने वालों के साथ सख्ती बरतने का फैसला किया। इसके लिए 60 पीजी संचालकों की एक सूची तैयार करके पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भेजी गई है, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। हालांकि जसबीर कॉलोनी में चल रहे चार पीजी नोटिस के बाद ही बंद हो गए हैं।
शहर के मेडिकल मोड़ से लेकर दिल्ली बाईपास तक कई शिक्षण संस्थाएं हैं। एमडीयू, मेडिकल कॉलेज, जाट संस्थाओं सहित दूसरे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र व छात्राएं हॉस्टल में कमरे न मिलने पर निजी घरों में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहते हैं। इसके चलते आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने घरों के कमरे पर देकर रजिडेंशियल एरिया में कामर्शियल गतिविधियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए किसी तरह का लाइसेंस नहीं लिया गया है। निगम की तरफ से आठ साल पहले किए गए सर्वे के तहत 60 पीजी शहर में चल रहे हैं, लेकिन अब उनकी संख्या एक अनुमान के मुताबिक 150 के करीब पहुंची है। फीस जमा न होने पर एक तरफ जहां निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है, दूसरी तरफ उन एरिया के आम लोग बेहद परेशान हैं, जहां पीजी चल रहे हैं। निगम के पूर्व पार्षद बलराज उर्फ बल्लू ने कई बार हाउस में मामले को उठाया। मेयर ने भी उनका साथ दिया, इसके बावजूद निगम अभी तक अवैध पीजी संचालकों के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई नहीं कर सका है।
विज्ञापन
बाक्स
निगम की तरफ से अवैध पीजी संचालकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाने का फैसला किया है। क्योंकि बार-बार नोटिस के बावजूद नियमों के तहत लाइसेंस नहीं लिए जा रहे हैं। इसकी एक सूची पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजी गई है। अब पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी है।
विज्ञापन
-जगदीश चंद्र, जोन टैक्स आफिसर, नगर निगम।
बाक्स
220 मोबाइल टॉवर संचालक व 50 बिल्डिंग मालिकों को भी नोटिस
निगम की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में टॉवर संचालकों को 15 दिन का समय दिया गया है। जबकि माडल टाउन एरिया में 50 बिल्डिंग मालिकों को कामर्शियल गतिविधि के बावजूद ट्रेड लाइसेंस न देने पर नोटिस दिया गया है।