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खेड़ी साध स्कूल की पलटी काया
Updated Tue, 03 Apr 2018 03:16 AM IST
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अब दीवारों पर छपे चित्रों अंग्रेजी वर्णमाला सीख सकेंगे खेड़ी साध स्कूल के विद्यार्थी
- स्कूल को निजी स्कूलों की तर्ज पर नया लुक देने का चल रहा प्रयास
विकास सैनी
रोहतक
शहीद मेजर सज्जन सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी साध के दिन बदलने वाले हैं। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए युवाओं के साथ पेंट निर्माता कंपनी भी मदद को आगे आई है। खेड़ी साध को गोद लेने वाली कंपनी ने इस सरकारी स्कूल को निजी स्कूल की तर्ज पर संवारने की मुहिम छेड़ी है। इसके तहत स्कूल में रंग व पुताई का काम किया गया है। स्कूल की दीवारों पर भी अंग्रेजी वर्णमाला के रूप में कंपनी का प्रयास नजर आने लगा है। इस वर्णमाला को समझना आसान बनाने के लिए साथ में ही चित्र भी बनाए गए हैं।
नए सत्र के लिए संवरने लगा स्कूल परिसर
नए शैक्षणिक सत्र के लिए शहीद मेजर सज्जन सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी साध का परिसर संवरने लगा है। यहां सफेदी व पेंट किया गया है। दीवारों को अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों से सजाया जा रहा है। एलफाबेट के हिसाब से वर्णमाला के साथ अक्षर समझने के लिए दीवारों पर एप्पल, बॉल समेत अन्य चित्र भी दर्शाए गए हैं। इससे बच्चों का अंग्रेजी की तरफ ना केवल रुझान बढ़ेगा, बल्कि सरकारी स्कूल में भी बच्चे आसानी से अंग्रेजी सीखने की ओर अग्रसर होंगे।
स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को आगे आए ग्रामीण
खेड़ी साध के युवाओं ने बुजुर्गों के साथ नए शैक्षणिक सत्र में बड़ी मुहिम छेड़ने का प्रण लिया है। रविवार को गांव की बड़ी चौपाल में हुई बैठक में सभी ने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने, छात्राओं की सुरक्षा व परिणाम सुधारने पर जोर दिया। इसे लेकर लोगों को प्रेरित भी किया जाएगा। गांव के सभी बच्चे सरकारी स्कूल में प्रवेश लें, इसके लिए प्रयास किया जाएगा।
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बलियाना के लोगों ने निजी स्कूल से मांगी एसएलसी
खेड़ी साधा के बाद अब बलियाना ने भी सरकारी स्कूल की ओर रुख किया है। इलाके के एक निजी स्कूल में बेतहाशा फीस वृद्धि से नाराज बलियाना के लोगों ने सोमवार को स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने फीस पर रोष प्रकट करते हुए स्कूल से अपने बच्चों का एसएलसी मांगा। इस मामले को लेकर गांव के दादा बिसादा मंदिर में सोमवार शाम बैठक की। यहां सभी ने मंगलवार सुबह इस मुहिम को दिशा देने बैठक करने का फैसला लिया। गांव के युवा लोगों को अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा सुबह एक नहीं बल्कि, अन्य निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गांव के बच्चों के एसएलसी लेने पर भी फैसला हो सकता है। इस मौके पर पार्षद नरेश प्रधान, मनोज देशवाल, यशपाल देशवाल, डॉ. देवेंद्र देशवाल, शीशपाल समेत अनेक युवा मौजूद रहे।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
शिक्षा के निजीकरण व सरकारी स्कूलों के समाप्त होते वजूद को लेकर अमर उजाला में अभियान छेड़ा है। शिक्षा बचाओ समाज बचाओ अभियान के तहत लोगों को प्रेरित करने व सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में खेड़ी साध के युवाओं व बुजुर्गों ने एकजुट होकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने की मुहिम छेड़ी है। सोमवार को बलियाना के युवाओं ने भी इसी तरह का प्रयास शुरू किया।
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अब दीवारों पर छपे चित्रों अंग्रेजी वर्णमाला सीख सकेंगे खेड़ी साध स्कूल के विद्यार्थी
- स्कूल को निजी स्कूलों की तर्ज पर नया लुक देने का चल रहा प्रयास
विकास सैनी
रोहतक
शहीद मेजर सज्जन सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी साध के दिन बदलने वाले हैं। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए युवाओं के साथ पेंट निर्माता कंपनी भी मदद को आगे आई है। खेड़ी साध को गोद लेने वाली कंपनी ने इस सरकारी स्कूल को निजी स्कूल की तर्ज पर संवारने की मुहिम छेड़ी है। इसके तहत स्कूल में रंग व पुताई का काम किया गया है। स्कूल की दीवारों पर भी अंग्रेजी वर्णमाला के रूप में कंपनी का प्रयास नजर आने लगा है। इस वर्णमाला को समझना आसान बनाने के लिए साथ में ही चित्र भी बनाए गए हैं।
नए सत्र के लिए संवरने लगा स्कूल परिसर
नए शैक्षणिक सत्र के लिए शहीद मेजर सज्जन सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी साध का परिसर संवरने लगा है। यहां सफेदी व पेंट किया गया है। दीवारों को अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों से सजाया जा रहा है। एलफाबेट के हिसाब से वर्णमाला के साथ अक्षर समझने के लिए दीवारों पर एप्पल, बॉल समेत अन्य चित्र भी दर्शाए गए हैं। इससे बच्चों का अंग्रेजी की तरफ ना केवल रुझान बढ़ेगा, बल्कि सरकारी स्कूल में भी बच्चे आसानी से अंग्रेजी सीखने की ओर अग्रसर होंगे।
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स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को आगे आए ग्रामीण
खेड़ी साध के युवाओं ने बुजुर्गों के साथ नए शैक्षणिक सत्र में बड़ी मुहिम छेड़ने का प्रण लिया है। रविवार को गांव की बड़ी चौपाल में हुई बैठक में सभी ने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने, छात्राओं की सुरक्षा व परिणाम सुधारने पर जोर दिया। इसे लेकर लोगों को प्रेरित भी किया जाएगा। गांव के सभी बच्चे सरकारी स्कूल में प्रवेश लें, इसके लिए प्रयास किया जाएगा।
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बलियाना के लोगों ने निजी स्कूल से मांगी एसएलसी
खेड़ी साधा के बाद अब बलियाना ने भी सरकारी स्कूल की ओर रुख किया है। इलाके के एक निजी स्कूल में बेतहाशा फीस वृद्धि से नाराज बलियाना के लोगों ने सोमवार को स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने फीस पर रोष प्रकट करते हुए स्कूल से अपने बच्चों का एसएलसी मांगा। इस मामले को लेकर गांव के दादा बिसादा मंदिर में सोमवार शाम बैठक की। यहां सभी ने मंगलवार सुबह इस मुहिम को दिशा देने बैठक करने का फैसला लिया। गांव के युवा लोगों को अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा सुबह एक नहीं बल्कि, अन्य निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गांव के बच्चों के एसएलसी लेने पर भी फैसला हो सकता है। इस मौके पर पार्षद नरेश प्रधान, मनोज देशवाल, यशपाल देशवाल, डॉ. देवेंद्र देशवाल, शीशपाल समेत अनेक युवा मौजूद रहे।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
शिक्षा के निजीकरण व सरकारी स्कूलों के समाप्त होते वजूद को लेकर अमर उजाला में अभियान छेड़ा है। शिक्षा बचाओ समाज बचाओ अभियान के तहत लोगों को प्रेरित करने व सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में खेड़ी साध के युवाओं व बुजुर्गों ने एकजुट होकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने की मुहिम छेड़ी है। सोमवार को बलियाना के युवाओं ने भी इसी तरह का प्रयास शुरू किया।