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Rohtak News: सड़कों पर जमा हो गया 35 टन कूड़ा, कर्मी पीछे हटने को तैयार नहीं
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27jjrp09- नगर परिषद परिसर में धरना देते सफाई कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Archive
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झज्जर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 22वें दिन भी जारी रही। शनिवार रात प्रशासन की ओर से कूड़ा उठवाने के बाद अब फिर से सड़कों पर कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। वीरवार को शहर में करीब 30 से 35 टन कूड़ा जमा हो गया। वहीं, कर्मचारियों ने 28 अगस्त के बाद आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी देते हुए मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने का एलान किया है।
इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने बताया कि 28 अगस्त के बाद महाआंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि 13 मई 2026 को संघ और सरकार के बीच हुए समझौते को सरकार लागू करे। उन्होंने मांग की कि फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए। पैरोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन को पक्का किया जाए। झज्जर में वर्ष 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लिया जाए। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सफाई कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और ठेका प्रथा बंद की जाए। सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये दिए जाएं। सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित किया जाए और 5,000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए।
इस मौके पर जिला सचिव गौरव, ऑडिटर कृष्ण, सलाहकार सुरेश, सहसचिव बबली, महिला उपप्रधान कमलेश, प्रचार संचालक मनीषा, शीतल, रानी, दया, सुषमा, सुमित्रा, सीमा, अंजू, सुरेश, रविंद्र, विक्रम, नवीन, अमित, मुकेश, विनोद और दुष्यंत मौजूद रहे।
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इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने बताया कि 28 अगस्त के बाद महाआंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि 13 मई 2026 को संघ और सरकार के बीच हुए समझौते को सरकार लागू करे। उन्होंने मांग की कि फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए। पैरोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन को पक्का किया जाए। झज्जर में वर्ष 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लिया जाए। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सफाई कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और ठेका प्रथा बंद की जाए। सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये दिए जाएं। सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित किया जाए और 5,000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए।
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इस मौके पर जिला सचिव गौरव, ऑडिटर कृष्ण, सलाहकार सुरेश, सहसचिव बबली, महिला उपप्रधान कमलेश, प्रचार संचालक मनीषा, शीतल, रानी, दया, सुषमा, सुमित्रा, सीमा, अंजू, सुरेश, रविंद्र, विक्रम, नवीन, अमित, मुकेश, विनोद और दुष्यंत मौजूद रहे।
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