{"_id":"5946e6784f1c1b37738b468b","slug":"201497818744-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई संगठनों के पदाधिकारियों का संत को समर्थन, अनशन तोड़ने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई संगठनों के पदाधिकारियों का संत को समर्थन, अनशन तोड़ने की अपील
Updated Mon, 19 Jun 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर मानसरोवर पार्क में आमरण अनशन पर बैठे संत गोपालदास को समर्थन देने कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने संत से अपील की कि आमरण अनशन खत्म कर दें। सभी मिलकर गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। संत यहां 17 दिनों से अनशन पर बैठे हैं।
बाबा कालीदास, डॉ. स्वामी परमानंद और कपिल पुरी महाराज रविवार दोपहर को संत गोपालदास के पास पहुंचे। उन्होंने गोमाता के कल्याण के लिए इस आंदोलन को समर्थन दिया। इसके अलावा राष्ट्रीय विकास समन्वय समिति के सदस्य सत्यप्रकाश भारत, जयहिंद मंच के राष्ष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा, गोधन सेवा समिति के प्रधान रमेश राठी, डीघल से रमेश अहलावत और ओमप्रकाश आदि ने भी संत को समर्थन दिया। संगठन पदाधिकारियों ने संत से आमरण अनशन खत्म करने की अपील की। लोगों ने आश्वासन दिया कि वह सभी मिलकर गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। लोगों को गोमाता के कल्याण के लिए जागरूक किया जाएगा। वहीं, जल त्यागने की वजह से संत की हालत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन संत ने आमरण अनशन खत्म करने से साफ इनकार कर दिया। संत का कहना है कि यदि गोमाता के कल्याण के लिए उन्हें प्राण भी त्यागने पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि संत गोपालदास ने 2 जून को आमरण अनशन शुरू किया था।
विज्ञापन
रोहतक।
गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर मानसरोवर पार्क में आमरण अनशन पर बैठे संत गोपालदास को समर्थन देने कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने संत से अपील की कि आमरण अनशन खत्म कर दें। सभी मिलकर गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। संत यहां 17 दिनों से अनशन पर बैठे हैं।
बाबा कालीदास, डॉ. स्वामी परमानंद और कपिल पुरी महाराज रविवार दोपहर को संत गोपालदास के पास पहुंचे। उन्होंने गोमाता के कल्याण के लिए इस आंदोलन को समर्थन दिया। इसके अलावा राष्ट्रीय विकास समन्वय समिति के सदस्य सत्यप्रकाश भारत, जयहिंद मंच के राष्ष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा, गोधन सेवा समिति के प्रधान रमेश राठी, डीघल से रमेश अहलावत और ओमप्रकाश आदि ने भी संत को समर्थन दिया। संगठन पदाधिकारियों ने संत से आमरण अनशन खत्म करने की अपील की। लोगों ने आश्वासन दिया कि वह सभी मिलकर गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। लोगों को गोमाता के कल्याण के लिए जागरूक किया जाएगा। वहीं, जल त्यागने की वजह से संत की हालत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन संत ने आमरण अनशन खत्म करने से साफ इनकार कर दिया। संत का कहना है कि यदि गोमाता के कल्याण के लिए उन्हें प्राण भी त्यागने पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि संत गोपालदास ने 2 जून को आमरण अनशन शुरू किया था।
विज्ञापन