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कोरोना की संभावित तीसरी लहर में राहत देगा 200 बेड का आईसीयू

Thu, 22 Jul 2021 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:21 AM IST
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200 bed ICU will give relief in possible third wave of Corona
पीजीआई प्रशासन ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए पीजीआई में 200 बेड के आईसीयू की व्यवस्था की जा रही है। इनमें से 100 बेड की आईसीयू एक निजी फाउंडेशन की ओर से मदद के तौर पर तैयार की जा रही है। इनमें से 64 बेड 30 जुलाई तक तैयार हो जाएंगे। उक्त जानकारी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने दी है। वह बुधवार को अपने कार्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि न्यूरो सर्जरी की 10 बेड आईसीयू के अलावा बच्चों के लिए 100 बेड की आईसीयू बनाई जाएगी। यहां बीमार बच्चों के नहीं आने पर बड़ों को भी भर्ती किया जा सकेगा। बच्चों का इलाज आसान बनाने के लिए संस्थान में 20 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू बनाया जाएगा। इसे अलग विभाग के रूप में विकसित करने की मंजूरी मिल गई है। साथ ही पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए चिकित्सकों के नौ पद स्वीकृत हो गए हैं। इस मौके पर विवि कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया, डॉ. एसएस लोहचब मौजूद रहे।
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चिकित्सकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
कुलपति ने बताया कि वर्तमान समय में शिशु रोग विशेषज्ञों की किल्लत चल रही है। इसके लिए जल्द ही संस्थान में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन के तहत सुपर स्पेशिलिटी ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। सरकार से मंजूरी मिल गई है। अब बोर्ड को पत्र लिखा जाएगा। इससे पीडियाट्रिक विभाग में एमडी करने वाले विद्यार्थी तीन साल के कोर्स के दौरान प्रदेश के चिकित्सकों को प्रशिक्षण देंगे। इससे शिशु रोग चिकित्सकों की कमी नहीं रहेगी।
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पीजीआई में होगी 40 हजार एमटी ऑक्सीजन
कोरोना की तीसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन किल्लत न रहे, इसके लिए संस्थान में ऑक्सीजन स्टोरेज व उत्पन्न करने की क्षमता 30 से 40 हजार मीट्रिक टन की जाएगी। मौजूदा समय में संस्थान में 15 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन की क्षमता है। इसी क्रम में यहां दो ऑक्सीजन प्लांट लगा दिए गए हैं। इनमें से एक प्लांट एक हजार लीटर प्रति मिनट व दूसरा 133 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन क्षमता का है। इसके अलावा दस हजार लीटर क्षमता का टैंक पहले से है। मरीजों की सुविधा के लिए 500 ऑक्सीजन सिलिंडर भी खरीदे जा रहे हैं।

1200 बेड पर मिलेगी ऑक्सीजन सुविधा
डॉ. कालरा ने बताया कि संस्थान में कोविड मरीजों के लिए दूसरी लहर में 566 बेड थे। इनमें से 115 को आईसीयू में तब्दील कर दिया गया है। हर बेड पर ऑक्सीजन सुविधा देने के लिए 6.25 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल मेडिकल गैस पाइपलाइन का काम शुरू कर दिया गया है। इससे संस्थान के 2080 में से 1200 बेड पर मरीजों को ऑक्सीजन सुविधा मुहैया होगी। बच्चों के 600 बेड तैयार किए जा रहे हैं। इन सभी बेडों पर ऑक्सीजन सप्लाई दी जाएगी। इनमें से 100 बेड आईसीयू के होंगे।
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