फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   संस् थान में किसी गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के लिए जगह नहीं

संस् थान में किसी गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के लिए जगह नहीं

Sun, 10 Mar 2019 02:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 10 Mar 2019 02:19 AM IST
विज्ञापन
संस्
थान में किसी गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के लिए जगह नहीं
रोहतक। पीजीआईएमएस में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। यदि किसी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो तुरंत जांच होगी और जांच में दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह स्वयं संस्थान का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। यह दावा शनिवार को पीजीआईएमएस के नवनियुक्त निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने किया है। अधिकारी का कहना है कि अभी तक वह नियमित नहीं थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी है कि संस्थान में किसी को न कोई समस्या हो और न ही गलत कार्य हो।
विज्ञापन

डॉ. यादव को शनिवार सुबह उनके कार्यालय में उनकी रेडियोलॉजी विभाग की टीम बधाई देने पहुंची। उन्होंने सभी डॉक्टरों को कहा कि वह अपना कार्य ईमानदारी से करें व हमेशा उनके साथ रहेंगे। अमर उजाला से विशेष बातचीत में निदेशक ने कहा कि मेडिकल मोड़ से अंदर तक आ रही सड़क के दोनों किनारे बरसाती पानी निकालने के लिए स्ट्रॉम वाटर का नाला बिछाया जाना है, इसके लिए टेंडर हो गया है। इसके बाद यहां सड़क बनेगी और उसकी सफाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस रोड पर न तो अतिक्रमण होने दिया जाएगा और न ही जाम लगने दिया जाएगा। अधिकारी ने माना कि मेडिकल मोड़ पर बॉटल नैक बना है, इस बाधा को दूर करना होगा। वहीं अधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना को लेकर मीटिंग होगी और इसमें डॉक्टरों व स्टाफ को बताया जाएगा, इससे किसी लाभ पात्र को समस्या नहीं आएगी। संस्थान का रेट कांट्रेक्ट हो गया है, यदि अंदर दवा नहीं होती तो उसे बाहर से खरीदा जा सकता है।
विज्ञापन


इन अहम मुद्दों पर होने वाले विवादों का निकाला हल
1. वेंटिलेटर और मरीजों की संख्या का होगा रिकार्ड
: संबंधित विभाग अपने यहां उपलब्ध वेंटिलेटरों की डिटेल रोजाना देंगे, इसमें बताना होगा कितने काम कर रहे हैं और कितने मरीज उपचार पा रहे हैं। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं होगी, सब कुछ सार्वजनिक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


2. हाई डिपेंडेंसी यूनिट का हो प्रयोग
मेडिसन व सर्जरी विभाग के वार्डों में तकरीब 12 वेंटिलेटर हैं। लेेकिन यहां से डॉक्टर मरीजों को आईसीयू व डे-केयर में भेजना अधिक पसंद करते हैं। इन्हें निर्देश दिया जाएगा कि वह प्रशिक्षण लें और बगैर जरूरत के मरीजों को डे-केयर में रेफर न करें। इससे वेंटिलेटर की संख्या अपने आप बढ़ जाएगी।

3. स्वास्थ्य विभाग व खानपुर मेडिकल कॉलेज को लिखेंगे पत्र
अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व खानपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा कि वह बेवजह जच्चा को रेफर न करें। इसके लिए संस्थान में रजिस्टर रखवाया जाएगा, इसमें रेफर होकर आने वाले केस का रिकार्ड दर्ज होगा। बेवजह मरीज रेफर करने के केसों की जानकारी उनके अधिकारियों को दी जाएगी।


4. करोड़ों के जब्त इम्प्लांट मामले में अब करेंगे कानूनी कार्रवाई
संस्थान में अवैध रूप से जब्त करोड़ों के इम्प्लांट मामले पर अब लीगल एडवाइज लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने माना कि वह कई बार पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में लिख चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब वह इस पर कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई करने की तैयारी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed