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बैंयापुर में नहीं पहुंचे सीएम
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:56 AM IST
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अखिल भारतीय देशवाल पंचायत भवन के शिलान्यास को लेकर हुए विवाद का मामला
बैंयापुर नहीं आए सीएम, धनखड़ ने किया शिलान्यास
- सहकारिता मंत्री भी पहुंचे देरी से, प्रशासन ने विरोध कर रहे लाढ़ौत के ग्रामीणों को चबूतरे से नहीं आने दिया बाहर
- देशवाल पंचायत भवन के लिए धनखड़ ने दिए 21 लाख, तो कुंडू ने 11 लाख की घोषणा की, सहकारिता मंत्री बोले, धनखड़ को ही मेरी भी पावर
- आखिरी समय तक रही असमंजस की स्थिति, परेशान नजर आए आयोजक
- आज दोनों पक्षों की डीसी ने बुलाई कार्यालय में मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बैंयापुर गांव में अखिल भारतीय देशवाल पंचायत भवन का शिलान्यास करने नहीं आए। आधिकारिक तौर पर चाहे आयोजक व प्रशासन कारण नहीं बता रहा, लेकिन इसके पीछे देशवाल गोत्र के दो गांवों लाढ़ोत और बैंयापुर के बीच की खींचतान को माना जा रहा है। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बैंयापुर पहुंच कर भवन की नींव रखी। साथ में जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू भी मौजूद रहे, जबकि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर थोड़ी देरी से कार्यक्रम में पहुंचे।
दामाद की खातिरदारी से फ्री सरकार : धनखड़
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अब न तो पीएम का दामाद है और न ही सीएम का। इसलिए दोनों ही देश व समाज का भला कैसे हो, इस कार्य में जुटे हुए हैं। कांग्रेस सरकार में तो दामाद थे, इसलिए मुख्यमंत्री को अपना समय दामाद की खातिर-पानी में लगाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से लंबित वन रैंक-वन पेंशन योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किया गया है। अब यह दूसरा बड़ा कार्य है कि किसानों को उनकी फसलों के दाम 50 प्रतिशत लाभ के साथ मिलेंगे।
प्रदेश को लूटने वाले जाएंगे जेल : ग्रोवर
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन लोगों ने प्रदेश को लूटा है, उनका जेल में जाना तय है। सेवा करने वाले लोग ही जनता के बीच रहेंगे। ग्रोवर ने कहा कि भाजपा की सरकार सबका साथ-सबका विकास की अवधारणा को लेकर काम कर रही है। सरकार को लोगों के स्वास्थ्य की भी चिंता है, इसलिए आम जनता के लिए बीमा योजना को क्रियान्वित किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का निदान करने के लिए मुख्यमंत्री निवास के द्वार हमेशा खुले हैं।
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ग्रोवर बोले, मेरी पावर धनखड़ के पास
जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू ने मंच से कहा कि वे देशवाल पंचायत भवन के लिए 11 लाख रुपये जिला परिषद की तरफ से देना चाहते हैं, अगर कृषि मंत्री इसकी अनुमति दें तो। पब्लिक के बीच कुंडू बोले, मंत्री ने इशारा कर दिया है। वे 11 लाख रुपये जिला परिषद की तरफ से भवन के निर्माण में देंगे। वहीं, अपने संबोधन के समय कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भवन के लिए 21 लाख रुपये, सफीदों से विधायक जसबीर देशवाल ने पांच लाख रुपये व स्वामी जसमेर ने 11 लाख रुपये देने का ऐलान किया। माइक से जब सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की तरफ ग्रांट के लिए इशारा किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से ग्रांट देने की पावर ओमप्रकाश धनखड़ के पास ही हैं।
कार्यक्रम को लेकर आखिरी समय तक परेशान नजर आए आयोजक
बैंयापुर गांव में अखिल भारतीय देशवाल पंचायत भवन, पार्क व लाइब्रेरी के शिलान्यास का कार्यक्रम शिवधन देशवाल, बैंयापुर के सरपंच संजय देशवाल और घिलौड़ गांव के पूर्व सरपंच डाक्टर दिनेश घिलौड़ की तरफ से किया गया था। लाढ़ौत में देशवाल खाप का चबूतरा व भवन पहले से है। ऐसे में नया भवन बनाना ठीक नहीं है। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार बाल्मीकि, संजय देशवाल, चेयरमैन राजबीर आर्य, अशोक खत्री, संजीव गुलिया, विजय लाढौत, शिवधन देशवाल, उमेद प्रधान, योगानंद, नरेश बलियाना, जयभगवान, रामचंद्र, जगबीर सैनी, विकास रोहिल्ला व पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई भी मौजूद रहे।
पत्थर से खाप का नाम हटाने पर अड़े लाढ़ौत के ग्रामीण
उधर, लाढ़ौत गांव के ग्रामीण शिलान्यास पत्थर पर देशवाल खाप का नाम लिखने पर अड़ गए हैं। दर्जनों ग्रामीण ट्रैक्टर व ट्रालियों में सवार होकर लाढ़ौत के लिए चल पड़े थे, लेकिन एसडीएम अरविंद मल्हान और सदर पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया। पहले शाम चार बजे दोनों पक्षों की मीटिंग बुलाई, लेकिन व्यवस्था के चलते मीटिंग नहीं हो सकी। इसके चलते अब रविवार को साढ़े 11 बजे दोनों पक्षों के 10-10 लोगों को डीसी आफिस में बुलाया गया है। ताकि विवाद को खत्म किया जा सके।
लाढ़ौत गांव के देशवाल भवन में एकत्रित हुए ग्रामीणों को आपत्ति थी कि बैंयापुर गांव में बन रहे पंचायत भवन पर देशवाल खाप का नाम प्रयोग न किया जाए। क्योंकि देशवाल खाप की असली उत्पत्ति लाढ़ौत गांव से है, जहां पहले से भवन बना हुआ है। दोनों पक्षों को डीसी आफिस में बुलाया गया है, ताकि विवाद को खत्म किया जा सके।
- अरविंद मल्हान, एसडीएम
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बैंयापुर नहीं आए सीएम, धनखड़ ने किया शिलान्यास
- सहकारिता मंत्री भी पहुंचे देरी से, प्रशासन ने विरोध कर रहे लाढ़ौत के ग्रामीणों को चबूतरे से नहीं आने दिया बाहर
- देशवाल पंचायत भवन के लिए धनखड़ ने दिए 21 लाख, तो कुंडू ने 11 लाख की घोषणा की, सहकारिता मंत्री बोले, धनखड़ को ही मेरी भी पावर
- आखिरी समय तक रही असमंजस की स्थिति, परेशान नजर आए आयोजक
- आज दोनों पक्षों की डीसी ने बुलाई कार्यालय में मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बैंयापुर गांव में अखिल भारतीय देशवाल पंचायत भवन का शिलान्यास करने नहीं आए। आधिकारिक तौर पर चाहे आयोजक व प्रशासन कारण नहीं बता रहा, लेकिन इसके पीछे देशवाल गोत्र के दो गांवों लाढ़ोत और बैंयापुर के बीच की खींचतान को माना जा रहा है। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बैंयापुर पहुंच कर भवन की नींव रखी। साथ में जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू भी मौजूद रहे, जबकि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर थोड़ी देरी से कार्यक्रम में पहुंचे।
दामाद की खातिरदारी से फ्री सरकार : धनखड़
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अब न तो पीएम का दामाद है और न ही सीएम का। इसलिए दोनों ही देश व समाज का भला कैसे हो, इस कार्य में जुटे हुए हैं। कांग्रेस सरकार में तो दामाद थे, इसलिए मुख्यमंत्री को अपना समय दामाद की खातिर-पानी में लगाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से लंबित वन रैंक-वन पेंशन योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किया गया है। अब यह दूसरा बड़ा कार्य है कि किसानों को उनकी फसलों के दाम 50 प्रतिशत लाभ के साथ मिलेंगे।
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प्रदेश को लूटने वाले जाएंगे जेल : ग्रोवर
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन लोगों ने प्रदेश को लूटा है, उनका जेल में जाना तय है। सेवा करने वाले लोग ही जनता के बीच रहेंगे। ग्रोवर ने कहा कि भाजपा की सरकार सबका साथ-सबका विकास की अवधारणा को लेकर काम कर रही है। सरकार को लोगों के स्वास्थ्य की भी चिंता है, इसलिए आम जनता के लिए बीमा योजना को क्रियान्वित किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का निदान करने के लिए मुख्यमंत्री निवास के द्वार हमेशा खुले हैं।
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ग्रोवर बोले, मेरी पावर धनखड़ के पास
जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू ने मंच से कहा कि वे देशवाल पंचायत भवन के लिए 11 लाख रुपये जिला परिषद की तरफ से देना चाहते हैं, अगर कृषि मंत्री इसकी अनुमति दें तो। पब्लिक के बीच कुंडू बोले, मंत्री ने इशारा कर दिया है। वे 11 लाख रुपये जिला परिषद की तरफ से भवन के निर्माण में देंगे। वहीं, अपने संबोधन के समय कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भवन के लिए 21 लाख रुपये, सफीदों से विधायक जसबीर देशवाल ने पांच लाख रुपये व स्वामी जसमेर ने 11 लाख रुपये देने का ऐलान किया। माइक से जब सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की तरफ ग्रांट के लिए इशारा किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से ग्रांट देने की पावर ओमप्रकाश धनखड़ के पास ही हैं।
कार्यक्रम को लेकर आखिरी समय तक परेशान नजर आए आयोजक
बैंयापुर गांव में अखिल भारतीय देशवाल पंचायत भवन, पार्क व लाइब्रेरी के शिलान्यास का कार्यक्रम शिवधन देशवाल, बैंयापुर के सरपंच संजय देशवाल और घिलौड़ गांव के पूर्व सरपंच डाक्टर दिनेश घिलौड़ की तरफ से किया गया था। लाढ़ौत में देशवाल खाप का चबूतरा व भवन पहले से है। ऐसे में नया भवन बनाना ठीक नहीं है। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार बाल्मीकि, संजय देशवाल, चेयरमैन राजबीर आर्य, अशोक खत्री, संजीव गुलिया, विजय लाढौत, शिवधन देशवाल, उमेद प्रधान, योगानंद, नरेश बलियाना, जयभगवान, रामचंद्र, जगबीर सैनी, विकास रोहिल्ला व पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई भी मौजूद रहे।
पत्थर से खाप का नाम हटाने पर अड़े लाढ़ौत के ग्रामीण
उधर, लाढ़ौत गांव के ग्रामीण शिलान्यास पत्थर पर देशवाल खाप का नाम लिखने पर अड़ गए हैं। दर्जनों ग्रामीण ट्रैक्टर व ट्रालियों में सवार होकर लाढ़ौत के लिए चल पड़े थे, लेकिन एसडीएम अरविंद मल्हान और सदर पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया। पहले शाम चार बजे दोनों पक्षों की मीटिंग बुलाई, लेकिन व्यवस्था के चलते मीटिंग नहीं हो सकी। इसके चलते अब रविवार को साढ़े 11 बजे दोनों पक्षों के 10-10 लोगों को डीसी आफिस में बुलाया गया है। ताकि विवाद को खत्म किया जा सके।
लाढ़ौत गांव के देशवाल भवन में एकत्रित हुए ग्रामीणों को आपत्ति थी कि बैंयापुर गांव में बन रहे पंचायत भवन पर देशवाल खाप का नाम प्रयोग न किया जाए। क्योंकि देशवाल खाप की असली उत्पत्ति लाढ़ौत गांव से है, जहां पहले से भवन बना हुआ है। दोनों पक्षों को डीसी आफिस में बुलाया गया है, ताकि विवाद को खत्म किया जा सके।
- अरविंद मल्हान, एसडीएम