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देश भर के साधु-संतों का समर्थन के लिए संत धर्मदेव रवाना
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। देशभर के साधु-संतों का समर्थन जुटाने के लिए बुधवार को संत धर्मदेव रवाना हो गया। वह नागा साधुओं के महामंडलेश्वर और शंकराचार्यों के पास जाकर सहयोग की मांग करेंगे। संस धर्मदेव अभी तक संत गोपालदास के साथ अनशन पर बैठे थे।
गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर चल रहा संत गोपालदास का आमरण अनशन 34वें दिन में पहुंच गया। बुधवार को सुबह पार्क में श्रीकृष्ण सिंह पाली ने सुखमणी साहेब का पाठ कराया। इसके बाद संत धर्मदेव एक प्रतिनिधिमंडल के साथ देशभर के साधु-संतों का समर्थन जुटाने के लिए रवाना हो गए।
वह संत गोपालदास के खून से लिखा हुआ पत्र भी लेकर गए। संत गोपालदास ने बताया कि सबसे पहले नागा साधुओं के महामंडलेश्वर और शंकराचार्यों के पास जाएंगे। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर समर्थन मांगेंगे। उधर, संत के आंदोलन को समर्थन देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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बिजनौर से आयुर्वेद और योग शिक्षक हिरामणी, गोरक्षक सेना बहादुरगढ़, गोसेवा समिति गोयला कलां, सोनीपत गोशाला संघ और गोरक्षा दल महेंद्रगढ़ से भी पदाधिकारी समर्थन देने के लिए पहुंचे।
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रोहतक। देशभर के साधु-संतों का समर्थन जुटाने के लिए बुधवार को संत धर्मदेव रवाना हो गया। वह नागा साधुओं के महामंडलेश्वर और शंकराचार्यों के पास जाकर सहयोग की मांग करेंगे। संस धर्मदेव अभी तक संत गोपालदास के साथ अनशन पर बैठे थे।
गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर चल रहा संत गोपालदास का आमरण अनशन 34वें दिन में पहुंच गया। बुधवार को सुबह पार्क में श्रीकृष्ण सिंह पाली ने सुखमणी साहेब का पाठ कराया। इसके बाद संत धर्मदेव एक प्रतिनिधिमंडल के साथ देशभर के साधु-संतों का समर्थन जुटाने के लिए रवाना हो गए।
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वह संत गोपालदास के खून से लिखा हुआ पत्र भी लेकर गए। संत गोपालदास ने बताया कि सबसे पहले नागा साधुओं के महामंडलेश्वर और शंकराचार्यों के पास जाएंगे। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर समर्थन मांगेंगे। उधर, संत के आंदोलन को समर्थन देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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बिजनौर से आयुर्वेद और योग शिक्षक हिरामणी, गोरक्षक सेना बहादुरगढ़, गोसेवा समिति गोयला कलां, सोनीपत गोशाला संघ और गोरक्षा दल महेंद्रगढ़ से भी पदाधिकारी समर्थन देने के लिए पहुंचे।