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ट्रेड टावर के 48 दुकानदारों ने एक साल से नहीं दिया 60 लाख किराया

Sat, 04 Aug 2018 01:45 AM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 01:45 AM IST
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ट्रेड टावर के 48 दुकानदारों ने एक साल से नहीं दिया 60 लाख किराया
ट्रेड टावर के 48 दुकानदारों ने एक साल से अदा नहीं किया 60 लाख किराया
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सिरसा। शहर के ट्रेड टावर के 48 दुकानदारों ने पिछले एक साल से नगरपरिषद को करीब 60 लाख का किराया अदा नहीं किया। किराए की वसूली के लिए नगरपरिषद करीब तीन बार दुकानदारों को नोटिस भेज चुकी है। अब नगरपरिषद ने दुकानदारों से किराया वसूलने के लिए कोर्ट जाने का निर्णय लिया है। वहीं ईओ ने कोर्ट केस के लिए फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए है।
जानकारी के अनुसार नगरपरिषद का ट्रेड टावर के करीब 48 दुकानदारों पर करीब 60 लाख रुपये का किराया बकाया है। ये किराया पिछले एक साल का है। दुकानदारों ने पिछले साल मार्च 2017 से लेकर मार्च 2018 तक नगरपरिषद में किराया जमा नहीं करवाया। जो कि 60 लाख बन गया। नप ने इन्हें किराया जमा करवाने के लिए तीन बार नोटिस भेजे। लेकिन दुकानदारों ने किराया अदा नहीं किया।
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नगरपरिषद ने 2011 में दुकानदारों को बोली के माध्यम से किराए पर दुकानें दी थी। ट्रेड टावर में करीब 119 दुकानें मौजूदा समय में है। करीब 64 दुकानें चढ़ी हुई हैं और 52 खाली है। जब दुकानें किराए पर दी तो दुकानदारों से चार से साढ़े चार लाख रुपये नॉन रिफंडबल सिक्योरिटी जमा करवाई। एक साल का किराया भी लिया गया। किसी ने सात हजार प्रति माह और किसी ने नौ हजार रुपये प्रति माह पर दुकान किराए पर ली। पांच साल बाद किराये में 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का नियम है। लेकिन 48 दुकानदारों ने 2017 के बाद किराया अदा नहीं किया।
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इस संबंध में ट्रेड टावर मार्केट एसोसिएशन के प्रधान गोल्डी मेहता ने बताया कि कष्ट निवारण समिति की एक बैठक में जिला प्रशासन की मौजूदगी में तय हुआ था कि जब तक मामले की जांच सीएम फ्लाइंग करेगी, तब तक दुकानदारों से किराया नगर परिषद नहीं वसूलेगा। इसके लिए बाकायदा उपायुक्त ने शहरी विकास एवं निकाय मंत्रालय को पत्र लिखना था और प्रशासन ने लिखा भी है। नगर परिषद के गलत रवैये के कारण कुछ दुकानें मार्केट से सरेंडर हो गई है और नगर परिषद की किराया वसूल की गलत नीति के कारण मार्केट से चहल पहल भी खत्म हो गई है। ऐसे में अब दुकानदार उलझ कर रह गए है, क्योंकि न तो मार्केट में ग्राहक है और न ही लोगों की चहल पहल। उन्होंने कहा कि नगर परिषद अगर समय रहते दुकानदारों की किराया कम की मांग को मान लेती, तो शायद इस मार्केट में दुकानें सरेंडर होने की बजाए खाली पड़ी भी चढ़ जाती। मगर ऐसा नहीं हुआ। इससे रोषित दुकानदारों ने अब नगर परिषद के खिलाफ माननीय हाईकोर्ट में दस्तक देने की नीति बनाई है।
चार दुकानदारों के काटे चालान
दूसरी ओर नगरपरिषद ने शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर देवेंद्र बिश्नोई और सेनेटरी इंस्पेक्टर पवन कंबोज ने करीब चार दुकानदारों द्वारा सामान बाहर रखने पर उनका चालान काटा। अभियान शहर के सांगवान चौंक, शिव चौक, घंटाघर चौंक, भगत सिंह, रोडी बाजार और जगदेव सिंह चौंक पर चलाया गया। वहीं शहर में एक दुकानदार द्वारा बार बार सामान बाहर रखने पर नप ने सिटी थाना में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की शिकायत दी है।

कोट्स
करीब 48 दुकानदारों द्वारा किराया अदा नहीं किया गया। इसलिए नगर परिषद दुकानें खाली करवाने के लिए कोर्ट में केस दायर करने जा रही है। सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
वीरेंद्र सहारण, ईओ, नगरपरिषद सिरसा।
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