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शिक्षित और संस्कारित नारी कर सकती है मानव निर्माण : पूनम आर्या
Updated Wed, 04 Oct 2017 02:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद, आर्य समाज मोखरा की ओर से चल रहे कन्या चरित्र निर्माण शिविर का मंगलवार को समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों ने व्यायाम, कराटे, कमांडो और लाठी चलाने का प्रदर्शन किया गया।
बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम आर्या ने कहा कि शिक्षित और संस्कारित नारी ही मानव का निर्माण कर सकती है। मां बच्चे का पहली गुरु होती है। यदि गुरु ही संस्कारित नही होंगे तो बच्चों में संस्कार कैसे पैदा होंगे। इसलिए समाज और सरकार को नारी की शिक्षा व संस्कार पर बल देना होगा। आर्य समाज इस क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है। उन्होंने शिविरार्थियो को जीवन में संस्कार, चरित्र, ईमानदारी, नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और ईश्वर भक्ति को अपनाने का संकल्प दिलाया। अभियान की राष्ट्रीय संयोजक प्रवेश आर्या ने कहा कि बेटियों को स्वयं सुरक्षा और स्वाभिमान से जीने की कला सिखानी होगी। इससे उनके अंदर ऊर्जा आएगी और खुद की पहचान का सदुपयोग कर सकेगी। मुख्य प्रशिक्षिका सुमन आर्य ने शिविर में विजेता रहने वाली शिविरार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर आर्य समाज मोखरा के प्रधान मास्टर राजेंद्र, सरपंच सुरेंद्र, आर्यन, राजवीर, विद्यानंद, अजीत, अक्षय, नवीन, मीनू, एकता, ज्योति, पूजा और इंदू आर्या आदि मौजूद रहे।
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रोहतक।
सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद, आर्य समाज मोखरा की ओर से चल रहे कन्या चरित्र निर्माण शिविर का मंगलवार को समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों ने व्यायाम, कराटे, कमांडो और लाठी चलाने का प्रदर्शन किया गया।
बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम आर्या ने कहा कि शिक्षित और संस्कारित नारी ही मानव का निर्माण कर सकती है। मां बच्चे का पहली गुरु होती है। यदि गुरु ही संस्कारित नही होंगे तो बच्चों में संस्कार कैसे पैदा होंगे। इसलिए समाज और सरकार को नारी की शिक्षा व संस्कार पर बल देना होगा। आर्य समाज इस क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है। उन्होंने शिविरार्थियो को जीवन में संस्कार, चरित्र, ईमानदारी, नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और ईश्वर भक्ति को अपनाने का संकल्प दिलाया। अभियान की राष्ट्रीय संयोजक प्रवेश आर्या ने कहा कि बेटियों को स्वयं सुरक्षा और स्वाभिमान से जीने की कला सिखानी होगी। इससे उनके अंदर ऊर्जा आएगी और खुद की पहचान का सदुपयोग कर सकेगी। मुख्य प्रशिक्षिका सुमन आर्य ने शिविर में विजेता रहने वाली शिविरार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर आर्य समाज मोखरा के प्रधान मास्टर राजेंद्र, सरपंच सुरेंद्र, आर्यन, राजवीर, विद्यानंद, अजीत, अक्षय, नवीन, मीनू, एकता, ज्योति, पूजा और इंदू आर्या आदि मौजूद रहे।
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