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खिलाड़ियों का निवाला तक खा गया ‘खेल विभाग’
Updated Fri, 29 Sep 2017 03:03 AM IST
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अमित कौशिक
रोहतक।
खेल विभाग खिलाड़ियों के मुंह का निवाला तक खा गया। करनाल में बुधवार को हुई खेल महाकुंभ की ओपनिंग सेरेमनी में गए जिले के सौ खिलाड़ियों को आधी रात भूखे पेट घर लौटना पड़ा। प्रदेश सरकार की ओर से इन खिलाड़ियों के दो वक्त के खाने के लिए जिला खेल विभाग को 30 हजार रुपये मिले थे। इसके बावजूद भी खिलाड़ियों को भूखा रहना पड़ा।
हरियाणा स्वर्ण जयंती के अवसर पर हो रहे खेल महाकुंभ की ओपनिंग सेरेमनी बुधवार को खेलमंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में करनाल में हुई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी शामिल हुए। इसके लिए प्रदेश भर के जिलों में विभिन्न खेलों के 100-100 खिलाड़ी पहुंचे। खिलाड़ियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रोहतक जिले के सौ खिलाड़ियों को बुधवार की दोपहर 11:30 बजे रोडवेज की दो बसों में करनाल के लिए ले जाया गया। उन्हें घरौंड़ा निकलने के बाद करनाल पहुंचने से कुछ किलोमीटर पहले ही दोपहर करीब दो बजे एक ढाबे पर खाना खिलाया गया। इसके बाद वह सेरेमनी में शामिल हुए। वहां उन्हें रिफ्रेशमेंट के तौर पर पीने के लिए दूध मिला। समारोह खत्म होते-होते रात हो गई और वह करीब 11 बजे वहां से निकले। खिलाड़ियों ने बताया कि भूख लगने के बावजूद उन्हें खाना तक नहीं खिलाया गया।
खाने की लगाते रहे गुहार
समारोह में गए खिलाड़ियों ने बताया कि कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही वह उनके साथ गए कोच से भूख लगने की बात कह चुके थे। इसके बाद उन्हें रास्ते में खाना खिलाने की बात कहकर बस में बैठा दिया गया। रास्ते में भी कहीं बस रुकती नहीं देखकर उन्होंने उनके साथ गए अधिकारियों को भी फोन किया। बावजूद इसके उन्हें खाना नहीं खिलाया गया। रात एक बजे रोहतक पहुंची बस से अधिकतर खिलाड़ी शीला बाईपास पर उतर गए, तो कई खिलाड़ी छोटूराम स्टेडियम के पास इंतजार कर रहे अपने परिजनों के साथ घर पहुंचे।
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शाम से लेकर रात तक रहे भूखे, अगले दिन वीरवार को लिया खेलों मेें हिस्सा
खिलाड़ियों ने बताया कि वह बुधवार शाम से लेकर देर रात तक भूखे ही रहे। उन्हें अगले दिन राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चल रही प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेना था।उन्हें मजबूरन घर पर पहले ही फोन करके बताना पड़ा कि उनका खाना बना दें, वह जल्दी से खाकर सोएंगे ताकि अगले दिन खेल में हिस्सा ले सकें।
मेरे घर में भी बच्चे खिलाड़ी के तौर पर भविष्य तलाश रहे हैं। मुझे खेल महाकुंभ की सेरेमनी में गए बच्चों का जो दृश्य देखने को मिला उससे मैं बेहद आहत हूं। इसमें कई छोटे बच्चे भी थे जो खाने के लिए चिल्लाते रहे, मगर फिर भी उन्हें खाना नहीं मिला। हरियाणा में ऐसे हालात देखकर दुख होता है।
- राजेश कुमार, रोडवेज ड्राइवर
खिलाड़ियों को समारोह में जाते समय खाना खिलाया गया था। सेरेमनी में भी उन्हें रिफ्रेशमेंट दी गई थी। रात को लेट हो जाने की वजह से उन्हें आते समय खाना नहीं खिलाया गया।
- निर्मला, जिला खेल अधिकारी, रोहतक
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रोहतक।
खेल विभाग खिलाड़ियों के मुंह का निवाला तक खा गया। करनाल में बुधवार को हुई खेल महाकुंभ की ओपनिंग सेरेमनी में गए जिले के सौ खिलाड़ियों को आधी रात भूखे पेट घर लौटना पड़ा। प्रदेश सरकार की ओर से इन खिलाड़ियों के दो वक्त के खाने के लिए जिला खेल विभाग को 30 हजार रुपये मिले थे। इसके बावजूद भी खिलाड़ियों को भूखा रहना पड़ा।
हरियाणा स्वर्ण जयंती के अवसर पर हो रहे खेल महाकुंभ की ओपनिंग सेरेमनी बुधवार को खेलमंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में करनाल में हुई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी शामिल हुए। इसके लिए प्रदेश भर के जिलों में विभिन्न खेलों के 100-100 खिलाड़ी पहुंचे। खिलाड़ियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रोहतक जिले के सौ खिलाड़ियों को बुधवार की दोपहर 11:30 बजे रोडवेज की दो बसों में करनाल के लिए ले जाया गया। उन्हें घरौंड़ा निकलने के बाद करनाल पहुंचने से कुछ किलोमीटर पहले ही दोपहर करीब दो बजे एक ढाबे पर खाना खिलाया गया। इसके बाद वह सेरेमनी में शामिल हुए। वहां उन्हें रिफ्रेशमेंट के तौर पर पीने के लिए दूध मिला। समारोह खत्म होते-होते रात हो गई और वह करीब 11 बजे वहां से निकले। खिलाड़ियों ने बताया कि भूख लगने के बावजूद उन्हें खाना तक नहीं खिलाया गया।
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खाने की लगाते रहे गुहार
समारोह में गए खिलाड़ियों ने बताया कि कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही वह उनके साथ गए कोच से भूख लगने की बात कह चुके थे। इसके बाद उन्हें रास्ते में खाना खिलाने की बात कहकर बस में बैठा दिया गया। रास्ते में भी कहीं बस रुकती नहीं देखकर उन्होंने उनके साथ गए अधिकारियों को भी फोन किया। बावजूद इसके उन्हें खाना नहीं खिलाया गया। रात एक बजे रोहतक पहुंची बस से अधिकतर खिलाड़ी शीला बाईपास पर उतर गए, तो कई खिलाड़ी छोटूराम स्टेडियम के पास इंतजार कर रहे अपने परिजनों के साथ घर पहुंचे।
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शाम से लेकर रात तक रहे भूखे, अगले दिन वीरवार को लिया खेलों मेें हिस्सा
खिलाड़ियों ने बताया कि वह बुधवार शाम से लेकर देर रात तक भूखे ही रहे। उन्हें अगले दिन राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चल रही प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेना था।उन्हें मजबूरन घर पर पहले ही फोन करके बताना पड़ा कि उनका खाना बना दें, वह जल्दी से खाकर सोएंगे ताकि अगले दिन खेल में हिस्सा ले सकें।
मेरे घर में भी बच्चे खिलाड़ी के तौर पर भविष्य तलाश रहे हैं। मुझे खेल महाकुंभ की सेरेमनी में गए बच्चों का जो दृश्य देखने को मिला उससे मैं बेहद आहत हूं। इसमें कई छोटे बच्चे भी थे जो खाने के लिए चिल्लाते रहे, मगर फिर भी उन्हें खाना नहीं मिला। हरियाणा में ऐसे हालात देखकर दुख होता है।
- राजेश कुमार, रोडवेज ड्राइवर
खिलाड़ियों को समारोह में जाते समय खाना खिलाया गया था। सेरेमनी में भी उन्हें रिफ्रेशमेंट दी गई थी। रात को लेट हो जाने की वजह से उन्हें आते समय खाना नहीं खिलाया गया।
- निर्मला, जिला खेल अधिकारी, रोहतक