पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के 166 मरीज उपचाराधीन हैं। इसमें से 43 मरीज जिले से हैं और 9 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। पीजीआईएमएस में मंगलवार को 10 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। सरकारी व निजी अस्पतालों में अभी भी ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी बनी हुई है।
कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने बताया कि वार्ड आठ, 11 व 20 को ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए रखा गया है। संस्थान ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए पर्याप्त इंजेक्शन उपलब्ध होने तक अन्य विकल्प अपना रहा है। पूरे देश में इंजेक्शन की कमी है। ऐसे में हमारे डॉक्टर अब तक 100 के करीब मरीजों के ऑपरेशन कर चुके हैं, ताकि उन्हें बचाया जा सके। हमारे यहां 154 मरीजों को इंजेक्शन की जरूरत है। हमने मरीजों के लिए इंजेक्शन व दवा की डिमांड भेज रखी है, जैसे इंजेक्शन आ रहे हैं उन्हें मरीज को लगाया जा रहा है। इसके साथ ही हमारी टीम रिसर्च कर रही है कि किस मरीज को क्या दवा देने से क्या लाभ हो रहा है। इसका भविष्य में भी लाभ मिलेगा। कुलपति ने बताया कि संस्थान में ब्लैक फंगस व कोरोना विद ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं। ब्लैक फंगस होने के कारणों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों को स्टेरॉयड का प्रयोग ध्यान से करने के लिए कहा गया है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को ब्लैक फंगस व क्लोटिंग की समस्या आ रही है। इसके लिए ईएनटी व पोस्ट कोविड ओपीडी में मरीज जांच करवा सकते हैं।