{"_id":"5cc60c25bdec22074909e6e6","slug":"161556483109-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टरों की विदेश यात्राओं का डाटा आज जाएगा चंडीगढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टरों की विदेश यात्राओं का डाटा आज जाएगा चंडीगढ़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। निजी दवा कंपनी के खर्च पर डाक्टरों द्वारा विदेश यात्रा का लुत्फ उठाने के मामले की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सोमवार शाम तक पांच नोटिसों के बाद जो भी रिकार्ड निदेशक कार्यालय पहुंचा है उसे चंडीगढ़ सरकार के पास भेज दिया जाएगा। इसके बाद इस मामले में कार्रवाई करने की बारी सरकार की होगी। माना जा रहा है कि जीरो टॉलरेंस का नारा देने वाली भाजपा सरकार लोकसभा चुनाव में नियम तोड़ने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई कर सकती है। यही वजह है कि पांच नोटिसों के बाद भी ज्यादातर डॉक्टरों ने अपनी विदेश यात्राओं का रिकार्ड प्रशासन को जमा नहीं कराया है।
पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक कार्यालय ने सरकार की ओर से जारी निर्देशों पर संस्थान के सभी डॉक्टरों से उनकी विदेश यात्रा की जानकारी मांगी थी। इसमें मुख्य रूप से कहा गया था कि जो डॉक्टर सरकारी टूर के अलावा विदेश गए हैं, वह जानकारी दें कि उन्होंने अपनी यात्रा का खर्च किस अकाउंट से किया है। इसके लिए सभी को अपनी डिटेल अकाउंट के साथ जमा करानी अनिवार्य की गई थी। क्योंकि हरियाणा सरकार के अलावा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार निजी फार्मा कंपनी के खर्च पर विदेश यात्रा करना अवैध है।
अब समस्या यह हो रही है कि डॉक्टर अपनी विदेश यात्रा को छिपा भी नहीं सकते, क्योंकि इसके लिए वह संस्थान से मंजूरी ले चुके हैं। यात्रा का खर्चा दिखाने के नाम पर अब वह अपनी निजी फार्मा कंपनी के सोर्स को सार्वजनिक नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करते ही उनकी नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग जाएगी। सूत्रों की मानें तो जूनियर डॉक्टर तो दूर कई सीनियर डॉक्टरों ने भी अपना जवाब नहीं दिया है। कुछ ने तो अपने बचाव के लिए जानबूझ कर अधूरी जानकारी दी है। स्थिति यह है कि कई सीनियर डॉक्टर लगातार निदेशक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और बचाव का विकल्प तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि संस्थान में पूर्व निदेशक डॉ. नित्यानंद को निजी फार्मा कंपनी के खर्च पर हवाई टिकट बुक कराने के मामले में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया और सभी डॉक्टरों का ही रिकार्ड तलब कर लिया। अब संस्थान में अधिकांश डॉक्टर अपना रिकार्ड देने को ही तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक कार्यालय ने सरकार की ओर से जारी निर्देशों पर संस्थान के सभी डॉक्टरों से उनकी विदेश यात्रा की जानकारी मांगी थी। इसमें मुख्य रूप से कहा गया था कि जो डॉक्टर सरकारी टूर के अलावा विदेश गए हैं, वह जानकारी दें कि उन्होंने अपनी यात्रा का खर्च किस अकाउंट से किया है। इसके लिए सभी को अपनी डिटेल अकाउंट के साथ जमा करानी अनिवार्य की गई थी। क्योंकि हरियाणा सरकार के अलावा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार निजी फार्मा कंपनी के खर्च पर विदेश यात्रा करना अवैध है।
विज्ञापन
अब समस्या यह हो रही है कि डॉक्टर अपनी विदेश यात्रा को छिपा भी नहीं सकते, क्योंकि इसके लिए वह संस्थान से मंजूरी ले चुके हैं। यात्रा का खर्चा दिखाने के नाम पर अब वह अपनी निजी फार्मा कंपनी के सोर्स को सार्वजनिक नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करते ही उनकी नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग जाएगी। सूत्रों की मानें तो जूनियर डॉक्टर तो दूर कई सीनियर डॉक्टरों ने भी अपना जवाब नहीं दिया है। कुछ ने तो अपने बचाव के लिए जानबूझ कर अधूरी जानकारी दी है। स्थिति यह है कि कई सीनियर डॉक्टर लगातार निदेशक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और बचाव का विकल्प तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि संस्थान में पूर्व निदेशक डॉ. नित्यानंद को निजी फार्मा कंपनी के खर्च पर हवाई टिकट बुक कराने के मामले में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया और सभी डॉक्टरों का ही रिकार्ड तलब कर लिया। अब संस्थान में अधिकांश डॉक्टर अपना रिकार्ड देने को ही तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन