{"_id":"59fcd90f4f1c1bce408b47fa","slug":"161509742863-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सीएम हुड्डा घर में जाट आरक्षण आंदोलन की दो राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व सीएम हुड्डा घर में जाट आरक्षण आंदोलन की दो राह
Updated Sat, 04 Nov 2017 02:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यशपाल मलिक के विरोध में रोहतक ब्लॉक के सरपंचों की मीटिंग, बोले ----
मुद्दों से भटक गया आंदोलन, पैसा आंदोलन को दिया, बिल्डिंग को नहीं
- मीटिंग में पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा और सरपंचों के बीच तीखी बहस
- मलिक बोले, सरपंच चिंता न करें, आंदोलन का पैसा सुरक्षित, दान से बनाएंगे शिक्षण संस्थान
- सरपंच बोले, पहले आरक्षण दिलवाओ, जेल से युवाओं को बाहर निकालो, फिर बनाना बिल्डिंग
- सकारात्मक कदम न उठाने पर 26 नवंबर की जाट महारैली के बहिष्कार की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हलके गढ़ी सांपला-किलोई में जाट आंदोलन जसिया की महारैली को लेकर दो फाड़ हो गया है। बीडीपीओ आफिस में शुक्रवार को रोहतक ब्लॉक के सरपंचों की आपात मीटिंग हुई, जिसमें जाट आरक्षण संघर्ष समिति और यशपाल मलिक से सवाल पूछा कि जाट समाज ने चंदा जाट समाज को आरक्षण दिलवाने, जेल में बंद युवाओं को बाहर निकालने के लिए दिया था, न की बिल्डिंग बनाने के लिए। मीटिंग में पक्ष रखने पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा से सरपंचों की तीखी बहस भी हुई। रोहतक ब्लाक की सरपंच एसोसिएशन से जुड़े दर्जनों सरपंच शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे ब्लाक के सरपंचों की मीटिंग बुलाई गई, जिसमें 21 सरपंच और पांच उनके प्रतिनिधि पहुंचे।
हर गांव से 4 लाख का चंदा लेने का फरमान तुगलकी
मीटिंग में सरपंच जब मामले को लेकर अपना-अपना पक्ष रख रहे थे, तभी जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा भी पहुंच गए। हुड्डा के सामने ही कहा कि जाट समाज ने धरने के दौरान मोटा चंदा समिति को दिया। कभी हिसाब तक नहीं मांगा। अब शिक्षण संस्थान के लिए हर गांव से 4 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। यह किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है। ओमप्रकाश हुड्डा ने कहा कि धरने के दौरान एकत्रित चंदा सुरक्षित है। किसी तरह से पैसे का दुरुपयोग नहीं होगा। सरपंच हुड्डा के तर्क से सहमत नहीं हुए। इसके बाद हुड्डा जरूरी कार्य की बात कहकर मीटिंग से चले गए।
यशपाल मलिक से सरपंच एसोसिएशन ने पूछे 9 सवाल
1. आरक्षण की लड़ाई, जेल में बंद युवाओं की रिहाई छोड़कर जाट सेवा संघ या शिक्षण संस्थान बनाने की क्या जरूरत पड़ गई।
2. प्रदेश में हर दूसरे-तीसरे माह रैली करने का औचित्य क्या।
3. राजकुमार सैनी और यशपाल मलिक की रैली एक ही दिन क्यों।
4. 35 बनाम 1 का नारा देने वाले राजकुमार सैनी और रोशनलाल आर्य के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं।
5. सीबीआई कोर्ट में जाने के लिए क्या युवाओं को किराए उपलब्ध करवा जा रहा हैं।
6. सवाल उठाने वालों को कोम का गद्दार या सरकारी होने की उपमा किस आधार पर दी जाती है।
7. जेल से आए युवाओं को सरकार से सेटिंग करने वाला क्यों बता दिया जाता है।
8. हर बार जसिया की धरने का केंद्र व प्रदेश के आंदोलन का केंद्र बनाने के बावजूद जसिया गांव के युवक मनोज दूहन अब तक क्यों जेल में बंद हैं।
9. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग जाट सहित 6 जातियों को आरक्षण के लिए सर्वे कर रहा है। सर्वे पर ध्यान देने की बजाए रैलियाें पर जोर और भूमि पूजन का क्या औचित्य है।
विज्ञापन
सकारात्मक जवाब न मिलने पर बहिष्कार की चेतावनी
मीटिंग में पहुंचे मकड़ौली खुर्द के सरपंच सुमित कुमार, हुमायूंपुर की सरपंच गीता, भैंयापुर के सरपंच संजय कुमार, रूड़की गांव के सरपंच शमशेर, धामड़ के सरपंच वजीर, बसंतपुर के सरपंच प्रवीण, ब्राह्मणवास के सरपंच जगदीश, मायना की सरपंच मोनिका, काहनी सात के सरपंच, करौंथा की सरपंच कांता, सांघी के सरपंच सतीश, बहुअकबरपुर की सरपंच पूनम, भालौठ के सरपंच बलबीर सिंह, मकड़ौली कलां के सरपंच कर्मबीर, सिंहपुरा खुर्द के सरपंच अनूप सिंह, भगवतीपुर के सरपंच हरिकिशन, समर गोपालपुर के सरपंच जयभगवान, काहनी 12 के सरपंच राजेंद्र व मुंगाण के सरपंच सुनील कुमार द्वारा रोहतक खंड सरपंच एसोसिएशन के पत्र हस्ताक्षर करके चेताया है कि अगर आरक्षण समिति सवालों का सकारात्मक जवाब नहीं देती तो प्रदेश व जिला स्तर पर आवाज उठाकर बहिष्कार करेंगे।
सरपंच निश्चित रहें, चंदा सुरक्षित
सरपंचों के सवालों पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि जाट समाज के सरपंच निश्चित रहें। चंदे को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है। शिक्षण संस्थान के लिए पैसा जाट समाज के दानियों से एकत्रित करके लगाया जाएगा। 26 जसिया में जाट महारैली होगी, जिसमें जाट समाज के हर वर्ग से जुड़े लोग भाग लेंगे। इसमें नेता, फिल्म कलाकार, रिटायर जज, नौकरशाह व सेना के पूर्व अधिकारी तक शामिल होंगे।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
.
पैसे का किसी तरह से दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है। धरने पर सर्वसम्मति से हाथ उठाकर शिक्षण संस्थान बनाने की समाज के लोगों ने सहमति दी थी। दूसरा जाट आरक्षण को लेकर सरकार ने 31 मार्च 2018 तक का समय मांगा हुआ है। अगर आरक्षण नहीं मिला तो दोबारा आंदोलन शुरू कर देंगे। जसिया में लगा टेंट अभी उखाड़ा नहीं है। जो सरपंच व व्यक्ति शिक्षण संस्थान का विरोध कर रहा है, वह अपना चंदा न दें। किसी से जबरदस्ती नहीं की जाएगी। जाट समाज पूरी तरह से यशपाल मलिक के साथ है। इस तरह की मीटिंग करके जाट समाज को दो फाड़ करने का प्रयास किया जा रहा है।
- ओमप्रकाश हुड्डा, जिला अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
विज्ञापन
मुद्दों से भटक गया आंदोलन, पैसा आंदोलन को दिया, बिल्डिंग को नहीं
- मीटिंग में पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा और सरपंचों के बीच तीखी बहस
- मलिक बोले, सरपंच चिंता न करें, आंदोलन का पैसा सुरक्षित, दान से बनाएंगे शिक्षण संस्थान
- सरपंच बोले, पहले आरक्षण दिलवाओ, जेल से युवाओं को बाहर निकालो, फिर बनाना बिल्डिंग
- सकारात्मक कदम न उठाने पर 26 नवंबर की जाट महारैली के बहिष्कार की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हलके गढ़ी सांपला-किलोई में जाट आंदोलन जसिया की महारैली को लेकर दो फाड़ हो गया है। बीडीपीओ आफिस में शुक्रवार को रोहतक ब्लॉक के सरपंचों की आपात मीटिंग हुई, जिसमें जाट आरक्षण संघर्ष समिति और यशपाल मलिक से सवाल पूछा कि जाट समाज ने चंदा जाट समाज को आरक्षण दिलवाने, जेल में बंद युवाओं को बाहर निकालने के लिए दिया था, न की बिल्डिंग बनाने के लिए। मीटिंग में पक्ष रखने पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा से सरपंचों की तीखी बहस भी हुई। रोहतक ब्लाक की सरपंच एसोसिएशन से जुड़े दर्जनों सरपंच शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे ब्लाक के सरपंचों की मीटिंग बुलाई गई, जिसमें 21 सरपंच और पांच उनके प्रतिनिधि पहुंचे।
हर गांव से 4 लाख का चंदा लेने का फरमान तुगलकी
मीटिंग में सरपंच जब मामले को लेकर अपना-अपना पक्ष रख रहे थे, तभी जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा भी पहुंच गए। हुड्डा के सामने ही कहा कि जाट समाज ने धरने के दौरान मोटा चंदा समिति को दिया। कभी हिसाब तक नहीं मांगा। अब शिक्षण संस्थान के लिए हर गांव से 4 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। यह किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है। ओमप्रकाश हुड्डा ने कहा कि धरने के दौरान एकत्रित चंदा सुरक्षित है। किसी तरह से पैसे का दुरुपयोग नहीं होगा। सरपंच हुड्डा के तर्क से सहमत नहीं हुए। इसके बाद हुड्डा जरूरी कार्य की बात कहकर मीटिंग से चले गए।
विज्ञापन
यशपाल मलिक से सरपंच एसोसिएशन ने पूछे 9 सवाल
1. आरक्षण की लड़ाई, जेल में बंद युवाओं की रिहाई छोड़कर जाट सेवा संघ या शिक्षण संस्थान बनाने की क्या जरूरत पड़ गई।
2. प्रदेश में हर दूसरे-तीसरे माह रैली करने का औचित्य क्या।
3. राजकुमार सैनी और यशपाल मलिक की रैली एक ही दिन क्यों।
4. 35 बनाम 1 का नारा देने वाले राजकुमार सैनी और रोशनलाल आर्य के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं।
5. सीबीआई कोर्ट में जाने के लिए क्या युवाओं को किराए उपलब्ध करवा जा रहा हैं।
6. सवाल उठाने वालों को कोम का गद्दार या सरकारी होने की उपमा किस आधार पर दी जाती है।
7. जेल से आए युवाओं को सरकार से सेटिंग करने वाला क्यों बता दिया जाता है।
8. हर बार जसिया की धरने का केंद्र व प्रदेश के आंदोलन का केंद्र बनाने के बावजूद जसिया गांव के युवक मनोज दूहन अब तक क्यों जेल में बंद हैं।
9. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग जाट सहित 6 जातियों को आरक्षण के लिए सर्वे कर रहा है। सर्वे पर ध्यान देने की बजाए रैलियाें पर जोर और भूमि पूजन का क्या औचित्य है।
विज्ञापन
सकारात्मक जवाब न मिलने पर बहिष्कार की चेतावनी
मीटिंग में पहुंचे मकड़ौली खुर्द के सरपंच सुमित कुमार, हुमायूंपुर की सरपंच गीता, भैंयापुर के सरपंच संजय कुमार, रूड़की गांव के सरपंच शमशेर, धामड़ के सरपंच वजीर, बसंतपुर के सरपंच प्रवीण, ब्राह्मणवास के सरपंच जगदीश, मायना की सरपंच मोनिका, काहनी सात के सरपंच, करौंथा की सरपंच कांता, सांघी के सरपंच सतीश, बहुअकबरपुर की सरपंच पूनम, भालौठ के सरपंच बलबीर सिंह, मकड़ौली कलां के सरपंच कर्मबीर, सिंहपुरा खुर्द के सरपंच अनूप सिंह, भगवतीपुर के सरपंच हरिकिशन, समर गोपालपुर के सरपंच जयभगवान, काहनी 12 के सरपंच राजेंद्र व मुंगाण के सरपंच सुनील कुमार द्वारा रोहतक खंड सरपंच एसोसिएशन के पत्र हस्ताक्षर करके चेताया है कि अगर आरक्षण समिति सवालों का सकारात्मक जवाब नहीं देती तो प्रदेश व जिला स्तर पर आवाज उठाकर बहिष्कार करेंगे।
सरपंच निश्चित रहें, चंदा सुरक्षित
सरपंचों के सवालों पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि जाट समाज के सरपंच निश्चित रहें। चंदे को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है। शिक्षण संस्थान के लिए पैसा जाट समाज के दानियों से एकत्रित करके लगाया जाएगा। 26 जसिया में जाट महारैली होगी, जिसमें जाट समाज के हर वर्ग से जुड़े लोग भाग लेंगे। इसमें नेता, फिल्म कलाकार, रिटायर जज, नौकरशाह व सेना के पूर्व अधिकारी तक शामिल होंगे।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
.
पैसे का किसी तरह से दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है। धरने पर सर्वसम्मति से हाथ उठाकर शिक्षण संस्थान बनाने की समाज के लोगों ने सहमति दी थी। दूसरा जाट आरक्षण को लेकर सरकार ने 31 मार्च 2018 तक का समय मांगा हुआ है। अगर आरक्षण नहीं मिला तो दोबारा आंदोलन शुरू कर देंगे। जसिया में लगा टेंट अभी उखाड़ा नहीं है। जो सरपंच व व्यक्ति शिक्षण संस्थान का विरोध कर रहा है, वह अपना चंदा न दें। किसी से जबरदस्ती नहीं की जाएगी। जाट समाज पूरी तरह से यशपाल मलिक के साथ है। इस तरह की मीटिंग करके जाट समाज को दो फाड़ करने का प्रयास किया जा रहा है।
- ओमप्रकाश हुड्डा, जिला अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति