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शिवालयों में गूंजे बोल बम...के जयकारे
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:51 AM IST
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शिवालयों में गूंजे बोल बम...के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शिवरात्रि के मौके पर शिवालयों में दिन भर जयकारों की गूंज रही। दूर-दूर से भक्त ऐतिहासिक मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे। इस दौरान भक्तों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी पूरा सहयोग दिया।
शिवरात्रि के लिए शहर के विभिन्न मंदिरों को सजाया गया। वीरवार रात 12 बजे से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया। हरिद्वार से गंगा जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों के जयकारों से शिवालय गूंज रहे थे। गांव किलोई के ऐतिहासिक कपिलेश्वर धाम में दिन भर कांवड़ियों के अलावा अन्य भक्तों ने शिवलिंग में जलाभिषेक और दूध चढ़ाया।
यहां रही भक्तों की भीड़
सनातन धर्म मंदिर, सोनीपत स्टैंड स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर, वैश्य कॉलेज रामबाग भूमि में स्थित शिव मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, नंद मंदिर और बाबा कर्णपुरी के डेरे में दिनभर बम बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा।
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जलाभिषेक से पहले शिविर में ठहरे कांवड़िये
कांवड़ियों के ठहराव और उनके आराम के लिए जिले में सैकड़ों शिविर लगाए गए। पिछले 10 दिनों से शहर में गोहाना रोड पर भी शिविर लगाए गए थे। कई कांवड़िये जो जलाभिषेक के समय से पहले अपने गंतव्य पहुंच गए, वह इन शिविर में ही ठहरे हुए थे। रात 12 बजे के बाद उन्होंने शिविरों से निकलकर अलग-अलग मंदिरों में जलाभिषेक के लिए प्रस्थान किया। वह जल चढ़ाकर ही अपने घर के लिए निकले।
कई मंदिरों में रहे विशेष इंतजाम, बचाया सैकड़ों लीटर दूध
मॉडल टाऊन स्थित गुफा वाला मंदिर और शिवाजी कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में रात से ही भक्तों का आना लगा रहा। सुबह 6 बजे के बाद शहरवासियों की भीड़ बढ़ने लग गई। शिवाजी कॉलोनी के मंदिर में चढ़ाया जाने वाला दूध बर्बाद होने से बचाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। दूध को इकट्ठा करने के बाद में गरीबों और जरूरतमंदों में बांट दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शिवरात्रि के मौके पर शिवालयों में दिन भर जयकारों की गूंज रही। दूर-दूर से भक्त ऐतिहासिक मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे। इस दौरान भक्तों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी पूरा सहयोग दिया।
शिवरात्रि के लिए शहर के विभिन्न मंदिरों को सजाया गया। वीरवार रात 12 बजे से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया। हरिद्वार से गंगा जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों के जयकारों से शिवालय गूंज रहे थे। गांव किलोई के ऐतिहासिक कपिलेश्वर धाम में दिन भर कांवड़ियों के अलावा अन्य भक्तों ने शिवलिंग में जलाभिषेक और दूध चढ़ाया।
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यहां रही भक्तों की भीड़
सनातन धर्म मंदिर, सोनीपत स्टैंड स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर, वैश्य कॉलेज रामबाग भूमि में स्थित शिव मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, नंद मंदिर और बाबा कर्णपुरी के डेरे में दिनभर बम बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा।
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जलाभिषेक से पहले शिविर में ठहरे कांवड़िये
कांवड़ियों के ठहराव और उनके आराम के लिए जिले में सैकड़ों शिविर लगाए गए। पिछले 10 दिनों से शहर में गोहाना रोड पर भी शिविर लगाए गए थे। कई कांवड़िये जो जलाभिषेक के समय से पहले अपने गंतव्य पहुंच गए, वह इन शिविर में ही ठहरे हुए थे। रात 12 बजे के बाद उन्होंने शिविरों से निकलकर अलग-अलग मंदिरों में जलाभिषेक के लिए प्रस्थान किया। वह जल चढ़ाकर ही अपने घर के लिए निकले।
कई मंदिरों में रहे विशेष इंतजाम, बचाया सैकड़ों लीटर दूध
मॉडल टाऊन स्थित गुफा वाला मंदिर और शिवाजी कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में रात से ही भक्तों का आना लगा रहा। सुबह 6 बजे के बाद शहरवासियों की भीड़ बढ़ने लग गई। शिवाजी कॉलोनी के मंदिर में चढ़ाया जाने वाला दूध बर्बाद होने से बचाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। दूध को इकट्ठा करने के बाद में गरीबों और जरूरतमंदों में बांट दिया गया।