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बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, मंडी गेट पर दिया धरना तो सचिवालय में किया प्रदर्शन
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:12 AM IST
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बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, मंडी गेट पर दिया धरना, सचिवालय में किया प्रदर्शन
इनेलो नेता व कार्यकर्ताओं समेत सड़क पर उतर जताया रोष, डीडीपीओ को सौंपा पीएम मोदी के नाम ज्ञापन
24 घंटे बिजली व पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सहित बर्बाद फसलों हेतू 25 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बिजली-पानी के संकट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को इंडियन नेशनल लोकदल
के बैनर तले पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित करीब डेढ़ सौ लोगों ने मंडी गेट पर धरना दिया वहीं, जिला सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में काफी संख्या में किसान भी शामिल रहे। इस दौरान इनेलो के प्रतिनिधिमंडल की ओर से डीडीपीओ गगनदीप सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें 24 घंटे बिजली एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति और बर्बाद फसलों हेतू 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की गई।
शुक्रवार सुबह करीब ग्यारह बजे जगाधरी अनाज मंडी गेट पर इनेलो से यमुनानगर के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के नेतृत्व में इनेलो नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित किसान व अन्य लोग इकट्ठे हुए। सभी मौके पर ही धरना देकर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि बिजली सप्लाई में निरंतर कटौती से बिजली के साथ पानी की कमी से प्रदेश की जनता गंभीर संकट से जूझ रही है। प्रदेश सरकार व बिजली विभाग द्वारा बार-बार प्रदेश के पास बिजली सरप्लस में उपलब्ध होने व उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं। जबकि हकीकत इसके विपरीत है। प्रदेश में जगह-जगह पर गांवों के लोग बिजली आपूर्ति न होने से बिजली निगम कार्यालयों का घेराव कर हंगामा कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली के अभाव में पानी का संकट भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण आंचल में कुछ जगहों पर कई-कई दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसके कारण लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ता है। यह समस्या समय-समय पर सरकार के ध्यान में लाई है, परंतु सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कदम न उठाने से समस्या गंभीर बन गई है। धरने-प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक ईश्वर पलाका सहित दलमीरा सैनी, राजकुमार बबुका ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ विकास के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। प्रदेश में बिजली-पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। इसका सरकार जल्द कोई समाधान करे वहीं, आगजनी से बर्बाद हुई फसलों के उचित मुआवजे की अदायगी की जाए। धरने के बाद सभी प्रदर्शनकारी रोष मार्च निकाल जिला सचिवालय के परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करक डीडीपीओ गगनदीप सिंह को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। मौके पर गुरजिंद्र, अश्वनी दत्ता, अर्जुन सिंह, सुरेेश शर्मा, गुरप्रीत चावला, महीपाल, अमित, अजय, रामपाल सहित करीब डेढ़ सौ लोग मौजूद रहे।
फसलों के नुकसान की भरपाई हेतू मुआवजे की नहीं की घोषणा
पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने कहा कि लगभग तीन सालों में किसानों को कभी अप्रत्याशित वर्षा व ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का सरकार द्वारा उचित मुआवजा न देने व कभी समय पर खरीद न होने के कारण आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, सिरसा और रोहतक सहित अन्य जिलों के गेहूं की फसल के जलने की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। इससे किसान बहुत परेशान हैं। हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर हिसार की रिपोर्ट अनुसार अप्रैल माह में 200 से अधिक गेहूं की फसल की आगजनी की घटनाएं घट चुकी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार लगभग तीन हजार एकड़ से भी ज्यादा भूमि इसकी चपेट में आ चुकी है। कुछ केसों में आग बुझाने के लिए दमकल विभाग द्वारा भेजी गई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का बिल भी अदायगी हेतू पीड़ित किसानों को भेेजा गया है, जो निंदनीय है।
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ज्ञापन में रखी ये मुख्य मांगें
-ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
-पीने के पानी के संकट से जूझ रहे लोगों व पशुधन के लिए पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो।
-आगजनी से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई हेतू कम से कम 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिले।
-फसलों में आग लगने पर मौके पर पहुंचने वाली फायर ब्रिगेड गाड़ियों के बिलों की अदायगी सरकार स्वयं करे।
-पंजाब में एसवाईएल के अधूरे निर्माण कार्य को केंद्रीय एजेंसी की देखरेख में जल्द पूरा कराया जाए, ताकि हरियाणा को उसके हक का पानी मिले।
फोटो-2, 3, 5, 6
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इनेलो नेता व कार्यकर्ताओं समेत सड़क पर उतर जताया रोष, डीडीपीओ को सौंपा पीएम मोदी के नाम ज्ञापन
24 घंटे बिजली व पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सहित बर्बाद फसलों हेतू 25 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बिजली-पानी के संकट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को इंडियन नेशनल लोकदल
के बैनर तले पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित करीब डेढ़ सौ लोगों ने मंडी गेट पर धरना दिया वहीं, जिला सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में काफी संख्या में किसान भी शामिल रहे। इस दौरान इनेलो के प्रतिनिधिमंडल की ओर से डीडीपीओ गगनदीप सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें 24 घंटे बिजली एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति और बर्बाद फसलों हेतू 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की गई।
शुक्रवार सुबह करीब ग्यारह बजे जगाधरी अनाज मंडी गेट पर इनेलो से यमुनानगर के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के नेतृत्व में इनेलो नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित किसान व अन्य लोग इकट्ठे हुए। सभी मौके पर ही धरना देकर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि बिजली सप्लाई में निरंतर कटौती से बिजली के साथ पानी की कमी से प्रदेश की जनता गंभीर संकट से जूझ रही है। प्रदेश सरकार व बिजली विभाग द्वारा बार-बार प्रदेश के पास बिजली सरप्लस में उपलब्ध होने व उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं। जबकि हकीकत इसके विपरीत है। प्रदेश में जगह-जगह पर गांवों के लोग बिजली आपूर्ति न होने से बिजली निगम कार्यालयों का घेराव कर हंगामा कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली के अभाव में पानी का संकट भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण आंचल में कुछ जगहों पर कई-कई दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसके कारण लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ता है। यह समस्या समय-समय पर सरकार के ध्यान में लाई है, परंतु सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कदम न उठाने से समस्या गंभीर बन गई है। धरने-प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक ईश्वर पलाका सहित दलमीरा सैनी, राजकुमार बबुका ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ विकास के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। प्रदेश में बिजली-पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। इसका सरकार जल्द कोई समाधान करे वहीं, आगजनी से बर्बाद हुई फसलों के उचित मुआवजे की अदायगी की जाए। धरने के बाद सभी प्रदर्शनकारी रोष मार्च निकाल जिला सचिवालय के परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करक डीडीपीओ गगनदीप सिंह को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। मौके पर गुरजिंद्र, अश्वनी दत्ता, अर्जुन सिंह, सुरेेश शर्मा, गुरप्रीत चावला, महीपाल, अमित, अजय, रामपाल सहित करीब डेढ़ सौ लोग मौजूद रहे।
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फसलों के नुकसान की भरपाई हेतू मुआवजे की नहीं की घोषणा
पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने कहा कि लगभग तीन सालों में किसानों को कभी अप्रत्याशित वर्षा व ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का सरकार द्वारा उचित मुआवजा न देने व कभी समय पर खरीद न होने के कारण आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, सिरसा और रोहतक सहित अन्य जिलों के गेहूं की फसल के जलने की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। इससे किसान बहुत परेशान हैं। हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर हिसार की रिपोर्ट अनुसार अप्रैल माह में 200 से अधिक गेहूं की फसल की आगजनी की घटनाएं घट चुकी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार लगभग तीन हजार एकड़ से भी ज्यादा भूमि इसकी चपेट में आ चुकी है। कुछ केसों में आग बुझाने के लिए दमकल विभाग द्वारा भेजी गई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का बिल भी अदायगी हेतू पीड़ित किसानों को भेेजा गया है, जो निंदनीय है।
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ज्ञापन में रखी ये मुख्य मांगें
-ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
-पीने के पानी के संकट से जूझ रहे लोगों व पशुधन के लिए पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो।
-आगजनी से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई हेतू कम से कम 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिले।
-फसलों में आग लगने पर मौके पर पहुंचने वाली फायर ब्रिगेड गाड़ियों के बिलों की अदायगी सरकार स्वयं करे।
-पंजाब में एसवाईएल के अधूरे निर्माण कार्य को केंद्रीय एजेंसी की देखरेख में जल्द पूरा कराया जाए, ताकि हरियाणा को उसके हक का पानी मिले।
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