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...जिंदगी बेशक जंग का मैदान है, हर पल लड़ना पड़ता है खुद के वजूद के लिए
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रोहतक। ...जिंदगी बेशक जंग का मैदान है, हर पल लड़ना पड़ता है खुद के वजूद को कायम रखने के लिए। लेकिन हौसला गर बुलंद हो तो मुश्किल राहें भी आसान बन जाती हैं। ये चंद पंक्तियां उन महिलाओं पर सटीक बैठती हैं, जो उम्र के पड़ाव को पीछे छोड़कर अपने शौक को पूरा करती हैं। हम बात कर रहे हैं 55 वर्ष की जिंदरो देवी की। शास्त्री नगर की रहने वाली जिंदरो देवी को अपने शौक का पूरा करने का मौका मिला उम्र का एक पड़ाव गुजर जाने के बाद। वे हरियाणवीं फि ल्म दादा लख्मीचंद में अभिनय कर रही हैं। हरियाणवीं सिनेमा के अपार क्षेत्र की बात की जाए तो शहर से कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने फि ल्मों में अभिनय कर न केवल देश बल्कि विदेशों में भी नाम कमाया है। इन कलाकारों ने हरियाणा प्रदेश का विदेशों में भी नाम रोशन किया है। शहर के युवा ही नहीं, बल्कि अब फि ल्मी जगत में अब शहर की महिलाएं भी अपनी किस्मत को आजमा रही हैं।
फि ल्म में दाई की भूमिका में आएंगी नजर
परिवार और बच्चों की परवरिश करने के साथ जिंदरो देवी कहीं न कहीं अपने शौक को खत्म कर चुकी थीं, लेकिन जब आस-पड़ोस में कोई भी कार्यक्रम होता था तो वह जरूर भाग लेती हैं। जिंदरो देवी ने बताया कि दादा लख्मीचंद फि ल्म के लिए शहर में ऑडिशन लिए जा रहे थे। उस वक्त बड़ा बेटा दीपक मोर उनकी कला और रूचि से वाकिफ था। जैसे ही उसे ऑडिशन की जानकारी मिली तो वह उन्हें वहां लेकर गया। उन्होंने बताया कि अंदर डर था कि पता नहीं क्या होगा, पढ़ना लिखना आता नहीं है। वहां पर जाकर क्या बोलूंगी? बस मन में था कि जो आता है उसे बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत करूंगी। इसके साथ ही बेटे का साथ था। ऑडिशन में उन्होंने हरियाणवीं लोकगीत और नाचकर दिखाया और अभिनेता यशपाल शर्मा ने उनका चयन कर लिया। फिल्म में जिंदरो देवी दादा लख्मीचंद की पड़ोसन और दाई की भूमिका निभा रही हैं। बता दें कि जिंदरो देवी का बड़ा बेटा दीपक मोर फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान और अनुष्का की फिल्म सुलतान में किरदार निभा चुके हैं। इसके अलावा वह सावधान इंडिया और कई अन्य डेली सीरियलों में भी काम कर चुके हैं। उनका दूसरा बेटा संदीप एथलीट में राष्ट्रीय स्तर का गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
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फि ल्म में दाई की भूमिका में आएंगी नजर
परिवार और बच्चों की परवरिश करने के साथ जिंदरो देवी कहीं न कहीं अपने शौक को खत्म कर चुकी थीं, लेकिन जब आस-पड़ोस में कोई भी कार्यक्रम होता था तो वह जरूर भाग लेती हैं। जिंदरो देवी ने बताया कि दादा लख्मीचंद फि ल्म के लिए शहर में ऑडिशन लिए जा रहे थे। उस वक्त बड़ा बेटा दीपक मोर उनकी कला और रूचि से वाकिफ था। जैसे ही उसे ऑडिशन की जानकारी मिली तो वह उन्हें वहां लेकर गया। उन्होंने बताया कि अंदर डर था कि पता नहीं क्या होगा, पढ़ना लिखना आता नहीं है। वहां पर जाकर क्या बोलूंगी? बस मन में था कि जो आता है उसे बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत करूंगी। इसके साथ ही बेटे का साथ था। ऑडिशन में उन्होंने हरियाणवीं लोकगीत और नाचकर दिखाया और अभिनेता यशपाल शर्मा ने उनका चयन कर लिया। फिल्म में जिंदरो देवी दादा लख्मीचंद की पड़ोसन और दाई की भूमिका निभा रही हैं। बता दें कि जिंदरो देवी का बड़ा बेटा दीपक मोर फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान और अनुष्का की फिल्म सुलतान में किरदार निभा चुके हैं। इसके अलावा वह सावधान इंडिया और कई अन्य डेली सीरियलों में भी काम कर चुके हैं। उनका दूसरा बेटा संदीप एथलीट में राष्ट्रीय स्तर का गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
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