{"_id":"5ceef13abdec22078775c985","slug":"155916324111-rohtak-news134","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरक्षण मामले में प्रो. वीरेंद्र की कोर्ट में पेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरक्षण मामले में प्रो. वीरेंद्र की कोर्ट में पेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रोहतक। आरक्षण आंदोलन में हिंसा भड़काने की विवादित टिप्पणी मामले में आरोपी प्रो. वीरेंद्र सिंह बुधवार को अदालत में पेश हुए। यहां सिर्फ उनकी हाजिरी लगी। अदालत ने केस में सुनवाई के लिए चार जुलाई का समय दिया है। केस के दो आरोपी जयपीर धनखड़ व मानसिंह दलाल को अदालत ने फिर से नोटिस जारी किया है। इसे पहले अदालत से जारी नोटिस उन तक नहीं पहुंचा।
अधिवक्ता आरसी दलाल ने बताया कि बुधवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अश्वनी कुमार शर्मा की अदालत में प्रो. वीरेंद्र सिंह आरक्षण मामले की सुनवाई के लिए पहुुंचे। यहां केस के दो अन्य आरोपी जयदीप धनखड़ व मानसिंह दलाल नहीं पहुंचे। इसकी वजह उन तक अदालत का नोटिस नहीं पहुंचना बताया गया है। इसके चलते अदालत में सिर्फ प्रो. वीरेंद्र सिंह की हाजिरी की प्रक्रिया ही हुई। अधिवक्ता जेके गक्खड़ ने बताया कि पुलिस की ओर से पेश किया गया चालान आरोपियों को नहीं मिला है। चालान मिलने के बाद ही आरोपों को लेकर बहस हो पाएगी। अब चालान की कार्रवाई अगली सुनवाई पर तीनों आरोपियाें की मौजूदगी में होगी। इसके लिए अदालत ने जयवीर धनखड़ व मानसिंह दलाल के नाम नोटिस जारी कर दिया है।
यह है मामला
प्रदेश में तीन साल तीन महीने पहले आरक्षण आंदोलन हिंसात्मक हो गया था। इस दौरान एक ऑडियो भी वायरल हुई। भिवानी निवासी पवन ने वर्ष 2016 में इस मामले में पुलिस को शिकायत देते हुए दावा किया कि वायरल हुई ऑडियो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो. वीरेंद्र सिंह की है। पुलिस ने उनके खिलाफ देशद्रोह, आगजनी, तोड़फोड़ व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया। इस मामले में दलाल खाप के तत्कालीन प्रवक्ता मान सिंह दलाल व कांग्रेस की ग्रामीण इकाई के पूर्व जिला अध्यक्ष जयदीप धनखड़ को भी आरोपी बनाया गया। इसके बाद से केस कोर्ट में विचाराधीन है। इस केस में पुलिस ने 20 मई को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर अदालत में पेश की। अब आरोप पत्र की प्रति आरोपियों को दी जानी है। इसके बाद केस आगे बढ़ेगा।
अधिवक्ता आरसी दलाल ने बताया कि बुधवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अश्वनी कुमार शर्मा की अदालत में प्रो. वीरेंद्र सिंह आरक्षण मामले की सुनवाई के लिए पहुुंचे। यहां केस के दो अन्य आरोपी जयदीप धनखड़ व मानसिंह दलाल नहीं पहुंचे। इसकी वजह उन तक अदालत का नोटिस नहीं पहुंचना बताया गया है। इसके चलते अदालत में सिर्फ प्रो. वीरेंद्र सिंह की हाजिरी की प्रक्रिया ही हुई। अधिवक्ता जेके गक्खड़ ने बताया कि पुलिस की ओर से पेश किया गया चालान आरोपियों को नहीं मिला है। चालान मिलने के बाद ही आरोपों को लेकर बहस हो पाएगी। अब चालान की कार्रवाई अगली सुनवाई पर तीनों आरोपियाें की मौजूदगी में होगी। इसके लिए अदालत ने जयवीर धनखड़ व मानसिंह दलाल के नाम नोटिस जारी कर दिया है।
विज्ञापन
यह है मामला
प्रदेश में तीन साल तीन महीने पहले आरक्षण आंदोलन हिंसात्मक हो गया था। इस दौरान एक ऑडियो भी वायरल हुई। भिवानी निवासी पवन ने वर्ष 2016 में इस मामले में पुलिस को शिकायत देते हुए दावा किया कि वायरल हुई ऑडियो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो. वीरेंद्र सिंह की है। पुलिस ने उनके खिलाफ देशद्रोह, आगजनी, तोड़फोड़ व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया। इस मामले में दलाल खाप के तत्कालीन प्रवक्ता मान सिंह दलाल व कांग्रेस की ग्रामीण इकाई के पूर्व जिला अध्यक्ष जयदीप धनखड़ को भी आरोपी बनाया गया। इसके बाद से केस कोर्ट में विचाराधीन है। इस केस में पुलिस ने 20 मई को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर अदालत में पेश की। अब आरोप पत्र की प्रति आरोपियों को दी जानी है। इसके बाद केस आगे बढ़ेगा।
विज्ञापन