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ऑपरेशन रक्षक में शहीद हुए पति तो बेटा फौज में भेजा, अब पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की चाहत

Sun, 17 Feb 2019 01:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Feb 2019 01:10 AM IST
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ऑपरेशन रक्षक में शहीद हुए पति तो बेटा फौज में भेजा, अब पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की चाहत
पति शहीद हुए तो पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बेटा फौज में भेज दिया
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अशोक शर्मा
गोहाना (सोनीपत)। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद हर देशवासी के अंदर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भरा है। लेकिन एक शहीद का परिवार ऐसा भी है, जिसमें पति की शहादत के बाद पत्नी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अपने बेटे को सेना में भेजा है। आपरेशन रक्षक में देश के लिए शहीद हुए गांव रूखी के जगदीश चंद्र के परिजन पाकिस्तान को नेस्तानाबूद करना चाहते हैं। पति की शहादत के बाद अपने बेटे को फौज में भेजने वाली वीरांगना सरोज की चाहत है कि पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया जाए। पुलवामा में आतंकी घटना के बाद गुस्से में शहीद की पत्नी ने कहा कि शहादत का बदला लेने के लिए सेना को पूरी छूट मिलनी चाहिए। सेना खुद ही पाकिस्तान को सबक सिखा देगी। इसके बाद ही शहीदों के बलिदान का बदला पूरा हो सकेगा।
गांव रूखी के हवलदार जगदीश चंद्र 2 जुलाई 2006 में आपरेशन रक्षक के दौरान गोली लगने से शहीद हो गए थे। गांव रूखी में 8 जनवरी 1968 को जन्मे जगदीश चंद्र वर्ष 1995 में सेना में हवलदार के पद पर भर्ती हुए थे। शहीद की पत्नी सरोज देवी ने बताया कि उनके पति जगदीश चंद्र ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया था। उसी दिन उसने सोच लिया था कि अपने पति की शहादत का बदला कोई ओर नहीं बल्कि उसका बेटा ही सेना में भर्ती होकर लेगा। उसने अपने बेटे मनजीत को पहले मेहनत व लगन के साथ पढ़ने लिखने के लिए प्रेरित किया। बाद में उसे सेना में सिपाही के पद पर भेज दिया। सरोज ने बताया कि पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों की खबर तब उसे मिली तो उसका खून खोल गया। पति के शहीद होने का दिन याद आ गया। जिस तरह से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कायरता से हमारे जवानों पर हमला किया है उसका सेना बदला लेगी। जल्द ही भारतीय सेना हमले के जिम्मेदार एक-एक आतंकी को मारेगी। उसने अपने बेटे मनजीत को भी सेना में इसीलिए भेजा है कि वह अपने पिता के बलिदान का बदला ले सके। जिससे वह अपने बेटे पर नाज कर सके।
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सेना ही पाकिस्तान को सबक सिखाएगी
सरोज देवी ने कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र सरकार शहादत का बदला लेेने के लिए सेना को पूरी छूट दे। सेना को पूरी छूट मिलते ही सेना पाकिस्तान को खुद ही सबक सिखा देगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। ऐसे नाजुक मौके पर खुद का फायदा देखने के बजाय देशहित की बात सोचनी चाहिए।
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बेटे को दी दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब देने की सीख
सरोज देवी ने कहा कि उसका छोटा बेटा मनजीत फिलहाल जबलपुर में सेना के सिपाही पद की ट्रेनिंग कर रहा है। जब उसका बेटा सेना में भर्ती हुआ तो उसने बेटे से कहा था कि सदा आगे रहकर देश की रक्षा करनी है। पिता के बलिदान का बदला लेना है। जब तक सांस चले दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब देना है। उसका बेटा अपने पिता के बलिदान का बदला लेगा।
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