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बिसाहन गांव की महिलाओं ने एसडीओ कार्यालय में फोड़े मटके
Updated Wed, 16 May 2018 01:48 AM IST
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बिसाहन गांव की महिलाओं ने एसडीओ कार्यालय में फोड़े मटके
बेरी।
पिछले सात साल से पेयजल समस्या का समाधान न होने से नाराज गांव बिसाहन की महिलाओं ने मंगलवार को एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मटके फोड़े। इस दौरान गांव की सरपंच विद्यादेवी के साथ पहुंची महिलाओं ने बताया कि गांव को दो ट्यूबवेलों से सप्लाई दी जा रही थी। कुछ दिनों पहले गोच्छी वाले पुल के निर्माण के दौरान ट्यूबवेल की एक लाइन बंद हो गई। इसके बाद गांव में एक ही ट्यूबवेल से सप्लाई जारी है। यही कारण है कि ग्रामीणों को पूरा पानी नहीं मिल रहा। इस ट्यूबवेल की मोटर बार बार खराब हो रही है शिकायत देने के बाद भी विभाग ठीक करवाने में कोताही बरत रहा है।
जानकारी के अनुसार पेयजल की समस्या का समाधान न होने से नाराज महिलाएं मंगलवार को सुबह जनस्वास्थ्य विभाग का दफ्तर खुलते ही गांव की महिलाएं अपनी सरपंच विद्या देवी के साथ पहुंच गई और रोष जाहिर किया। महिलाओं ने एसडीओ के दफ्तर के भीतर पहुंचकर मटके भी फोड़े। महिलाओं ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खूब बवाल किया। बाद में जब महिलाओं की समस्या को विभाग के जेई सुमित कुमार ने सुना, तब उन्हीं के समझाने पर महिलाओं का गुस्सा कुछ कम हुआ। हालांकि जेई सुमित ने महिलाओं को इतना ही कहकर लौटा दिया कि वे केवल ट्यूबवेल की मोटर को ठीक करवा सकते हैं । मोटर को बदलने की उनकी पावर नहीं है।
सीएम विंडो तक पहुंच चुकी है गांव में पानी की समस्या
गांव की सरपंच विद्या देवी ने बताया कि वह गांव की पानी की समस्या सीएम विंडो में भी लगा चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। विभाग जिस एक ट्यूबवेल से सप्लाई दे रहा है, उसका पानी भी खारा है और प्रयोग लायक नहीं है।
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डीसी के रात्रि प्रवास में सरपंच ने दी थी शिकायत
18 अप्रैल को बेरी में डीसी सोनल गोयल के रात्रि ठहराव में गांव की सरपंच विद्या देवी ने डीसी को शिकायत दी थी कि गांव में सात साल से जल घर बना हुआ है। लेकिन अभी तक उसमें पानी की एक बूंद भी नहीं आई, शिकायत के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
नहीं हो सकेगा ओडीएफ का सपना पूरा
प्रशासन व सरकार द्वारा चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान को पानी के समस्या के चलते इस क्षेत्र में पलीता लगता दिखाई दे रहा है। पानी की समस्या के चलते लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। बिसाहन निवासी सज्जन पाल ने बताया कि प्रशासन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माध्यम से पानी की समस्या का समाधान कराए, तब जाकर खुले में शौच मुक्ति की ओर लोग रूक सकते हैं।
ट्यूबवेल में नई मोटर फिलहाल नहीं लगाई जा सकती। मोटर को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा और बिसाहन में पानी की सप्लाई बहाल कर दी जायेगी।
सुमित कुमार, जेई, पब्लिक हेल्थ विभाग
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बेरी।
पिछले सात साल से पेयजल समस्या का समाधान न होने से नाराज गांव बिसाहन की महिलाओं ने मंगलवार को एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मटके फोड़े। इस दौरान गांव की सरपंच विद्यादेवी के साथ पहुंची महिलाओं ने बताया कि गांव को दो ट्यूबवेलों से सप्लाई दी जा रही थी। कुछ दिनों पहले गोच्छी वाले पुल के निर्माण के दौरान ट्यूबवेल की एक लाइन बंद हो गई। इसके बाद गांव में एक ही ट्यूबवेल से सप्लाई जारी है। यही कारण है कि ग्रामीणों को पूरा पानी नहीं मिल रहा। इस ट्यूबवेल की मोटर बार बार खराब हो रही है शिकायत देने के बाद भी विभाग ठीक करवाने में कोताही बरत रहा है।
जानकारी के अनुसार पेयजल की समस्या का समाधान न होने से नाराज महिलाएं मंगलवार को सुबह जनस्वास्थ्य विभाग का दफ्तर खुलते ही गांव की महिलाएं अपनी सरपंच विद्या देवी के साथ पहुंच गई और रोष जाहिर किया। महिलाओं ने एसडीओ के दफ्तर के भीतर पहुंचकर मटके भी फोड़े। महिलाओं ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खूब बवाल किया। बाद में जब महिलाओं की समस्या को विभाग के जेई सुमित कुमार ने सुना, तब उन्हीं के समझाने पर महिलाओं का गुस्सा कुछ कम हुआ। हालांकि जेई सुमित ने महिलाओं को इतना ही कहकर लौटा दिया कि वे केवल ट्यूबवेल की मोटर को ठीक करवा सकते हैं । मोटर को बदलने की उनकी पावर नहीं है।
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सीएम विंडो तक पहुंच चुकी है गांव में पानी की समस्या
गांव की सरपंच विद्या देवी ने बताया कि वह गांव की पानी की समस्या सीएम विंडो में भी लगा चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। विभाग जिस एक ट्यूबवेल से सप्लाई दे रहा है, उसका पानी भी खारा है और प्रयोग लायक नहीं है।
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डीसी के रात्रि प्रवास में सरपंच ने दी थी शिकायत
18 अप्रैल को बेरी में डीसी सोनल गोयल के रात्रि ठहराव में गांव की सरपंच विद्या देवी ने डीसी को शिकायत दी थी कि गांव में सात साल से जल घर बना हुआ है। लेकिन अभी तक उसमें पानी की एक बूंद भी नहीं आई, शिकायत के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
नहीं हो सकेगा ओडीएफ का सपना पूरा
प्रशासन व सरकार द्वारा चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान को पानी के समस्या के चलते इस क्षेत्र में पलीता लगता दिखाई दे रहा है। पानी की समस्या के चलते लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। बिसाहन निवासी सज्जन पाल ने बताया कि प्रशासन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माध्यम से पानी की समस्या का समाधान कराए, तब जाकर खुले में शौच मुक्ति की ओर लोग रूक सकते हैं।
ट्यूबवेल में नई मोटर फिलहाल नहीं लगाई जा सकती। मोटर को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा और बिसाहन में पानी की सप्लाई बहाल कर दी जायेगी।
सुमित कुमार, जेई, पब्लिक हेल्थ विभाग