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गेहूं के अवशेषों में आग लगाई तो होगा केस दर्ज
Updated Wed, 11 Apr 2018 03:00 AM IST
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गेहूं के फानों में आग लगाई तो दर्ज होगा केस
धारा 144 के तहत जारी किए जाएंगे निर्देश : डीसी
एसडीएम व डीडीपीओ को हिदायत, सरपंचों के साथ मिलकर रखी जाए नजर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गेहूं के फानों में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ जिला प्रशासन एफआईआर दर्ज कराएंगे, क्योंकि आग से न केवल पर्यावरण दूषित होता है, बल्कि जमीन की उर्वरक शक्ति भी कमजोर होती है। किसानों को आग लगाने से रोकने के लिए जिला उपायुक्त की तरफ से धारा 144 के तहत निर्देश जारी किए जाएंगे।
डीसी डॉक्टर यश गर्ग ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को गेहूं के अवशेषों में आग न लगाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके बावजूद धान व गेहूं के सीजन में किसान बचे अवशेष में आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण दूषित होता है, बल्कि जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। ऐसे में एसडीएम रोहतक, महम व सांपला सहित डीडीपीओ को विशेष हिदायत दी जा रही हैं कि गांवों में सरपंचों के साथ तालमेल बनाकर नजर रखें।
बाक्स
सैटेलाइट से रखी जा रही नजर
मौसम विभाग की तरफ से सैटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जा रही है। जहां भी आग लगेगी, तुरंत उसकी फोटो संबंधित जिले के डीसी ऑफिस में आएंगी। इसके बाद संबंधित एरिया में अधिकारी संपर्क कर जांच पड़ताल करेंगे।
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धारा 144 के तहत जारी किए जाएंगे निर्देश : डीसी
एसडीएम व डीडीपीओ को हिदायत, सरपंचों के साथ मिलकर रखी जाए नजर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गेहूं के फानों में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ जिला प्रशासन एफआईआर दर्ज कराएंगे, क्योंकि आग से न केवल पर्यावरण दूषित होता है, बल्कि जमीन की उर्वरक शक्ति भी कमजोर होती है। किसानों को आग लगाने से रोकने के लिए जिला उपायुक्त की तरफ से धारा 144 के तहत निर्देश जारी किए जाएंगे।
डीसी डॉक्टर यश गर्ग ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को गेहूं के अवशेषों में आग न लगाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके बावजूद धान व गेहूं के सीजन में किसान बचे अवशेष में आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण दूषित होता है, बल्कि जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। ऐसे में एसडीएम रोहतक, महम व सांपला सहित डीडीपीओ को विशेष हिदायत दी जा रही हैं कि गांवों में सरपंचों के साथ तालमेल बनाकर नजर रखें।
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सैटेलाइट से रखी जा रही नजर
मौसम विभाग की तरफ से सैटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जा रही है। जहां भी आग लगेगी, तुरंत उसकी फोटो संबंधित जिले के डीसी ऑफिस में आएंगी। इसके बाद संबंधित एरिया में अधिकारी संपर्क कर जांच पड़ताल करेंगे।
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