फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   सार संक्षेप

सार संक्षेप

Wed, 09 May 2018 02:44 AM IST
Updated Wed, 09 May 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
सार संक्षेप
फसल अवशेष प्रबंधन को रोहतक में बनेंगे 30 हायरिंग सेंटर
विज्ञापन

- उपायुक्त डा. यश गर्ग ने बताया कि जिले को क्लस्टर में बांटकर बनाए जाएंगे सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कृषि विभाग की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए रोहतक जिला में क्लस्टर वाइज 30 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक कस्टम हायरिंग सेंटर से चार से छह गांवों को जोड़ा जाएगा। हर क्लस्टर में एक मशीनरी बैंक का चयन जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति की ओर से किया जाएगा।

उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने बताया कि एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन को बढ़ावा देने के लिए किसान, सहकारी समितियां, पंजीकृत किसान सोसायटी, किसान समूह, सहायता समूह, महिला किसान समूह, स्वयं सहायता समूह एवं प्राइवेट उद्यमी इन सेंटरों के लिए आवेदन कर सकते है। एक प्रोजेक्ट पर कम से कम 10 लाख और अधिकतम 75 लाख रुपये तक की मशीनरी खरीद सकते है। इन मशीनरी को भारत सरकार द्वारा चिह्नित आठ कृषि यंत्रों पर 35 प्रतिशत राशि खर्च करना अनिवार्य है। इस स्कीम के तहत कुल प्रोजेक्ट की कीमत में से फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की कीमत पर 80 प्रतिशत और अन्य कृषि यंत्रों की कीमत पर 40 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। जिन समूहों के पास पहले से टैक्टर व कंबाइन आदि मशीनरी होगी, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। किसान समूह के अंतर्गत आवेदन करने से पहले अपने क्लस्टर बारे सहायक कृषि अभियंता कार्यालय रोहतक से जानकारी ली जा सकती है। यहां पर 31 मई तक आवेदन किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed