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तबादला प्रक्रिया को लेकर स्कूल प्राध्यापकों में रोष
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शिक्षा विभाग की ओर से गत दिवस शुरू की गई तबादला प्रक्रिया को लेकर स्कूल प्राध्यापकों में भारी रोष है। प्राध्यापकों का कहना है कि रेसलाइजेशन की विसंगतियों को दूर करने से पहले ही विभाग ने आनन-फानन में इस प्रक्रिया को शुरू किया है, जो अनुचित है। इस संबंध में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के पूर्व राज्य प्रधान अनिल यादव ने शिक्षामंत्री एवं विभाग को एक पत्र लिखकर रेशनलाइजेशन की उक्त सूची में विसंगतियां दूर करने के बाद तबादला प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। यादव ने बताया कि पिछले दिनों विभाग ने स्कूल प्राध्यापकों की रेशनलाइजेशन सूची जारी की थी, जिसमें विभिन्न पदों और छात्र संख्या में भारी विसंगतियां थी। इन विसंगतियों को विभाग की जानकारी में लाया गया तो संगठनों को आश्वासन दिया गया था कि संबंधित विसंगतियों को दूर कर लिया जाएगा। लेकिन अब आनन-फानन में उसी सूची के आधार पर 28 से 30 जुलाई के लिए स्कूल प्राध्यापकों के लिए आवेदन करने के लिए आदेश दिए गए है। यह पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने बताया कि उक्त विसंगतियों का अंदाजा इन उदाहरणों से लगाया जा सकता है कि जिनमें खोरी स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भौतिकी विषय में दो प्राध्यापकों का पिछले सत्र तथा वर्तमान सत्र में भी वर्कलोड होने के बावजूद भी एक पद को उठा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर संगवाड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भौतिकी विषय में एक ही पद का वर्कलोड है किंतु वहां तीन पद दर्शाए गए हैं। यदि इस आधार पर तबादले हुए तो नए पदों पर जाने वाले प्राध्यापक वहां पर पहुंचते ही सरप्लस हो जाएंगे। जिससे इस स्थानांतरण नीति के सभी उद्देश्य नाकाम हो जाएंगे।
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रेवाड़ी।
शिक्षा विभाग की ओर से गत दिवस शुरू की गई तबादला प्रक्रिया को लेकर स्कूल प्राध्यापकों में भारी रोष है। प्राध्यापकों का कहना है कि रेसलाइजेशन की विसंगतियों को दूर करने से पहले ही विभाग ने आनन-फानन में इस प्रक्रिया को शुरू किया है, जो अनुचित है। इस संबंध में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के पूर्व राज्य प्रधान अनिल यादव ने शिक्षामंत्री एवं विभाग को एक पत्र लिखकर रेशनलाइजेशन की उक्त सूची में विसंगतियां दूर करने के बाद तबादला प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। यादव ने बताया कि पिछले दिनों विभाग ने स्कूल प्राध्यापकों की रेशनलाइजेशन सूची जारी की थी, जिसमें विभिन्न पदों और छात्र संख्या में भारी विसंगतियां थी। इन विसंगतियों को विभाग की जानकारी में लाया गया तो संगठनों को आश्वासन दिया गया था कि संबंधित विसंगतियों को दूर कर लिया जाएगा। लेकिन अब आनन-फानन में उसी सूची के आधार पर 28 से 30 जुलाई के लिए स्कूल प्राध्यापकों के लिए आवेदन करने के लिए आदेश दिए गए है। यह पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने बताया कि उक्त विसंगतियों का अंदाजा इन उदाहरणों से लगाया जा सकता है कि जिनमें खोरी स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भौतिकी विषय में दो प्राध्यापकों का पिछले सत्र तथा वर्तमान सत्र में भी वर्कलोड होने के बावजूद भी एक पद को उठा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर संगवाड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भौतिकी विषय में एक ही पद का वर्कलोड है किंतु वहां तीन पद दर्शाए गए हैं। यदि इस आधार पर तबादले हुए तो नए पदों पर जाने वाले प्राध्यापक वहां पर पहुंचते ही सरप्लस हो जाएंगे। जिससे इस स्थानांतरण नीति के सभी उद्देश्य नाकाम हो जाएंगे।
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