फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   नगर निगम करेगा शहर की 1450 बिल्डिंग रेगूलर

नगर निगम करेगा शहर की 1450 बिल्डिंग रेगूलर

Tue, 26 Mar 2019 02:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 26 Mar 2019 02:18 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम करेगा शहर की 1450 बिल्डिंग रेगूलर
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

रोहतक। शहर में बिना नक्शा पास करवाए या नियम तोड़कर बनाई गई 1450 बिल्डिंगों को रेगुलर करने के लिए निगम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोगों को नोटिस देकर निगम ने तीन माह का समय दिया है। तय समय अवधि में बिल्डिंग मालिक को न केवल आवेदन करना होगा, बल्कि 6 हजार रुपये 90 प्रति मीटर फीस भी जमा करानी होगी। नगर निगम आयुक्त आरएस वर्मा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी।
आयुक्त ने बताया कि निगम एरिया में किसी भी तरह की बिल्डिंग बनाने के लिए बिल्डिंग बाई लॉ अधिनियम 1992 व नए अधिनियम के तहत बिल्डिंग बनाने के लिए निगम से नक्शा पास कराना करना होता है। बिल्डिंग चाहे रिहायशी, कामर्शियल या इंडस्ट्री एरिया में हो। बिल्डिंग ब्रांच की तरफ से किए गए सर्वे में 1450 बिल्डिंग ऐसी मिली हैं, जिनकी तरफ से किसी ने नक्शा पास नहीं कराया तो किसी ने नक्शा के मुताबिक बिल्डिंग का निर्माण नहीं किया। पिछले माह केबिनेट की मीटिंग में तय हुआ कि बिल्डिंग रेगुलर कराने की फीस फरीदाबाद व गुड़गांव को छोड़कर पूरे प्रदेश के निगमों में फीस 12 हजार रुपये से घटाकर 6 हजार 90 रुपये प्रति मीटर की जाए। रोहतक में इस योजना के तहत 1450 बिल्डिंग को शामिल किया गया है।
विज्ञापन


लिखकर देना होगा बिल्डिंग रिहायशी या वाणिज्यिक
आयुक्त ने बताया कि बिल्डिंग को नियमित कराने के लिए बिल्डिंग मालिक को लिखित में आवेदन करना होगा। साथ में लिखकर देना होगा कि बिल्डिंग रिहायशी है या वाणिज्यिक है। बाद में उसका प्रयोग बदला गया तो वैधता खत्म हो जाएगी या नए सिरे से वैधता लेनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम दिलवाएगा होम लोन
आयुक्त ने बताया कि नगर निगम 8 हजार लोगों को सस्ती दर पर होम लोन दिलवाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आए आवेदकों में से 180 लोगों के आवेदन निगम के माध्यम से बैंकों को भेजे जा चुके हैं।



एक्सपर्ट व्यू :
पार्किंग व खामियों को नजरअंदाज कर रहा निगम
जानकारों का मानना है कि जब नगर निगम को फीस लेकर नियम तोड़कर बनाई गई बिल्डिंग को रेगुलर करना था तो बिल्डिंग बाई लॉ का फायदा क्या हुआ। अधिकारी बताएं कितनी बिल्डिंग मालिकों ने पार्किंग की व्यवस्था की है। फीस भरने के बाद क्या पार्किंग बन जाएगी। भविष्य में अगर कोई हादसा होता है तो निगम क्या जिम्मेदारी लेगा। इस सवालों का जवाब अधिकारियों के पास नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed