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सरपंचों और ग्राम सचिवों ने पंचायत कार्यालय को जड़ा ताला
Updated Sun, 01 Apr 2018 02:16 AM IST
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सरपंचों और ग्राम सचिवों ने पंचायत कार्यालय को जड़ा ताला
चरखी दादरी ।
जिले के सरपंचों ने मांगें पूरी न होने पर शनिवार को पंचायत विभाग कार्यालय पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए । सरपंचों ने मांगे पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है । सरपंचों ने काम रोको प्रस्ताव लाने की बात कही। इस दौरान पंचायत कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। शनिवार को राजकीय अवकाश के बाद भी पंचायत विभाग के कार्यालय में अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। धरने के दौरान सरपंचों से मिलने कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
सरपंच एसोसिएशन प्रधान सरपंच राजकरण ने कहा कि जिले के सरपंच पिछले काफी समय से अपनी मांगों को पूरा करवाने की मांग सरकार से कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। सरकार ने पंचायत विभाग के नौ ग्राम सचिवों को भी सस्पेंड कर दिया जिससे पंचायत विकास संबंधी कामकाज ठप हो गया है। एसोसिएशन प्रधान राजकरण ने सीएम हाउस में सरपंचों को अपमानित करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीएम व कृषि मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत प्रतिनिधियों पर मनमाने फैसले थोप रही है जो किसी भी सूरत में सहन नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार ई-पंचायत प्रणाली को थोप रही है जबकि अधिकतर सरपंचों व लोगों को ई- प्रणाली के बारे में पूरा ज्ञान भी नहीं है। अधिकतर गांवों में इंटरनेट सेवा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सरपंचों के मानदेय एवं भत्तों में बढ़ोतरी भी नहीं कर रही है इसके लिए सरपंच पिछले काफी समय से मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार इस ओर कोई कदम नहीं उठा रही हैं। प्रधान ने कहा कि सरकार ने जिन नौ ग्राम सचिवों को सस्पेंड कर रखा है उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। ग्राम सचिवों के पद खाली होने की वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है। धरने में सरपंच राजकरण पांडवान, अमरजीत मौड़ी, नरेंद्र डूडी फतेगढ़, मंदीप ढाणी फौगाट,राधे श्याम ,रामकुमार खातीवास, गोविंद बौंद कलां, सुदर्शन कमोद, सुरेश घसौला, सोमेश घिकाड़ा, आनंद पैतावास खुर्द, सुनील खेड़ी बत्तर, नरेश कंहेटी, महावीर मकड़ानी, धीरपाल पैतावास, राजीव व संजीव आदि अनेक सरपंच मौजूद थे।
सरपंचों ने दिया अल्टीमेटम
एसोसिएशन प्रधान राजकरण ने कहा जब तक सरकार की ओर से नौ सस्पेंड ग्राम सचिवों को बहाल नहीं किया जाता वे गांव में आने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को कतई सहयोग नहीं करेंगे। पूरे प्रदेश के सरपंचों को साथ लेकर काम रोको प्रस्ताव लाया जाएगा। वे प्रशासन व सरकार को कतई सहयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ सरपंच सीएम द्वारा उनकी मांगें मान लिए जाने की बात कर रहे हैं यह सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उन्हें लिखित में मांगें पूरी करने का आश्वासन नहीं दे देती उनका धरना जारी रहेगा। जल्द ही भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
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ये हैं प्रमुख मांगें
पंचायत ई- प्रणाली बंद करना, गरीबी रेखा से नीचे , बीपीएल कार्डों के लिए सर्वे करवाना, सरपंचों का मानदेय विधायक-सांसदों की तर्ज पर बढ़ाना , पेंशन लागू करना, ग्राम सचिवों के लिए 20 रुपए मासिक वाहन भत्ते को बढ़ाकर पांच हजार रुपए मासिक करना, हरियाणा में पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया से लागू करना, सस्पेंड किए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
वर्जन
जब तक सरकार सस्पेंड कि ए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल नहीं करती व उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। गांवों इंटरनेट की सुविधा भी नहीं है जबकि सरकार ई-पंचायत प्रणाली लागू कर रही है। सरपंचों का मानदेय बढ़ना चाहिए। सरकार को इस बारे में जल्द ही विचार करना चाहिए।
सरपंच एसोसिएशन प्रधान राजकरण
:: जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगें नहीं मान ली जाती तब तक प्रशासन व सरकार को सरकारी कार्यों में सहयोग नहीं करेंगे। ई-पंचायत प्रणाली से सभी सरपंचों में रोष है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से अमल करना चाहिए।
सरपंच अमरजीत मौड़ी
==सरपंचों का मानदेय भी बढ़ाना चाहिए। पेंशन की सुविधा भी मिलनी चाहिए। ई-पंचायत प्रणाली को बंद करना चाहिए। मांगें नहीं मानी गई तो भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। सरकार को गांवों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। सस्पेंड किए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल करना चाहिए।
सरपंच नरेंद्र डूडी फतेहगढ़
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चरखी दादरी ।
जिले के सरपंचों ने मांगें पूरी न होने पर शनिवार को पंचायत विभाग कार्यालय पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए । सरपंचों ने मांगे पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है । सरपंचों ने काम रोको प्रस्ताव लाने की बात कही। इस दौरान पंचायत कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। शनिवार को राजकीय अवकाश के बाद भी पंचायत विभाग के कार्यालय में अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। धरने के दौरान सरपंचों से मिलने कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
सरपंच एसोसिएशन प्रधान सरपंच राजकरण ने कहा कि जिले के सरपंच पिछले काफी समय से अपनी मांगों को पूरा करवाने की मांग सरकार से कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। सरकार ने पंचायत विभाग के नौ ग्राम सचिवों को भी सस्पेंड कर दिया जिससे पंचायत विकास संबंधी कामकाज ठप हो गया है। एसोसिएशन प्रधान राजकरण ने सीएम हाउस में सरपंचों को अपमानित करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीएम व कृषि मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत प्रतिनिधियों पर मनमाने फैसले थोप रही है जो किसी भी सूरत में सहन नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार ई-पंचायत प्रणाली को थोप रही है जबकि अधिकतर सरपंचों व लोगों को ई- प्रणाली के बारे में पूरा ज्ञान भी नहीं है। अधिकतर गांवों में इंटरनेट सेवा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सरपंचों के मानदेय एवं भत्तों में बढ़ोतरी भी नहीं कर रही है इसके लिए सरपंच पिछले काफी समय से मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार इस ओर कोई कदम नहीं उठा रही हैं। प्रधान ने कहा कि सरकार ने जिन नौ ग्राम सचिवों को सस्पेंड कर रखा है उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। ग्राम सचिवों के पद खाली होने की वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है। धरने में सरपंच राजकरण पांडवान, अमरजीत मौड़ी, नरेंद्र डूडी फतेगढ़, मंदीप ढाणी फौगाट,राधे श्याम ,रामकुमार खातीवास, गोविंद बौंद कलां, सुदर्शन कमोद, सुरेश घसौला, सोमेश घिकाड़ा, आनंद पैतावास खुर्द, सुनील खेड़ी बत्तर, नरेश कंहेटी, महावीर मकड़ानी, धीरपाल पैतावास, राजीव व संजीव आदि अनेक सरपंच मौजूद थे।
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सरपंचों ने दिया अल्टीमेटम
एसोसिएशन प्रधान राजकरण ने कहा जब तक सरकार की ओर से नौ सस्पेंड ग्राम सचिवों को बहाल नहीं किया जाता वे गांव में आने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को कतई सहयोग नहीं करेंगे। पूरे प्रदेश के सरपंचों को साथ लेकर काम रोको प्रस्ताव लाया जाएगा। वे प्रशासन व सरकार को कतई सहयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ सरपंच सीएम द्वारा उनकी मांगें मान लिए जाने की बात कर रहे हैं यह सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उन्हें लिखित में मांगें पूरी करने का आश्वासन नहीं दे देती उनका धरना जारी रहेगा। जल्द ही भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
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ये हैं प्रमुख मांगें
पंचायत ई- प्रणाली बंद करना, गरीबी रेखा से नीचे , बीपीएल कार्डों के लिए सर्वे करवाना, सरपंचों का मानदेय विधायक-सांसदों की तर्ज पर बढ़ाना , पेंशन लागू करना, ग्राम सचिवों के लिए 20 रुपए मासिक वाहन भत्ते को बढ़ाकर पांच हजार रुपए मासिक करना, हरियाणा में पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया से लागू करना, सस्पेंड किए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
वर्जन
जब तक सरकार सस्पेंड कि ए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल नहीं करती व उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। गांवों इंटरनेट की सुविधा भी नहीं है जबकि सरकार ई-पंचायत प्रणाली लागू कर रही है। सरपंचों का मानदेय बढ़ना चाहिए। सरकार को इस बारे में जल्द ही विचार करना चाहिए।
सरपंच एसोसिएशन प्रधान राजकरण
:: जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगें नहीं मान ली जाती तब तक प्रशासन व सरकार को सरकारी कार्यों में सहयोग नहीं करेंगे। ई-पंचायत प्रणाली से सभी सरपंचों में रोष है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से अमल करना चाहिए।
सरपंच अमरजीत मौड़ी
==सरपंचों का मानदेय भी बढ़ाना चाहिए। पेंशन की सुविधा भी मिलनी चाहिए। ई-पंचायत प्रणाली को बंद करना चाहिए। मांगें नहीं मानी गई तो भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। सरकार को गांवों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। सस्पेंड किए गए नौ ग्राम सचिवों को बहाल करना चाहिए।
सरपंच नरेंद्र डूडी फतेहगढ़