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रोहतक में तैयार हो रहे हैं भविष्य के लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा
Updated Fri, 10 Nov 2017 03:06 AM IST
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रोहतक में तैयार हो रहे हैं भविष्य के लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा
- क्रिकेट, कुश्ती और कबड्डी के साथ-साथ अब लॉन टेनिस का भी बढ़ा क्रेज
- एमडीयू और राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह-शाम समय होती है प्रेक्ट्सि
- लॉन टेनिस में होता है 245 ग्राम से लेकर 325 ग्राम तक का रैकेट इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। क्रिकेट, कुश्ती और कबड्डी के बाद अब रोहतक में लॉन टेनिस का क्रेेज भी बढ़ने लगा है। सुबह-शाम मैदान में लॉन टेनिस की प्रेक्ट्सि करने वाले इन खिलाड़ियों का सपना है कि देश का नाम रोशन कर चुके खिलाड़ियों की तरह वह भी अपना मुकाम बनाए। कोई भविष्य का लिएंडर पेस बनने को बेताब है तो कोई सानिया मिर्जा की तरह बनना चाहती है।
हरियाणा का नाम और खासकर उसमें रोहतक का नाम आते ही क्रिकेट, कुश्ती और कबड्डी समेत अन्य खेलों की उपलब्धि याद आने लगती है। रोहतक की माटी ने देश को न केवल साक्षी मलिक जैसी बेटी दी, बल्कि क्रिकेट की दुनिया में भी यहां के खिलाड़ियों को देश याद करता है। इन खेलों के अलावा अब यदि किसी खेल का क्रेज युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है तो वह है लॉन टेनिस। हालांकि अभी तक यहां के खिलाड़ी डेविस कप की टीम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन कई खिलाड़ी नेशनल लेवल पर अपनी पहचान जरूर बना चुके हैं। लॉन टेनिस में सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह-शाम खिलाड़ियों की पौध प्रेक्ट्सि करते देखी जा सकती है। इन दोनों स्थानों पर करीब 100 खिलाड़ी प्रेक्ट्सि करते हैं, जिसमें 20 से अधिक लड़कियां है। सभी का एक ही सपना है कि लिएंडर पेस और महेश भूपति समेत तमाम दिग्गज खिलाड़ियों की तरह देश का नाम रोशन सके। इसके लिए वह दिन-रात पसीना बहाते हैं।
दो साल से दूसरे स्थान पर एमडीयू, जनवरी में चैंपियन बनने का सपना
खेलों में हमेशा टॉप पर रहने वाली एमडीयू की टीम इस खेल में भी लगातार दो वर्षों से दूसरे स्थान पर आ रही है। पिछले माह हिसार में हुई नॉर्थ जोन चैंपियनशिप और वर्ष 2016 में हुई नॉर्थ जोन चैंपियनशिप में एमडीयू दूसरे स्थान पर रहा था। हालांकि अब यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों से लेकर कोच का सपना है कि जनवरी में भुवनेश्वर में होने वाली चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल करें। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई है।
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यह है लॉन टेनिस की बारीकियां
लॉन टेनिस खेल की शुरूआत फ्रांस में वर्ष 1924 में हुई थी। इसके बाद इंग्लैंड ने इस खेल को आगे बढ़ाया और फिर ओलंपिक में शामिल कर लिया गया। यह तीन तरह के ग्राउंड में खेला जा सकता है। पहले क्ले ग्राउंड, दूसरा सिंथेटिक ग्राउंड और तीसरा ग्रास ग्राउंड। एक टीम में पांच खिलाड़ी होते हैं। एक मैच में पांच सेट खेले जाते हैं, जिसमें तीन सेट जीतना जरूरी होता है। यह टेनिस की बॉल से खेला जाता है और रैकेट का वजन खिलाड़ी पर निर्भर करता है। खिलाड़ी 245 ग्राम के रैकेट से लेकर 260, 300 और 325 ग्राम तक का रैकेट इस्तेमाल करते हैं।
यह बोले कोच
एमडीयू के लॉन टेनिस के कोच श्रवण कुमार का कहना है कि पिछले कुछ समय में इस खेल को लेकर उत्साह बढ़ा है। फिलहाल यूनिवर्सिटी में प्रेक्ट्सि करने वाले बोहर निवासी वंश नांदल, किशनपुरा निवासी अंजली राठी, सोनीपत निवासी पारस दहिया और रणजीत सिंह समेत कई स्टार खिलाड़ी है। यह खिलाड़ी जूनियर एशियन से लेकर टेलेंट सीरीज और सुपर सीरीज तक खेल चुके हैं। हालांकि अभी इस खेल को और अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है।
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रोहतक में तैयार हो रहे हैं भविष्य के लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा
- क्रिकेट, कुश्ती और कबड्डी के साथ-साथ अब लॉन टेनिस का भी बढ़ा क्रेज
- एमडीयू और राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह-शाम समय होती है प्रेक्ट्सि
- लॉन टेनिस में होता है 245 ग्राम से लेकर 325 ग्राम तक का रैकेट इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। क्रिकेट, कुश्ती और कबड्डी के बाद अब रोहतक में लॉन टेनिस का क्रेेज भी बढ़ने लगा है। सुबह-शाम मैदान में लॉन टेनिस की प्रेक्ट्सि करने वाले इन खिलाड़ियों का सपना है कि देश का नाम रोशन कर चुके खिलाड़ियों की तरह वह भी अपना मुकाम बनाए। कोई भविष्य का लिएंडर पेस बनने को बेताब है तो कोई सानिया मिर्जा की तरह बनना चाहती है।
हरियाणा का नाम और खासकर उसमें रोहतक का नाम आते ही क्रिकेट, कुश्ती और कबड्डी समेत अन्य खेलों की उपलब्धि याद आने लगती है। रोहतक की माटी ने देश को न केवल साक्षी मलिक जैसी बेटी दी, बल्कि क्रिकेट की दुनिया में भी यहां के खिलाड़ियों को देश याद करता है। इन खेलों के अलावा अब यदि किसी खेल का क्रेज युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है तो वह है लॉन टेनिस। हालांकि अभी तक यहां के खिलाड़ी डेविस कप की टीम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन कई खिलाड़ी नेशनल लेवल पर अपनी पहचान जरूर बना चुके हैं। लॉन टेनिस में सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह-शाम खिलाड़ियों की पौध प्रेक्ट्सि करते देखी जा सकती है। इन दोनों स्थानों पर करीब 100 खिलाड़ी प्रेक्ट्सि करते हैं, जिसमें 20 से अधिक लड़कियां है। सभी का एक ही सपना है कि लिएंडर पेस और महेश भूपति समेत तमाम दिग्गज खिलाड़ियों की तरह देश का नाम रोशन सके। इसके लिए वह दिन-रात पसीना बहाते हैं।
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दो साल से दूसरे स्थान पर एमडीयू, जनवरी में चैंपियन बनने का सपना
खेलों में हमेशा टॉप पर रहने वाली एमडीयू की टीम इस खेल में भी लगातार दो वर्षों से दूसरे स्थान पर आ रही है। पिछले माह हिसार में हुई नॉर्थ जोन चैंपियनशिप और वर्ष 2016 में हुई नॉर्थ जोन चैंपियनशिप में एमडीयू दूसरे स्थान पर रहा था। हालांकि अब यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों से लेकर कोच का सपना है कि जनवरी में भुवनेश्वर में होने वाली चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल करें। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई है।
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यह है लॉन टेनिस की बारीकियां
लॉन टेनिस खेल की शुरूआत फ्रांस में वर्ष 1924 में हुई थी। इसके बाद इंग्लैंड ने इस खेल को आगे बढ़ाया और फिर ओलंपिक में शामिल कर लिया गया। यह तीन तरह के ग्राउंड में खेला जा सकता है। पहले क्ले ग्राउंड, दूसरा सिंथेटिक ग्राउंड और तीसरा ग्रास ग्राउंड। एक टीम में पांच खिलाड़ी होते हैं। एक मैच में पांच सेट खेले जाते हैं, जिसमें तीन सेट जीतना जरूरी होता है। यह टेनिस की बॉल से खेला जाता है और रैकेट का वजन खिलाड़ी पर निर्भर करता है। खिलाड़ी 245 ग्राम के रैकेट से लेकर 260, 300 और 325 ग्राम तक का रैकेट इस्तेमाल करते हैं।
यह बोले कोच
एमडीयू के लॉन टेनिस के कोच श्रवण कुमार का कहना है कि पिछले कुछ समय में इस खेल को लेकर उत्साह बढ़ा है। फिलहाल यूनिवर्सिटी में प्रेक्ट्सि करने वाले बोहर निवासी वंश नांदल, किशनपुरा निवासी अंजली राठी, सोनीपत निवासी पारस दहिया और रणजीत सिंह समेत कई स्टार खिलाड़ी है। यह खिलाड़ी जूनियर एशियन से लेकर टेलेंट सीरीज और सुपर सीरीज तक खेल चुके हैं। हालांकि अभी इस खेल को और अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है।