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दो दशक बाद आए पानी को नहीं झेल पाई सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी, दस एकड़ में फसल डूबी
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:38 AM IST
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दो दशक बाद आए पानी को नहीं झेल पाई सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी, दस एकड़ में फसल डूबी
बहल
20 साल से सूखी पड़ी सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी की पातवान गांव की टेल पानी के तेज बहाव को नहीं झेल पाई। पानी पहुंचने के महज चार घंटे बाद ही टेल का बेड टूट। इससे पानी नहर से निकल कर खेतों में भर गया और नहर के साथ लगती करीब दस एकड़ जमीन में लगी फसल डूब गई। पानी के बहाव के कारण किसान के निर्माणाधीन मकान में भी पानी भर गया। साथ ही बोरिंग पानी में डूब गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खेतों से पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन बारिश के कारण राहत कार्य पूरा नहीं हो सका।
सिंचाई विभाग की टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश पातवान गांव के समीप आकर दम तोड़ गई। विभाग पानी को बुर्जी दर बुर्जी आगे बढ़ा रहा है। सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी से बुर्जी नंबर 156 पर वीरवार रात करीब साढ़े दस बजे पानी छोड़ा गया। करीब चार घंटे पानी चलने के बाद रात करीब तीन बजे बुर्जी का बेड जमीन में धंस गया और नहर का पानी खेतों में भर गया। पानी के बहाव पर लगातार निगरानी रख रहे विभाग के अधिकारियों ने उसी समय पानी को सिरसी और बहल से बंद करवाया। इसके अलावा राजगढ़ रोड पर पातवान क्रॉसिंग पर मिट्टी का बांध बनाकर पानी के बहाव को कम किया। लेकिन, तब तक पानी के तेज बहाव के कारण किसानों की दस एकड़ फसल में खड़ी कपास, बाजरा और ग्वार की फसल डूब गई।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्षों से सूखी पड़ी नहर की जमीन को चूहों ने खोखला कर दिया था। साथ ही पेड़ों की जड़ें जाने के कारण इस बात का अंदाजा नहीं लग सका कि नहर का बेड कमजोर हो चुका है। पानी छोड़ते ही बेड टूट गया और पानी खेतों में चला गया। पानी जाने से पातवान के किसान राजकुमार, किशनलाल, रविंद्र, रणधीर, नरेश की फसल खराब हो गई। राजकुमार के खेत में निर्माणाधीन मकान के चारों तरफ पानी भर गया और बोरिंग डूब गई। अधिकारियों ने जेसीबी चलाकर पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज बारिश के कारण बचाव कार्य पूरा नहीं किया जा सका।
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सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी की बुर्जी नंबर 156 में टेल का बेड पानी के बहाव के कारण टूट गया। इससे खेतों में पानी भर गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन बारिश के कारण बचाव कार्य पूरा नहीं किया जा सक।
-अमरचंद, जेई, सिंचाई विभाग
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बहल
20 साल से सूखी पड़ी सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी की पातवान गांव की टेल पानी के तेज बहाव को नहीं झेल पाई। पानी पहुंचने के महज चार घंटे बाद ही टेल का बेड टूट। इससे पानी नहर से निकल कर खेतों में भर गया और नहर के साथ लगती करीब दस एकड़ जमीन में लगी फसल डूब गई। पानी के बहाव के कारण किसान के निर्माणाधीन मकान में भी पानी भर गया। साथ ही बोरिंग पानी में डूब गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खेतों से पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन बारिश के कारण राहत कार्य पूरा नहीं हो सका।
सिंचाई विभाग की टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश पातवान गांव के समीप आकर दम तोड़ गई। विभाग पानी को बुर्जी दर बुर्जी आगे बढ़ा रहा है। सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी से बुर्जी नंबर 156 पर वीरवार रात करीब साढ़े दस बजे पानी छोड़ा गया। करीब चार घंटे पानी चलने के बाद रात करीब तीन बजे बुर्जी का बेड जमीन में धंस गया और नहर का पानी खेतों में भर गया। पानी के बहाव पर लगातार निगरानी रख रहे विभाग के अधिकारियों ने उसी समय पानी को सिरसी और बहल से बंद करवाया। इसके अलावा राजगढ़ रोड पर पातवान क्रॉसिंग पर मिट्टी का बांध बनाकर पानी के बहाव को कम किया। लेकिन, तब तक पानी के तेज बहाव के कारण किसानों की दस एकड़ फसल में खड़ी कपास, बाजरा और ग्वार की फसल डूब गई।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्षों से सूखी पड़ी नहर की जमीन को चूहों ने खोखला कर दिया था। साथ ही पेड़ों की जड़ें जाने के कारण इस बात का अंदाजा नहीं लग सका कि नहर का बेड कमजोर हो चुका है। पानी छोड़ते ही बेड टूट गया और पानी खेतों में चला गया। पानी जाने से पातवान के किसान राजकुमार, किशनलाल, रविंद्र, रणधीर, नरेश की फसल खराब हो गई। राजकुमार के खेत में निर्माणाधीन मकान के चारों तरफ पानी भर गया और बोरिंग डूब गई। अधिकारियों ने जेसीबी चलाकर पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज बारिश के कारण बचाव कार्य पूरा नहीं किया जा सका।
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सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी की बुर्जी नंबर 156 में टेल का बेड पानी के बहाव के कारण टूट गया। इससे खेतों में पानी भर गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन बारिश के कारण बचाव कार्य पूरा नहीं किया जा सक।
-अमरचंद, जेई, सिंचाई विभाग