फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   दूध

दूध

Sat, 17 Feb 2018 02:52 AM IST
Updated Sat, 17 Feb 2018 02:52 AM IST
विज्ञापन
दूध
मिड डे मील में प्रावधान के बावजूद दूध को तरसे बच्चे
विज्ञापन

- सरकार ने सप्ताह में तीन दिन बच्चों को दूध देने की बनाई है योजना
- अब तक विभाग के पास नहीं पहुंची स्कूलों से दूध की डिमांड
विकास सैनी
रोहतक
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने व उनके पोषण पर जोर दे रही सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। इसमें मिड डे मिल मुख्य है। सरकार ने महीनों पहले स्कूली बच्चों को दूध पिलाने की योजना तो बना दी, मगर अब तक बच्चे दूध को तरस रहे हैं। उन तक दूध नहीं पहुंचा है। शिक्षा विभाग ने अब तक दूध की डिमांड ही नहीं की है। इस महीने यह डिमांड आने की उम्मीद भी नहीं है। मार्च में सत्र पूरा हो रहा है। ऐसे में बच्चों को दूध पिलाने की योजना फेल होती नजर आ रही है। शिक्षा विभाग इसी महीने बच्चों को दूध मुहैया कराने दावा कर रहा है।
मिड डे मिल योजना के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सरकार ने दूध दिए जाने की योजना बनाई है। यह योजना सत्र के अंतिम चरण में भी लागू नहीं हो पाई है। इसी महीने मुख्यालय से जिला स्तर पर पत्र पहुंचा है। इसके चलते अब स्कूलों से खंड स्तर पर दूध की डिमांड मांगी गई है। यह डिमांड सभी खंडों से नहीं भेजी गई है। जिला मुख्यालय भेजी गई डिमांड चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद दूध की खरीद का ऑर्डर होगा। दूध डिब्बे का होगा। इसे वीटा प्लांट स्कूलों में मुहैया कराएगा। इसके लिए प्लांट व सरकार से अनुबंध हो गया है। ऑर्डर के बाद दूध की सप्लाई में करीब एक से दो महीने का समय लग सकता है। स्कूलों में दूध पहुंचने तक सत्र पूरा हो चुका होगा। ऐसे में बच्चों को इस महीने दूध मिलता नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन

विद्यार्थियों की तंदुरुस्ती के लिए बनाई योजना
सरकारी स्कूलों में पौष्टिक मिड डे मिल की सूची में दूध शामिल किया गया है। ऐसा विद्यार्थियों की तंदुरुस्ती के लिए किया गया है। इसी कड़ी में शिक्षकों को पाउडर से दूध तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर मिड डे मिल इंचार्जों को दूध तैयार करने की विधि समझा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी भी अध्यापकों को मिड-डे-मिल के साथ दूध वितरण योजना के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

200 ग्राम दूध एक बच्चे को मिलेगा
योजना के तहत 200 ग्राम दूध एक विद्यार्थी को दिया जाएगा। यह दूध डिब्बा बंद दूध के 20 ग्राम पाउडर से तैयार किया जाएगा। एक डिब्बे के पाउडर के वजन के हिसाब से विद्यार्थियों को दूध वितरित किया जाएगा। योजना के तहत फ्लेवर्ड मिल्क दिए जाने का कारार होने की बात कही जा रही है। ऐसे में इस दूध में फ्लेवर मिलाए जाने की भी संभावना है।

इस महीने ही पत्र आया, डिमांड भेजने के निर्देश जारी
सरकार ने बच्चों को दूध मुहैया कराने की योजना शुरू की है। इसके लिए फरवरी महीने में ही पत्र आया है। स्कूलों से डिमांड मांगी गई है। इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। इसी महीने से बच्चों को दूध मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए खंड पर शीघ्र डिमांड भेजने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- परमेश्वरी हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed