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विद्यार्थियों ने सीखी एकाग्रता व स्मरण शक्ति बढ़ाने की कला
Updated Wed, 31 Jan 2018 02:56 AM IST
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विद्यार्थियों ने सीखी एकाग्रता व स्मरण शक्ति बढ़ाने की कला
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सेक्टर चार स्थित मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य वक्ता ग्वालियर से आए आचार्य पवन ने साइंटिफिक रिसर्च पर आधारित विधियों की जानकारी दी। इसमें आचार्य ने गैप थेरेपी, ब्रेन रिप्रोग्रामिंग, रिटेंशन थेरेपी की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने मौके पर विद्यार्थियों को गैप थेरेपी का प्रयोग करने की कला सिखाई। उन्होंने बताया कि हमें गाने, वीडियो गेम सालों तक इसलिए याद रहते हैं कि हम उनके बारे में सोचते हैं और कल्पना करते रहते हैं। यदि हम अपने सवालों को भी याद रखें और कल्पना करें तो यह भी सालों तक याद रहेंगे। पढ़ाई का आसान तरीके में ब्रेन डायरी भी एक कला है। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य विजय बलहारा ने आचार्य का विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृति भेंट स्वरूप दी।
दो मिनट का मौन रखा
सेक्अर चार मेन ब्रांच की प्राचार्य अरूणा तनेजा की बड़ी बहन की आत्मशांति के लिए कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्म शांति की प्रार्थना की गई। वह ग्रेटर नोएडा में रहती थी और बैंसी में गांव आते समय उन्होंने अंतिम सांसे ली।
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फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सेक्टर चार स्थित मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य वक्ता ग्वालियर से आए आचार्य पवन ने साइंटिफिक रिसर्च पर आधारित विधियों की जानकारी दी। इसमें आचार्य ने गैप थेरेपी, ब्रेन रिप्रोग्रामिंग, रिटेंशन थेरेपी की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने मौके पर विद्यार्थियों को गैप थेरेपी का प्रयोग करने की कला सिखाई। उन्होंने बताया कि हमें गाने, वीडियो गेम सालों तक इसलिए याद रहते हैं कि हम उनके बारे में सोचते हैं और कल्पना करते रहते हैं। यदि हम अपने सवालों को भी याद रखें और कल्पना करें तो यह भी सालों तक याद रहेंगे। पढ़ाई का आसान तरीके में ब्रेन डायरी भी एक कला है। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य विजय बलहारा ने आचार्य का विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृति भेंट स्वरूप दी।
दो मिनट का मौन रखा
सेक्अर चार मेन ब्रांच की प्राचार्य अरूणा तनेजा की बड़ी बहन की आत्मशांति के लिए कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्म शांति की प्रार्थना की गई। वह ग्रेटर नोएडा में रहती थी और बैंसी में गांव आते समय उन्होंने अंतिम सांसे ली।
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