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पेयजल का नया कनेक्शन लेने और कटवाने के लिए देने पड़ेंगे पांच सौ रूपये
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:33 AM IST
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पेयजल का नया कनेक्शन लेने और कटवाने के लिए देने पड़ेंगे पांच सौ रूपये
चरखी दादरी। नए पेयजल कनेक्शन के साथ-साथ अब कटवाने पर भी उपभोक्ता को पांच सौ रुपये फीस जमा करवानी होगी। जन स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को इसी महीने से लागू कर दिया है। यह अधिसूचना हेड ऑफिस से आने के तुरंत बाद विभाग ने रेट रिवाइज कर लागू कर दिया है। अब कनेक्शन लेने या कटवाने के लिए उपभोक्ता को नई दरों के मुताबिक फीस जमा करवानी पड़ेगी। कनेक्शन लेने व काटे जाने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी। इस समय जिले में 33 हजार 500 पेयजल कनेक्शन हैं।
जिले में पेयजल के अवैध कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अवैध कनेक्शन को वैध करने का काम पिछले साल विभाग ने शुरू किया था। उस समय शहर में मात्र 900 पेयजल कनेक्शन ही वैध थे। इसके बाद बाद में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर इन कनेक्शनों को वैध करने का काम किया गया था। इस समय शहर में 14 हजार 500 पेयजल कनेक्शन हैं लेकिन अभी भी करीब तीन हजार से अधिक पेयजल कनेक्शन अवैध हैं।
19 हजार पेयजल कनेक्शन में से 15 हजार अवैध
इस समय गांवों में 19 हजार पेयजल कनेक्शन हैं जिनमें से करीब 15 हजार पेयजल कनेक्शन अवैध भी हैं। जिनके वैध कनेक्शन हैं उनमें से भी 10 प्रतिशत लोग ही पानी का बिल चुका रहे हैं। इस प्रकार गांवों का बकाया पेयजल बिल 63 लाख तक पहुंच गया है। पिछले दिनों विभाग ने गांवों के बिल तैयार कर सरपंचों के पास भेजे थे लेकिन कुछ सरपंचों ने विभाग को लौटा दिए थे। सरपंचों का तर्क था कि ग्रामीण पानी का बिल लेने से इन्कार कर रहे हैं।
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अब कनेक्शन कटवाने व नया कनेक्शन लेने की एक फीस
अब विभाग ने नया कनेक्शन लेने व कनेक्शन कटवाने की फीस एक समान कर दी है। दोनो ही श्रेणियों में फीस 500 रूपये निर्धारित कर दी गई है। अब कनेक्शन कटवाने के लिए उपभोक्ता को आवेदन के साथ यह 500 रुपये की फीस जमा करवानी होगी।
ऑनलाइन कटेगा कनेक्शन
विभाग की ओर से कनेक्शन काटे जाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पहले कनेक्शन कटवाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम में ऑप्शन ही नहीं था। अमर उजाला ने यह ऑप्शन नहीं होने संबंधी खबर को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कनेक्शन कटवाने का आवेदन मिलने पर कनेक्शन को डिश-कनेक्ट करने के लिए हेड ऑफिस पूरा ब्योरा भेजा जाएगा। इसके बाद कनेक्शन कट सकेगा। शहर में इस समय पेयजल बिल प्रतिमाह 120 रुपये है। जिन उपभोक्ताओं ने पानी का मीटर लगवा रखा है उनसे 60 रुपये प्रति माह बिल लिया जा रहा है।
ने बताया कि
कनेक्शन काटने के 500 रुपये लेने का फैसला गलत है। नलों में पानी दूषित आता है। नया कनेक्शन लेने की सोच ही रहे थे कि विभाग ने एक और परेशानी खड़ी कर दी। -धनप्रकाश
जनस्वास्थ्य विभाग के कारण लोगों को पहले ही काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब कनेक्शन कटवाने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे यह तो नया नियम है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
पेयजल की सप्लाई में पहले ही काफी दिक्कत हो रही है। पिछले काफी समय से दूषित पानी पीना पड़ रहा है। पुराना कनेक्शन हटवाकर नया कनेक्शन लेना था लेकिन अब उसके भी 500 रुपये अलग से देने होंगे।
-प्रमोद
लोगों को दूषित पानी के चलते काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुराने कनेक्शन की लाइन भी जर्जर हो चुकी हैं। नया कनेक्शन लेना था लेकिन अब उसके भी पैसे देने पड़ेगे। विभाग का यह नियम सरासर गलत है।
-सत्यवान
हेड ऑफिस से ऑर्डर आ चुके हैं। अब जो भी उपभोक्ता कनेक्शन कटवाएगा उससे 500 रुपये फीस वसूली जाएगी। इसके बाद ऑनलाइन ही कनेक्शन कटेगा।
बिल इंचार्ज रामरूप यादेव, जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी। नए पेयजल कनेक्शन के साथ-साथ अब कटवाने पर भी उपभोक्ता को पांच सौ रुपये फीस जमा करवानी होगी। जन स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को इसी महीने से लागू कर दिया है। यह अधिसूचना हेड ऑफिस से आने के तुरंत बाद विभाग ने रेट रिवाइज कर लागू कर दिया है। अब कनेक्शन लेने या कटवाने के लिए उपभोक्ता को नई दरों के मुताबिक फीस जमा करवानी पड़ेगी। कनेक्शन लेने व काटे जाने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी। इस समय जिले में 33 हजार 500 पेयजल कनेक्शन हैं।
जिले में पेयजल के अवैध कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अवैध कनेक्शन को वैध करने का काम पिछले साल विभाग ने शुरू किया था। उस समय शहर में मात्र 900 पेयजल कनेक्शन ही वैध थे। इसके बाद बाद में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर इन कनेक्शनों को वैध करने का काम किया गया था। इस समय शहर में 14 हजार 500 पेयजल कनेक्शन हैं लेकिन अभी भी करीब तीन हजार से अधिक पेयजल कनेक्शन अवैध हैं।
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19 हजार पेयजल कनेक्शन में से 15 हजार अवैध
इस समय गांवों में 19 हजार पेयजल कनेक्शन हैं जिनमें से करीब 15 हजार पेयजल कनेक्शन अवैध भी हैं। जिनके वैध कनेक्शन हैं उनमें से भी 10 प्रतिशत लोग ही पानी का बिल चुका रहे हैं। इस प्रकार गांवों का बकाया पेयजल बिल 63 लाख तक पहुंच गया है। पिछले दिनों विभाग ने गांवों के बिल तैयार कर सरपंचों के पास भेजे थे लेकिन कुछ सरपंचों ने विभाग को लौटा दिए थे। सरपंचों का तर्क था कि ग्रामीण पानी का बिल लेने से इन्कार कर रहे हैं।
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अब कनेक्शन कटवाने व नया कनेक्शन लेने की एक फीस
अब विभाग ने नया कनेक्शन लेने व कनेक्शन कटवाने की फीस एक समान कर दी है। दोनो ही श्रेणियों में फीस 500 रूपये निर्धारित कर दी गई है। अब कनेक्शन कटवाने के लिए उपभोक्ता को आवेदन के साथ यह 500 रुपये की फीस जमा करवानी होगी।
ऑनलाइन कटेगा कनेक्शन
विभाग की ओर से कनेक्शन काटे जाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पहले कनेक्शन कटवाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम में ऑप्शन ही नहीं था। अमर उजाला ने यह ऑप्शन नहीं होने संबंधी खबर को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कनेक्शन कटवाने का आवेदन मिलने पर कनेक्शन को डिश-कनेक्ट करने के लिए हेड ऑफिस पूरा ब्योरा भेजा जाएगा। इसके बाद कनेक्शन कट सकेगा। शहर में इस समय पेयजल बिल प्रतिमाह 120 रुपये है। जिन उपभोक्ताओं ने पानी का मीटर लगवा रखा है उनसे 60 रुपये प्रति माह बिल लिया जा रहा है।
ने बताया कि
कनेक्शन काटने के 500 रुपये लेने का फैसला गलत है। नलों में पानी दूषित आता है। नया कनेक्शन लेने की सोच ही रहे थे कि विभाग ने एक और परेशानी खड़ी कर दी। -धनप्रकाश
जनस्वास्थ्य विभाग के कारण लोगों को पहले ही काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब कनेक्शन कटवाने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे यह तो नया नियम है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
पेयजल की सप्लाई में पहले ही काफी दिक्कत हो रही है। पिछले काफी समय से दूषित पानी पीना पड़ रहा है। पुराना कनेक्शन हटवाकर नया कनेक्शन लेना था लेकिन अब उसके भी 500 रुपये अलग से देने होंगे।
-प्रमोद
लोगों को दूषित पानी के चलते काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुराने कनेक्शन की लाइन भी जर्जर हो चुकी हैं। नया कनेक्शन लेना था लेकिन अब उसके भी पैसे देने पड़ेगे। विभाग का यह नियम सरासर गलत है।
-सत्यवान
हेड ऑफिस से ऑर्डर आ चुके हैं। अब जो भी उपभोक्ता कनेक्शन कटवाएगा उससे 500 रुपये फीस वसूली जाएगी। इसके बाद ऑनलाइन ही कनेक्शन कटेगा।
बिल इंचार्ज रामरूप यादेव, जनस्वास्थ्य विभाग