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सरकार और रोडवेज कर्मियों के हठ से हड़ताल, लोग बेहाल
Updated Wed, 14 Jun 2017 02:43 AM IST
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सरकार और रोडवेज कर्मियों के हठ से हड़ताल, लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच यात्रियों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। निजी बसों को दिए जाने वाले परमिट के सरकार के हठ के चलते रोडवेज कर्मियों ने मंगलवार को हड़ताल कर दी। 41 डिग्री सेल्सियस तापमान में गर्म हवाओं के बीच यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण धूप में दिन भर यात्री जाने के लिए निजी वाहनों का इंतजार करते रहे। शाम आठ बजे सरकार ने कर्मचारियों से बात करके मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई। ऐसे में यात्रियों का कहना है कि जब सरकार को मांग माननी थी तो दिन में बातचीत की जा सकती थी। इससे आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच प्राइवेट बसों को दिए जाने वाले परमिट की लड़ाई में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों के चक्का जाम से हर कोई हलकान था। मंगलवार को कार्य दिवस के चलते सबसे ज्यादा असर रोज वाले यात्रियों को हुई। इसके अलावा जरूरी काम से जिले से बाहर जाने वाले लोग वैकल्पिक साधनों के लिए दिनभर जूझते दिखे। राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली परिवहन की बसों को बस अड्डा परिसर में नहीं घुसने दिया गया। इन सभी बसों को परिसर के बाहर से ही रवाना होना पड़ा। इस दौरान प्राइवेट बसों और ऑटो चालकों ने यात्रियों ने मनमर्जी किराया वसूला। यात्रियों ने बताया कि दादरी जाने वाली बस में 55 की जगह 80 रुपये तक वसूले गए। इसके अलावा आसपास के इलाकों में चल रहे ऑटो चालकों ने भी मौके का खूब फायदा उठाया। कई कॉलेज विद्यार्थियों ने बताया कि बस अड्डा से लेकर शहर के कई हिस्सों में जाने वाले ऑटो में दोगुनी कीमत वसूली गई। आसपास के जिलों से लेकर दिल्ली जाने के लिए कई प्राइवेट बसें होते हुए भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। इस दौरान कई प्राइवेट कार चालकों ने भी मौके को भुनाया।
रेलवे पर भी दिखा हड़ताल का असर
हड़ताल की वजह से ट्रेन को सहारा लेने वाले यात्रियों की भी मुश्किलें कम न थीं। रोहतक पहुंचने वाली ट्रेनों में पहले से ही काफी भीड़ थी। कोच में भीड़ की वजह से कई यात्रियों को यहां से भी बैरंग लौटना पड़ा।
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शाम को खत्म हुई हड़ताल
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि शाम आठ बजे सरकार के साथ बैठक के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है। बुधवार सुबह चार बजे से रोहतक रोडवेज बस अड्डे से हर दिन की तरह सुचारु रूप से बसों को रवाना कर दिया जाएगा।
मांगे नहीं मानीं तो फिर होगा आंदोलन
रोडवेज कर्मचारियों ने प्राइवेट बसों को नए नियम के तहत दिए जाने वाले परमिट का जोरदार विरोध किया। सभी यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ रोडवेज कर्मचारियों ने परिसर में ही दरी बिछाकर दिनभर धरना प्रदर्शन किया। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव जयकंवार दहिया ने कहा कि जब तक सरकार नई नीति के तहत दिए परमिट का फैसला वापस नहीं लेती वह चुप नहीं बैठेंगे। अगर मांगे नहीं मानी गईं तो फिर से आंदोलन होगा।
ये हैं मुख्य मांगे
- नई नीति के तहत प्राइवेट बसों को दिए जाने वाले सभी परमिट रद किए जाएं।
- प्रदेश की बढ़ती आबादी के अनुसार विभाग में भर्तियां हों।
- रोडवेज के बेडे़ में बसों की कमी पूरी की जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच यात्रियों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। निजी बसों को दिए जाने वाले परमिट के सरकार के हठ के चलते रोडवेज कर्मियों ने मंगलवार को हड़ताल कर दी। 41 डिग्री सेल्सियस तापमान में गर्म हवाओं के बीच यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण धूप में दिन भर यात्री जाने के लिए निजी वाहनों का इंतजार करते रहे। शाम आठ बजे सरकार ने कर्मचारियों से बात करके मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई। ऐसे में यात्रियों का कहना है कि जब सरकार को मांग माननी थी तो दिन में बातचीत की जा सकती थी। इससे आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच प्राइवेट बसों को दिए जाने वाले परमिट की लड़ाई में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों के चक्का जाम से हर कोई हलकान था। मंगलवार को कार्य दिवस के चलते सबसे ज्यादा असर रोज वाले यात्रियों को हुई। इसके अलावा जरूरी काम से जिले से बाहर जाने वाले लोग वैकल्पिक साधनों के लिए दिनभर जूझते दिखे। राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली परिवहन की बसों को बस अड्डा परिसर में नहीं घुसने दिया गया। इन सभी बसों को परिसर के बाहर से ही रवाना होना पड़ा। इस दौरान प्राइवेट बसों और ऑटो चालकों ने यात्रियों ने मनमर्जी किराया वसूला। यात्रियों ने बताया कि दादरी जाने वाली बस में 55 की जगह 80 रुपये तक वसूले गए। इसके अलावा आसपास के इलाकों में चल रहे ऑटो चालकों ने भी मौके का खूब फायदा उठाया। कई कॉलेज विद्यार्थियों ने बताया कि बस अड्डा से लेकर शहर के कई हिस्सों में जाने वाले ऑटो में दोगुनी कीमत वसूली गई। आसपास के जिलों से लेकर दिल्ली जाने के लिए कई प्राइवेट बसें होते हुए भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। इस दौरान कई प्राइवेट कार चालकों ने भी मौके को भुनाया।
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रेलवे पर भी दिखा हड़ताल का असर
हड़ताल की वजह से ट्रेन को सहारा लेने वाले यात्रियों की भी मुश्किलें कम न थीं। रोहतक पहुंचने वाली ट्रेनों में पहले से ही काफी भीड़ थी। कोच में भीड़ की वजह से कई यात्रियों को यहां से भी बैरंग लौटना पड़ा।
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शाम को खत्म हुई हड़ताल
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि शाम आठ बजे सरकार के साथ बैठक के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है। बुधवार सुबह चार बजे से रोहतक रोडवेज बस अड्डे से हर दिन की तरह सुचारु रूप से बसों को रवाना कर दिया जाएगा।
मांगे नहीं मानीं तो फिर होगा आंदोलन
रोडवेज कर्मचारियों ने प्राइवेट बसों को नए नियम के तहत दिए जाने वाले परमिट का जोरदार विरोध किया। सभी यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ रोडवेज कर्मचारियों ने परिसर में ही दरी बिछाकर दिनभर धरना प्रदर्शन किया। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव जयकंवार दहिया ने कहा कि जब तक सरकार नई नीति के तहत दिए परमिट का फैसला वापस नहीं लेती वह चुप नहीं बैठेंगे। अगर मांगे नहीं मानी गईं तो फिर से आंदोलन होगा।
ये हैं मुख्य मांगे
- नई नीति के तहत प्राइवेट बसों को दिए जाने वाले सभी परमिट रद किए जाएं।
- प्रदेश की बढ़ती आबादी के अनुसार विभाग में भर्तियां हों।
- रोडवेज के बेडे़ में बसों की कमी पूरी की जाए।