फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   1250 beds to be increased in various medical colleges in the state, 240 MT oxygen quota demanded from the center

प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाए जाएंगे 1250 बेड, केंद्र से मांगा 240 एमटी ऑक्सीजन का कोटा

Tue, 27 Apr 2021 01:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Apr 2021 01:10 AM IST
विज्ञापन
1250 beds to be increased in various medical colleges in the state, 240 MT oxygen quota demanded from the center
पीजीआईएमएस में प्रशासनिक व संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। अमर उज - फोटो : RohtakCity
कोरोना महामारी में प्रदेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में संक्रमित मरीजों के लिए 1250 बेड और बढ़ाए जाएंगे। पीजीआई में 300 बेड हैं। यहां भी 650 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था बनाई जा रही है। ऑक्सीजन किल्लत को दूर करने के लिए केंद्र सरकार से 240 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कोटा मांगा है। राज्य के लिए फिलहाल 162 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का कोटा है। इसे बढ़ाकर 200 मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके अलावा जमशेदपुर से भी ऑक्सीजन सप्लाई मंगवाई है। नवीन जिंदल ने रोजाना पांच मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने का विश्वास दिलाया है। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। वे सोमवार को पीजीआई कैंपस के हैलीपैड पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पीजीआईएमएस की व्यवस्थाओं का जायजा लेने रोहतक पहुंचे सीएम ने हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओपी कालरा, उपायुक्त मनोज कुमार व अन्य अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
विज्ञापन

सीएम ने कहा कि आने वाले तीन-चार दिनों में कोरोना से निपटने का बड़ा ढांचा खड़ा हो जाएगा। इसमें बेड की संख्या व ऑक्सीजन की आपूर्ति मुख्य होंगे। जिले में रोजाना हो रही 20 से अधिक संक्रमितों की मौत के आंकड़े छिपाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि यह संकट का समय है। इस समय हमें डाटा के साथ नहीं खेलना है। लोगों का स्वास्थ्य कैसे ठीक हो, कैसे राहत पहुंचा सके, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हमारा प्रयास लोगों को बचाने का होना चाहिए। इसी कड़ी में मरीजों की बेड संबंधी समस्या का समाधान करने के लिए पीजीआई की लाला श्यामलाल सुपरस्पेशियलिटी भवन का दौरा किया है। यहां नए बेड लगाए जा रहे हैं। यहां ऑक्सीजन की कुछ दिक्कत आई थी। इसलिए मरीज लेना बंद करना पड़ा। अब समस्या दूर हो गई है। इसलिए मरीज लेने शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन

निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती नहीं करने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम प्रदेश स्तर पर निजी अस्पतालों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती न हों व लगातार मरीजों के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बनी रहे, इसकी कोशिश जारी है। कैशलेस योजना में अभी कोविड शामिल नहीं है। यदि कहीं कोई अस्पताल संचालक गड़बड़ी करता है तो कार्रवाई की जाएगी। बगैर ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीज अपने घर पर आइसोलेशन में रहें। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें स्वास्थ्य किट दी जा रही है। वे सभी घर पर अपना सही तरीके से ख्याल रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन के साथ प्रदेश की जनता भी मिलकर कार्य करें। हम सब मिलकर महामारी को हरा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना से निपटने के लिए किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट ली
इससे पूर्व, संस्थान के ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री ने पीजीआईएमएस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। यहां कोरोना से निपटने के लिए किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट प्राप्त की। संस्थान में उपचाराधीन मरीजों की सुविधाओं के बारे में कुलपति से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए। पीजीआईएमएस के चिकित्सकों से ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता होने, आईसीयू व दवाइयों की स्थिति जानी। कुलपति ने उन्हें पूरी जानकारी मुहैया कराई। इस मौके पर नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल, पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल, एसडीएम राकेश कुमार सैनी, सांपला की एसडीएम श्वेता सिहाग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गजेंद्र फौगाट, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, उपसिविल सर्जन केएल मलिक, पीजीआईएमएस की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया, डीएमएस डॉ. संदीप, कंट्रोल रूम इंचार्ज डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. हरनीत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed