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बिजली-पानी व खाद किल्लत पर बिफरे ग्रामीण
Updated Wed, 25 Oct 2017 12:35 AM IST
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बिजली-पानी और खाद किल्लत पर बिफरे ग्रामीण
चरखी दादरी।
बिजली, पानी व खाद किल्लत पर पांच गांवों के ग्रामीणों ने गांव पालड़ी में महापंचायत आयोजित की। इस दौरान उन्होंने इन समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। महापंचायत में लावारिस पशुओं और पशु चोरी की घटनाएं बढ़ने का मामला भी उठाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने पंचायत में नारेबाजी कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। इसके बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार को ग्रामीणों ने अपनी पांच मुख्य मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का तर्क है कि बिजली, पानी व लावारिस पशुओं की समस्या तो उनकी काफी पुरानी है और अब तक प्रशासन निजात नहीं दिला पाया है।
अहीरवाल के गांव बधवाना बस स्टैंड पर बिजली, पानी, खाद व नहरी सिंचाई सहित लगातार बढ़ रही पशु चोरी की वारदातों पर बधवाना, चांगरोड, बालरोड, जावा व बीजणा गांवों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत के आयोजक पूर्व सरपंच कैलाश पालड़ी थे जबकि इसकी अध्यक्षता पूर्व सरपंच डॉ. ओमप्रकाश ने की। वक्ताओं ने कहा कि पिछले काफी लंबे समय से अधिकारियों और सरकार के समक्ष मांग इन समस्याओं को उठाया जा रहा है लेकिन अब लंबी समयावधि के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। हर बार प्रशासनिक अधिकारी आश्वासन देकर टाल देते हैं। अब ग्रामीण इन मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते काफी परेशान हो चुके हैं। इस दौरान महापंचायत में डीएपी खाद की कमी को दूर करवाने, नहरी पानी से सिंचाई व्यवस्था का स्थायी समाधान करवाने, बिजली पानी का समुचित प्रबंधन करवाने, आवारा पशुओं का समाधान करवाने, क्षेत्र में बढ़ती भैंस व अन्य पशुओं की चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाकर चोरों का पता लगाने, एमएस स्वामीनाथन आयोग को लागू करवाने, किसानों के कर्ज माफ करवाने सहित करीब एक दर्जन मांगें उठाई गई। कैलाश पालड़ी ने बताया कि इन पांच गांवों के किसानों को न तो पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है और न ही पानी। खाद की किल्लत भी बनी है जबकि खेतों में खड़ी फसलों को लावारिस पशु चट कर जाते हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे तहसीलदार एवं पैक्स के कर्मियों को भी समस्या से अवगत करवाया व ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर 72 घंटों के अंदर उनकी समस्याओं को हल नहीं किया गया तो अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर नरेंद्र सिंहाग माई कला, सरजीत चांगरोड़, कबूल जावा, रामसिंह जावा, सुरेंद्र फौजी बधवाना, कैप्टन वेद प्रकाश यादव पालड़ी, आजाद पालड़ी, राव रामकुमार चांगरोड़, धर्मेश, थावर, यासीन बधवाना, देवेंद्र पंच पालड़ी, राजकुमार यादव, ज्ञानीराम, राजेश पंडित पालड़ी, मुन्ना सेठ बधवाना, रामनिवास पंच बालरोड़, विद्याधर बिजणा, रामरतन घसौला, रणधीर सिंह कुंगड, विनोद यादव पालड़ी आदि उपस्थित थे। महापंचायत के दौरान किसान सभा प्रांतीय अध्यक्ष मास्टर शेर सिंह, भाकियू जिला अध्यक्ष मीर सिंह जेवली, युवा कांग्रेसी नेता राजू मान, कांग्रेसी नेता डां ओमप्रकाश आदमपुर डाढी, अखिल भारतीय शहीद सम्मान संघर्ष समिति अध्यक्ष अशोक बुचौली, इनेलो जिला अध्यक्ष नरेश द्वारका, प्रभूराम गोदारा सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी महापंचायत के मुद्दों को समर्थन दिया व उनके संघर्ष में साथ देने का आश्वासन दिया।
सीएम से भी खफा ग्रामीण, पंचायत में निकाली टीस
महापंचायत को संबोधित करते हुए कैलाश पालड़ी ने कहा कि इस समस्याओं से सूबे के मुखिया मनोहर लाल खट्टर को भी उनकी दादरी प्रवास कार्यक्रम के दौरान अवगत कराया था। कैलाश पालड़ी ने कहा कि ग्रामीणों ने शिकातय नंबर 46, 56 व 283 के जरिए सीएम के सामने इन मांगों को रखा था। उन्होंने बताया कि इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ है और अब तक समस्याएं जस की तस बरकार है। उन्होंने बताया कि सीएम के सामने समस्याएं रखने पर भी समाधान न होने से ग्रामीणों में रोष है।
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लाइसेंस नवीनीकरण न होने से रुकी खाद की सप्लाई
लाइसेंस का नवीनीकरण न होने से बधवाना स्थित प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में खाद नहीं आ रही है इसको लेकर किसानों में भारी गुस्सा व्याप्त है। विभिन्न किसान संगठनों और राजनैतिक दलों से जुड़े नेताओं ने इस ढिलाई पर नारेबाजी कर अपना रोष जताया। राजू मान ने कहा कि समिति में खाद न मिलने की वजह किसानों को मजबूरी में बाहर से महंगे दामों में खाद खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि समय पर लाइसेंस के नवीनीकरण न होने से किसान हितैषी होने का दम भरने वाली भाजपा सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है।
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चरखी दादरी।
बिजली, पानी व खाद किल्लत पर पांच गांवों के ग्रामीणों ने गांव पालड़ी में महापंचायत आयोजित की। इस दौरान उन्होंने इन समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। महापंचायत में लावारिस पशुओं और पशु चोरी की घटनाएं बढ़ने का मामला भी उठाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने पंचायत में नारेबाजी कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। इसके बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार को ग्रामीणों ने अपनी पांच मुख्य मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का तर्क है कि बिजली, पानी व लावारिस पशुओं की समस्या तो उनकी काफी पुरानी है और अब तक प्रशासन निजात नहीं दिला पाया है।
अहीरवाल के गांव बधवाना बस स्टैंड पर बिजली, पानी, खाद व नहरी सिंचाई सहित लगातार बढ़ रही पशु चोरी की वारदातों पर बधवाना, चांगरोड, बालरोड, जावा व बीजणा गांवों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत के आयोजक पूर्व सरपंच कैलाश पालड़ी थे जबकि इसकी अध्यक्षता पूर्व सरपंच डॉ. ओमप्रकाश ने की। वक्ताओं ने कहा कि पिछले काफी लंबे समय से अधिकारियों और सरकार के समक्ष मांग इन समस्याओं को उठाया जा रहा है लेकिन अब लंबी समयावधि के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। हर बार प्रशासनिक अधिकारी आश्वासन देकर टाल देते हैं। अब ग्रामीण इन मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते काफी परेशान हो चुके हैं। इस दौरान महापंचायत में डीएपी खाद की कमी को दूर करवाने, नहरी पानी से सिंचाई व्यवस्था का स्थायी समाधान करवाने, बिजली पानी का समुचित प्रबंधन करवाने, आवारा पशुओं का समाधान करवाने, क्षेत्र में बढ़ती भैंस व अन्य पशुओं की चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाकर चोरों का पता लगाने, एमएस स्वामीनाथन आयोग को लागू करवाने, किसानों के कर्ज माफ करवाने सहित करीब एक दर्जन मांगें उठाई गई। कैलाश पालड़ी ने बताया कि इन पांच गांवों के किसानों को न तो पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है और न ही पानी। खाद की किल्लत भी बनी है जबकि खेतों में खड़ी फसलों को लावारिस पशु चट कर जाते हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे तहसीलदार एवं पैक्स के कर्मियों को भी समस्या से अवगत करवाया व ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर 72 घंटों के अंदर उनकी समस्याओं को हल नहीं किया गया तो अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर नरेंद्र सिंहाग माई कला, सरजीत चांगरोड़, कबूल जावा, रामसिंह जावा, सुरेंद्र फौजी बधवाना, कैप्टन वेद प्रकाश यादव पालड़ी, आजाद पालड़ी, राव रामकुमार चांगरोड़, धर्मेश, थावर, यासीन बधवाना, देवेंद्र पंच पालड़ी, राजकुमार यादव, ज्ञानीराम, राजेश पंडित पालड़ी, मुन्ना सेठ बधवाना, रामनिवास पंच बालरोड़, विद्याधर बिजणा, रामरतन घसौला, रणधीर सिंह कुंगड, विनोद यादव पालड़ी आदि उपस्थित थे। महापंचायत के दौरान किसान सभा प्रांतीय अध्यक्ष मास्टर शेर सिंह, भाकियू जिला अध्यक्ष मीर सिंह जेवली, युवा कांग्रेसी नेता राजू मान, कांग्रेसी नेता डां ओमप्रकाश आदमपुर डाढी, अखिल भारतीय शहीद सम्मान संघर्ष समिति अध्यक्ष अशोक बुचौली, इनेलो जिला अध्यक्ष नरेश द्वारका, प्रभूराम गोदारा सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी महापंचायत के मुद्दों को समर्थन दिया व उनके संघर्ष में साथ देने का आश्वासन दिया।
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सीएम से भी खफा ग्रामीण, पंचायत में निकाली टीस
महापंचायत को संबोधित करते हुए कैलाश पालड़ी ने कहा कि इस समस्याओं से सूबे के मुखिया मनोहर लाल खट्टर को भी उनकी दादरी प्रवास कार्यक्रम के दौरान अवगत कराया था। कैलाश पालड़ी ने कहा कि ग्रामीणों ने शिकातय नंबर 46, 56 व 283 के जरिए सीएम के सामने इन मांगों को रखा था। उन्होंने बताया कि इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ है और अब तक समस्याएं जस की तस बरकार है। उन्होंने बताया कि सीएम के सामने समस्याएं रखने पर भी समाधान न होने से ग्रामीणों में रोष है।
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लाइसेंस नवीनीकरण न होने से रुकी खाद की सप्लाई
लाइसेंस का नवीनीकरण न होने से बधवाना स्थित प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में खाद नहीं आ रही है इसको लेकर किसानों में भारी गुस्सा व्याप्त है। विभिन्न किसान संगठनों और राजनैतिक दलों से जुड़े नेताओं ने इस ढिलाई पर नारेबाजी कर अपना रोष जताया। राजू मान ने कहा कि समिति में खाद न मिलने की वजह किसानों को मजबूरी में बाहर से महंगे दामों में खाद खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि समय पर लाइसेंस के नवीनीकरण न होने से किसान हितैषी होने का दम भरने वाली भाजपा सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है।