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नगर निगम की वार्डबंदी पर सियासत हावी

Wed, 14 Feb 2018 03:00 AM IST
Updated Wed, 14 Feb 2018 03:00 AM IST
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नगर निगम की वार्डबंदी पर सियासत हावी
नगर निगम की वार्ड बंदी पर सियासत हावी
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मेयर का वार्ड चार फाड़, सीनियर डिप्टी मेयर के वार्ड के बीच चली रेल

- मीटिंग में चुप्पी साधे रहे भाजपा के चारों पार्षद, कांग्रेसियों की आपत्ति दरकिनार
- पूनम किलोई के वार्ड से पंजाबी बहुल शिवाजी व चावला कॉलोनी आउट, पीजीआई कैंपस अंदर
- 20 से 22 वार्ड का ड्राफ्ट तैयार, प्रत्येक वार्ड में रखी 23 हजार 294 जनसंख्या
- वार्डबंदी का ड्राफ्ट सार्वजनिक करने से अधिकारियों का इनकार

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की वार्डबंदी पर सियासत और नौकरशाही का गठजोड़ हावी रही। कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड तोड़े गए, जबकि भाजपा पार्षदों के वार्ड मनमाफिक तैयार किए गए। आलम यह है कि मेयर रेनू डाबला के वार्ड तक को चार भागों में बांट दिया गया, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा के वार्ड को रेलवे लाइन के दोनों तरफ कर दिया। पूछने पर जिला प्रशासन से लेकर निगम के अधिकारियों ने कच्ची वार्डबंदी बताकर सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे निगम की एडहॉक कमेटी की वार्डबंदी को लेकर मीटिंग शुरू हुई, जिसमें डीसी डॉ. यश गर्ग, निगम आयुक्त प्रदीप कुमार, मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, भाजपा पार्षद जय किशन राजोतिया, अजय जैन उर्फ टाटू, पूनम किलोई व पूर्व पार्षद अशोक सिक्का के अलावा चंडीगढ़ से आए डिप्टी डायरेक्टर रणदीप पाराशर, डीटीपी नीलम शर्मा, नगर निगम डीटीपी केके वार्ष्णेय व उप निगम आयुक्त इंद्रजीत कुलड़िया भी मौजूद रहे।
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भाजपा पार्षदों ने चुपचाप कर दिए हस्ताक्षर
मीटिंग शुरू होते ही निगम डीटीपी कृष्ण कुमार वार्ष्णेय ने सदस्यों को न केवल वार्डबंदी के लिए तैयार ड्राफ्ट दिखाया, बल्कि आंकड़ों से भी अवगत कराया। बताया कि निगम के अंदर 5 लाख 12 हजार जनसंख्या है, जिसे 22 वार्डों के अंदर बांटा गया है। एक वार्ड में 23 हजार 294 जनसंख्या रखने का प्रयास किया गया है। किसी वार्ड में जनसंख्या का आंकड़ा 10 प्रतिशत कम या ज्यादा हो सकता है। भाजपा पार्षद जयकिशन, पूनम किलोई, अजय जैन व पूर्व पार्षद अशोक सिक्का ने बिना कोई सुझाव या आपत्ति के हस्ताक्षर कर दिए।
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सीनियर डिप्टी मेयर की आपत्ति दरकिनार
मीटिंग में सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा ने लिखित में कहा कि निगम के अंदर 8 गांव शामिल हैं। वार्डबंदी करते समय शहर के हिस्से को गांव के साथ न जोड़ा जाए। इस पर डीसी ने कहा कि गांव व शहर सभी निगम का हिस्सा हैं। यूं अलग-अलग नहीं किए जा सकते। कमेटी में शामिल अन्य किसी सदस्य ने मंजू के सुझाव का समर्थन नहीं किया। सीनियर डिप्टी मेयर की आपत्ति ले ली गई, लेकिन मानी नहीं गई।

मेयर वार्ड की हालत देखकर नाराज
कांग्रेसी मेयर रेनू डाबला के वार्ड नंबर 4 को चार भागों में बांटा गया है। कच्चा चमारिया रोड, राजेंद्र कॉलोनी, फतेहपुरी कॉलोनी, हनुमान कॉलोनी, खोखराकोट, पाड़ा मोहल्ला को अलग-अलग वार्ड में किया गया है। वार्ड का नक्शा देखकर मेयर नाराज हो गईं। थोड़ी देर तक तो उन्हें कुछ समझ में नहीं आया कि ये क्या हो गया है।

उपासना के वार्ड से कन्हेली बाहर, फ्रेंड्स कॉलोनी अंदर
कांग्रेसी पार्षद उपासना देवी के वार्ड नंबर आठ में बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर व कन्हेली गांव शामिल थे। अब कन्हेली गांव को बाहर कर दिया गया है। उसकी जगह फ्रेंड्स कॉलोनी को शामिल किया गया है। संभावना है कि कन्हेली गांव को अब अनिल कुमार के वार्ड 19 के साथ मिलाया जाएगा।

पूनम किलोई के वार्ड से पंजाबी बहुल इलाके बाहर, एससी बहुत अंदर
सूत्रों ने बताया कि पूनम किलोई के वार्ड के अंदर से पंजाबी बहुल इलाके शिवाजी कॉलोनी व चावला कॉलोनी को बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह अनिल के वार्ड 19 के पीजीआईएम कैंपस, एकता कॉलोनी, राजीव नगर व आनंद नगर को शामिल किया गया है। जबकि कमला नगर को दो भागों में बांटा गया है।

खुराना के वार्ड से भरत कॉलोनी बाहर
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह के वार्ड नंबर 10 से जाट बाहुल्य भरत कॉलोनी को बाहर कर दिया गया है। उनके वार्ड के अंदर किसी अन्य कॉलोनी को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि वार्ड पहले की काफी बड़ा था। जबकि अनीता मिगलानी के वार्ड से जवाहर नगर को बाहर करने की चर्चा है।

अब आगे क्या
निगम की तरफ से वार्डबंदी का ड्राफ्ट चंडीगढ़ भेज दिया है। अब चंडीगढ़ से शहरी निकाय विभाग निदेशक की तरफ से वार्डबंदी सार्वजनिक की जाएगी। इसके बाद तय समय सीमा के अंदर आम पब्लिक से सुझाव व आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद निगम वार्डबंदी को फाइनल कर देगा। अधिकारियों का कहना है कि इसमें एक माह से ज्यादा समय नहीं लगेगा।


वार्डबंदी के लिए गठित एडहॉक कमेटी की मीटिंग में मात्र मंजू हुड्डा ने गांवों को शहर से अलग वार्ड में शामिल करने के लिए लिखित में मांग की है। उनके सुझाव को ड्राफ्ट के साथ चंडीगढ़ भेज दिया है। इसके अलावा किसी ने कोई आपत्ति या सुझाव नहीं दिया। जल्द वार्डबंदी को नोटिफिकेशन के बाद फाइनल कर दिया जाएगा।
- डॉक्टर यश गर्ग, डीसी

संभावित वार्डबंदी में पूरी तरह से भेदभाव किया गया है। कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों का नक्शा पूरी तरह बदल दिया गया है। खुद उनके वार्ड को चार भागों में बांट दिया गया। सीनियर डिप्टी मेयर मंजु के वार्ड के बीचों बीच गोहाना रेलवे लाइन है। इस तरह के भेदभाव से वे क्षुब्ध हैं। आखिर क्या करें। जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके लिए कांग्रेसी पार्षदों के साथ जल्द मीटिंग करेंगे।

- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम

मैं तो बंद लिफाफे पर हस्ताक्षर कर आ गया
मैंने तो अपने वार्ड 15 का नक्शा भी नहीं देखा। शासन-प्रशासन पर पूरा भरोसा है। मैं तो बंद लिफाफे पर हस्ताक्षर करके आ गया हूं। अधिकारी कुछ गलत नहीं करेंगे।
- अजय जैन, भाजपा पार्षद
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